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शशि थरूर बोले- पीएम मोदी की हार का जश्न मनाना ठीक नहीं...

शशि थरूर बोले- पीएम मोदी की हार का जश्न मनाना ठीक नहीं...
Dec 27, 2025, 08:22 AM
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Posted By Preeti Kumari

कांग्रेस के नेता शशि थरूर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में छाए रहते है, पर इस बार वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन को लेकर विवादों में बने हुए है. उन्होंने कहा कि विदेश नीति भारतीय जनता पार्टी या कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारत देश की होती है. ऐसे में अगर प्रधानमंत्री हारते है तो यह देशभर की हार होगी, इसलिए पीएम मोदी की हार का जश्न मनाने का मतलब साफ है कि भारत की हार का जश्न मनाने जैसा ही है. थरूर ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के शब्दों को अपनाते हुए कहा, "अगर भारत मर गया, तो फिर कौन जिंदा रहेगा?"


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पाकिस्तान का जिक्र कर बोले थरूर


वहीं शशि थरूर ने पाकिस्तान का जिक्र कर कहा कि, "भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान तेजी से अपनी रणनीति में बदलाव कर रहा है. पहले ड्रोन,रॉकेट और मिसाइल हमले करने वाला पाकिस्तान अब हाइपरसोनिक मिसाइल पर जोर देने में लगा हुआ है. ये भारत पर छिप कर हमला करने की कोशिशों में लगा हुआ है, जिसे हम भारतवासियों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।" नहीं तो पाक इस नजरअंदाज का फायदा उठाने में जरा भी पीछे नहीं हटेगा. लेकिन सच तो यह है कि हमारे पड़ोसी देश के पास नाम मात्र की ताकत ही है, असली ताकत को पाकिस्तान की सेना के हाथ में है. इसी के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की खराब स्थिति की पोल खोलते हुए बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के होते हुए भी वहां की आर्थिक स्थिति इतनी बत्तर हो चुकी है कि वहां के निवासी एक-एक रोटी के लिए तरसते है. जिसके चलते पाकिस्तान भीख मांगने को तक तैयार है. जिससे ये साफ होता है कि वो अंतरराष्ट्रीय मदद पर पुरी तरह से निर्भर हो चुका है.


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"भारत दूसरे देशों की मदद करने में सक्षम"


इस दौरान कांग्रेस नेता थरूर ने बताया कि वैश्विक समीकरण तेजी से बदल रहा हैं. ऐसे में ये सवाल उठता है कि अनियंत्रित खतरों से कैसे निपटा जाए?. बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते भारत के लिए एक नई चुनौती हैं. इसी बीच पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से अलग करने की धमकियां भी मिल रही हैं. बात करें पड़ोसी देश पाकिस्तान की तो इसकी खुफिया एजेंसी ISIS इतनी शातिर है कि वो पहले भी बांग्लादेश का फायदा उठाकर भारत को चोट पहुंचाती रही है.


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ऐसे में ग्लोबल साउथ इसमें हमारी मदद कर सकता है. क्योंकि, तकनीकी मजबूती, साइबर स्पेस से लेकर अंतरिक्ष तक हम तरक्की कर रहे हैं, साथ ही अन्य देशों की भी हर संभव मदद को पूरी करने में भी हमारा भारत देश काफी सक्षम हैं.

वाराणसी में होटल बुकिंग कैंसिल कराना पड़ा महंगा, फर्जी कस्टमर केयर ने पर्यटक से लाखों ठगे
वाराणसी में होटल बुकिंग कैंसिल कराना पड़ा महंगा, फर्जी कस्टमर केयर ने पर्यटक से लाखों ठगे
वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आए रांची के एक पर्यटक को होटल की बुकिंग कैंसिल कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजना भारी पड़ गया, साइबर ठगों ने फर्जी कस्टमर केयर के जरिए उनसे करीब 5.13 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली. पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है.जानकारी के अनुसार, रांची निवासी रवींद्र प्रसाद सिंह 23 अगस्त को पत्नी के साथ वाराणसी पहुंचे थे, उन्होंने एक होटल में कमरा बुक कराया था. बुकिंग कैंसिल कराने के लिए जब उन्होंने होटल के रिसेप्शन से मदद मांगी तो उन्हें बताया गया कि बुकिंग अगोडा ऐप के जरिए हुई है और कैंसिलेशन के लिए कस्टमर केयर से संपर्क करना होगा, इसके बाद गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर उन्हें दिया गया.पीड़ित ने उस नंबर पर संपर्क किया तो ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए एक फाइल का लिंक भेजा. लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से करीब 5 लाख 13 हजार रुपये निकल गए, ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई.ALSO READ: मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठनसाइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को गूगल या सोशल मीडिया पर मिले अनजान कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहने की सलाह देती हैं. I4C ने भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइट, कस्टमर केयर और ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने को कहा है.
रातभर बारिश के बाद काशी में निकले मेयर, बोले- अब जल्दी निकल जाता है पानी
रातभर बारिश के बाद काशी में निकले मेयर, बोले- अब जल्दी निकल जाता है पानी
वाराणसी. शहर में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह मेयर अशोक तिवारी ने कई इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने जलभराव की स्थिति देखी और नगर निगम की तैयारियों का जायजा लिया. मेयर ने कहा कि पिछले दो साल में जलभराव वाले प्रमुख स्थानों पर काफी काम किया गया है, जिसका असर अब बारिश के दौरान दिखाई दे रहा है.मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि पहले आंध्रापुल, तेलियाबाग, कबीरचौरा, गुरुबाग, महमूरगंज, लंका और सामनेघाट समेत कई इलाकों में बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या रहती थी. नगर निगम और जलकल विभाग की टीम ने इन स्थानों पर लगातार काम किया है.उन्होंने कहा कि तेज बारिश होने पर कुछ जगहों पर आधे घंटे से 45 मिनट तक पानी जरूर जमा होता है, लेकिन अब पानी ज्यादा देर तक नहीं रुकता और जल्द ही निकल जाता है. रातभर बारिश होने के बावजूद फिलहाल शहर में बड़े स्तर पर जलजमाव देखने को नहीं मिल रहा है.ALSO READ : मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठनमेयर ने कहा कि नगर निगम की पूरी टीम और जलकल विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. काशी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं पर सभी की नजर रहती है। बारिश के दौरान किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिए टीम लगातार मौके पर काम कर रही है.
मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
वाराणसी: कबीरचौरा जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन किया गया है, यह समिति स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित करेगी, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें.समिति के अध्यक्ष डा. संजीव वर्मा होंगे, अन्य सदस्यों में डा. अलका सिंह, डा. आरएन सिंह, जोगेंद्र सिंह और विजयलक्ष्मी सिंह शामिल हैं, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष सिंह सेंगर का कहना है, कि इस समिति के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा.चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और अन्य मरीजों का इलाज होता है. कभी-कभी दवाइयों की उपलब्धता, स्टाफ के व्यवहार, सफाई या अन्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें आती रहती हैं,अब इन शिकायतों को सीधे समिति के समक्ष रखा जा सकेगा, समिति नियमित बैठकें कर शिकायतों की समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.ALSO READ: पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिसग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक करने से लोगों में विश्वास बढ़ेगा और वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं रख सकेंगे.