शेख हसीना की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- युनुस सरकार में कट्टरपंथी ताकतें मजबूत

बांग्लादेश इन दिनों हिंसा की आग में झुलस रहा है. इस हिंसा की वजह इंकलाब मंच के प्रवक्ता और कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या है. जिसके चलते कुछ उपद्रवी बांग्लादेश के कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे है. इसी स्थिति ने कुछ दिनों से बांग्लादेश का माहौल खराब कर रखा है. बेकाबू हुई ये स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि कोई ना कोई इन कट्टरपंथियों का निशाना बन रहा है. लेकिन अब राजधानी ढाका में हुई हिंसा पल भर में गोलीकांड में बदल गई. जहां हाई-प्रोफाइल BNP के एक नेता पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई है. दरअसल, कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी यानी (NCP) के नेता पर हमला बोल दिया. जिसे लेकर बताया जा रहा है कि, ये गोली सीधा BNP के खुलना डिविजनल हेड मोतालेब सिकदर के सिर में जा लगी. जो गंभीर रूप से घायल हो गये, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

"बंगाल उपद्रवियों पर नहीं हो रही कार्रवाई"
आपको बता दें कि, जिस कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की बांग्लादेश हिंसा में मौत हुई वो अपने भारत-विरोधी बयानों के लिए काफी मशहूर था, जो साल 2024 में हुए छात्र विद्रोह के दौरान चर्चाओं में छाया हुआ था.वहीं नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से फैले हिंसक प्रदर्शनों को देख पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार मोहम्मद यूनुस पर आगबबूला हो उठी. जहां हसीना ने आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश की जिस अराजकता वाली स्थिती ने उनकी सरकार को गिराया था, आज वहीं मोहम्मद यूनुस के शासन में इतनी बढ़ चुकी है कि किसी को जिंदा जलाया जा रहा है तो किसी की दिन दहाड़े हत्या कर दी जा रही है. इतना ही नहीं शेख हसीना ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोहम्मद यूनुस के शासन में बंगाल हिंसा कई गुना बढ़ चुकी है. जिस पर एक्शन के बजाय यूनुस सरकार दिलचस्पी लेती नजर आ रही है. क्योंकि हिंसा को फैलाने वाले कोई मामूली लोग नहीं बल्कि यूनुस सरकार के चरमपंथी है, तभी तो ये अंतरिम सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई तक करती नजर नहीं आ रही हैं.

हसीना के निशाने पर यूनुस सरकार
इसी के आगे शेख हसीना ने करारा जवाब देते हुए यह तक कह दिया कि दोष सिद्ध आतंकवादियों को जेल से रिहा कराने के लिए इन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन आज जब बांग्लादेश की बद से बत्तर स्थिति को संभालने का वक्त आया तो मोहम्मद यूनुस शक्तिहीन हो चुके है. इसलिए बड़े ही अफसोस के साथ ये कहना पड़ रहा है कि ये व्यक्ति राजनेता नहीं हैं, क्योंकि इसे देश चलाने का कोई अनुभव नहीं है।. हालांकि उनकी ये घिनौनी हरकत पड़ोसी देश के साथ अच्छे संबंधों को खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं.



