चंद्र ग्रहण पर आज पूरे दिन रहेगा सूतक, जानें क्या करें और क्या न करें

Chandra Grahan 2026: आज 3 मार्च मंगलवार को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण सुबह 06:20 बजे से ही शुरू हो चुका है. इस चंद्र ग्रहण के सूतक काल की 9 घंटे पहले ही शुरूआत हो चुकी है. जिसमें सभी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. सनातन परंपराओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण या फिर किसी की मृत्यु और जन्म के समय सूतक लगने की मान्यता है. यह सूतक काल वह अशुद्धि का समय होता है, जिसमें पूजा-पाठ से लेकर शुभ कार्यों की मनाही होती है. आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसका सूतक काल प्रात:काल 6 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ हुआ है. यह सूतक काल आज पूरे दिन चंद्र ग्रहण के समाप्त होने तक रहेगा. ऐसे में सवाल उठता है कि जिस सूतक काल को मांगलिक कार्य आदि के लिए अशुभ माना गया है, उसमें आखिर दोष से बचने के लिए क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए.

चंद्र ग्रहण के सूतक काल में भूलकर भी न करें ये काम
हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को देवी-देवताओं की मूर्ति की पूजा और उनका स्पर्श आदि नहीं करना चाहिए.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को भोजन नहीं पकाना चाहिए और नही पूर्व रखे हुए भोजन को करना चाहिए. हालांकि यह नियम रोगी, गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर नहीं लागू होता है.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति पके हुए भोजन की जगह फल आदि का सेवन कर सकता है.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को यदि आवश्यक न हो तो ग्रहण खत्म होने तक घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को किसी भी प्रकार का शुभ या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को बाल-दाढ़ी आदि नहीं कटवाना चाहिए.
चंद्र ग्रहण के सूतक के दौरान किसी नये कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए.
चंद्र गहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को भूलकर भी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए ओर न ही किसी के प्रति बुरे विचार लाने चाहिए.

चंद्र ग्रहण के सूतक में क्या करें
हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद यदि संभव हो तो व्यक्ति को अपने आराध्य देवी-देवता के मंत्र का जप किसी पवित्र स्थान पर बैठकर करना चाहिए.
सूतक काल को किसी भी मंत्रों के जप के लिए अत्यंत ही फलदायी माना गया है. मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप कई गुना ज्यादा पुण्य प्रदान करता है.
चंद्र ग्रहण के सूतक काल में भगवान विष्णु और चंद्र देवता के मंत्र का अधिक से अधिक जप करना शुभ फल प्रदान करता है.

जाने चंद्र ग्रहण का कहां दिखेगा असर
यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में दिखाई देगा. यह ग्रहण अधिकांश उत्तर समेत दक्षिण अमेरिका और प्रशांत महासागर में नहीं दिखाई देगा. जिन स्थानों पर चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा वहां पर सूतक मान्य नहीं होगा.
सूतक के जानिए ये नियम
गरुड़ पुराण, स्कन्द पुराण तथा धर्मसिन्धु में ग्रहण से जुड़े नियम बताए गये हैं. जिसके अनुसार, इसमें भोजन करना, भोजन पकाना, सोना, शुभ कार्य करना, देव प्रतिमा का स्पर्श करना, तेल-मालिश करना, बाल-नाखून काटना, शारीरिक संबंध बनाने जैसे कार्य वर्जित हैं.

ग्रहण के समय क्या करना चाहिए
हिंदू धर्म से जुड़े शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान मंत्र का जप अत्यंत ही शुभ माना गया है. ऐसे में इस दौरान व्यक्ति को गायत्री, महामृत्युंजय मंत्र, भगवान विष्णु या भगवान शिव के मंत्र अथवा अपने आराध्य देवी-देवता का ध्यान करते हुए उनका स्मरण और उनके मंत्र का जप करना चाहिए. मान्यता है कि ग्रहण में जप और दान करने से उसका करोड़ गुना फल मिलता है.
चंद्र ग्रहण के समय भोजन को लेकर क्या नियम है
हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान न तो भोजन बनाना चाहिए और न ही खाना चाहिए. चंद्र ग्रहण से पहले यदि कुछ भोजन बना हो तो उसमें तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. ग्रहण के दौरान बच्चे, वृद्ध, रोगी आदि को भोजन करने की छूट होती है.

चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें
चंद्र ग्रहण के खत्म होने के बाद व्यक्ति को स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए और पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए. इसके बाद देवी-देवताओं को स्नान आदि कराने के बाद उनका विधि-विधान से पूजा करना चाहिए. साथ ही साथ यथा संभव अन्न और धन आदि का दान करना चाहिए.



