दालमंडी में ध्वस्तीकरण की सबसे बड़ी कार्रवाई, छह मकानों पर वीडीए ने एक साथ लगाया हाथ

वाराणसी : दालमंडी गली चौड़ीकरण परियोजना रफ्तार पकड़ ली है. इसके तहत मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज़ी से जारी रही. सरकार द्वारा दालमंडी को 17.05 मीटर चौड़ा करने के लिए कुल 187 मकानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से अब तक 11 मकानों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और 7 मकान पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं. मंगलवार को 12वें मकान में ध्वस्तीकरण की शुरुआत की गई. आज कुल 6 मकानों को खाली कराने की मुनादी के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई प्रस्तावित है.

दालमंडी में वीडीए से अवैध घोषित मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है. इसके अलावा पूर्व में तोड़े गए भवनों का मलबा हटवाने का काम जारी है. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे. पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में टीम ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई. छह भवन जो वीडीए द्वारा चिन्हित किए गए हैं, सभी भवनों को एक साथ तोड़ा जा रहा है.
इस कार्रवाई की निगरानी के लिए मौके पर शिवहरि मीणा, डीआईजी, भारी पुलिस बल के साथ स्वयं पहुंचे. सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. कार्रवाई के दौरान गौरव बंसवाल, सरवणन टी, अतुल अंजान त्रिपाठी और आलोक वर्मा भी मौके पर मौजूद रहे.

दालमंडी में सबसे पहले मकान संख्या CK 43/172 पर मजदूरों को चढ़ाया गया. मकान मालिक द्वारा वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला लंबित होने की बात कही गई, लेकिन प्रशासन ने दस्तावेजों के आधार पर आपत्ति अस्वीकार करते हुए ध्वस्तीकरण शुरू करा दिया. इस मकान में 12 कर्मचारी तोड़फोड़ कार्य में लगाए गए हैं. इसके बाद मकान संख्या CK 43/141 पर कार्रवाई शुरू की गई. यह मकान हाल ही में रजिस्ट्री के बाद खाली कराया गया था, जिसके चलते बिना किसी अवरोध के ध्वस्तीकरण किया गया.
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कुछ ही देर बाद मकान संख्या CK 69/25 पर भी पीडब्ल्यूडी की टीम ने काम शुरू कर दिया. मकान मालिक द्वारा रजिस्ट्री को लेकर आपत्ति जताई गई, लेकिन प्रशासन ने रजिस्ट्री पूर्ण होने की पुष्टि करते हुए कार्रवाई जारी रखी.
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना जनहित और यातायात सुधार से जुड़ी है, और किसी भी प्रकार की बाधा को नियमों के अनुसार दूर किया जाएगा. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है.



