शशि थरूर बोले- पीएम मोदी की हार का जश्न मनाना ठीक नहीं...

कांग्रेस के नेता शशि थरूर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में छाए रहते है, पर इस बार वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन को लेकर विवादों में बने हुए है. उन्होंने कहा कि विदेश नीति भारतीय जनता पार्टी या कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारत देश की होती है. ऐसे में अगर प्रधानमंत्री हारते है तो यह देशभर की हार होगी, इसलिए पीएम मोदी की हार का जश्न मनाने का मतलब साफ है कि भारत की हार का जश्न मनाने जैसा ही है. थरूर ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के शब्दों को अपनाते हुए कहा, "अगर भारत मर गया, तो फिर कौन जिंदा रहेगा?"

पाकिस्तान का जिक्र कर बोले थरूर
वहीं शशि थरूर ने पाकिस्तान का जिक्र कर कहा कि, "भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान तेजी से अपनी रणनीति में बदलाव कर रहा है. पहले ड्रोन,रॉकेट और मिसाइल हमले करने वाला पाकिस्तान अब हाइपरसोनिक मिसाइल पर जोर देने में लगा हुआ है. ये भारत पर छिप कर हमला करने की कोशिशों में लगा हुआ है, जिसे हम भारतवासियों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।" नहीं तो पाक इस नजरअंदाज का फायदा उठाने में जरा भी पीछे नहीं हटेगा. लेकिन सच तो यह है कि हमारे पड़ोसी देश के पास नाम मात्र की ताकत ही है, असली ताकत को पाकिस्तान की सेना के हाथ में है. इसी के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की खराब स्थिति की पोल खोलते हुए बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के होते हुए भी वहां की आर्थिक स्थिति इतनी बत्तर हो चुकी है कि वहां के निवासी एक-एक रोटी के लिए तरसते है. जिसके चलते पाकिस्तान भीख मांगने को तक तैयार है. जिससे ये साफ होता है कि वो अंतरराष्ट्रीय मदद पर पुरी तरह से निर्भर हो चुका है.

"भारत दूसरे देशों की मदद करने में सक्षम"
इस दौरान कांग्रेस नेता थरूर ने बताया कि वैश्विक समीकरण तेजी से बदल रहा हैं. ऐसे में ये सवाल उठता है कि अनियंत्रित खतरों से कैसे निपटा जाए?. बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते भारत के लिए एक नई चुनौती हैं. इसी बीच पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से अलग करने की धमकियां भी मिल रही हैं. बात करें पड़ोसी देश पाकिस्तान की तो इसकी खुफिया एजेंसी ISIS इतनी शातिर है कि वो पहले भी बांग्लादेश का फायदा उठाकर भारत को चोट पहुंचाती रही है.

ऐसे में ग्लोबल साउथ इसमें हमारी मदद कर सकता है. क्योंकि, तकनीकी मजबूती, साइबर स्पेस से लेकर अंतरिक्ष तक हम तरक्की कर रहे हैं, साथ ही अन्य देशों की भी हर संभव मदद को पूरी करने में भी हमारा भारत देश काफी सक्षम हैं.



