वाराणसी में संत रविदास के प्राकट्योत्सव का निखरा रंग, आज पहुंचे धर्मगुरु

वाराणसी : संत रविदास के प्राकट्योत्सव का रंग सीर गोवर्धन में निखर गया है. देश-विदेश के अनुयायियों का रेला उमड़ने लगा है. रैदासिया समुदाय के धर्मगुरु संत निरंजन दास महाराज शुक्रवार की शाम काशी पहुंचे.उनके साथ करीब दो हजार अनुयायी भी आये हैं. एक सप्ताह पहले से ही संत रविदास के प्राकट्योत्सव में शामिल होने के लिए अनुयायियों और सेवादारों के आने का सिलसिला जारी है. करीब दो किमी में मेला क्षेत्र फैला हुआ है. खानपान, घरेलू सामग्री के अलावा शृंगार की सामग्री की दुकानें सजी हैं. जगह-जगह संगत गुरुवाणी में मगन है.

श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट सीरगोवर्धन के ट्रस्टी निरंजन चिमा ने बताया कि महाराज जी शुक्रवार को मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे. 31 जनवरी को मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और लगे टेंटों में जाएंगे और अनुयायियों को दर्शन देंगे. 30 वातानुकूलित कमरों का लोकार्पण करेंगे. एक फरवरी को प्राकट्योत्सव पर मंदिर में पूजन अर्चन के साथ ही सत्संग में विचार रखेंगे. दो फरवरी को को दोपहर में रवाना हो जाएंगे.

25 साल से काशी आ रही है बेगमपुरा एक्सप्रेस
संत निरंजनदास महाराज 25 वर्षों से बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से काशी आते हैं. इस ट्रेन में सभी सुविधाएं रहती हैं. श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजर रणवीर सिंह ने बताया कि सन् 2002 से रेल मंत्रालय से बेगमपुरा ट्रेन की बुकिंग पांच दिनों के लिए होती है. इसमें 50 से 60 लाख रुपये खर्च होते हैं. यह ट्रेन जालंधर से वाराणसी आती है और दो दिन तक खड़ी रहती है. गुरु के प्राकट्योत्सव के अगले दिन महाराज जी संगत के साथ रवाना होते हैं.
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आज से ट्रैफिक एडवाइजरी लागू
संत रविदास जयंती पर 30 जनवरी से एक फरवरी तक आयोजित कार्यक्रमों के तहत यातायात पुलिस ने शहर में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है. शुक्रवार की सुबह 8 बजे से एक फरवरी की रात 12 बजे तक डायवर्जन जारी रहेगा. इस दौरान रविदास मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. रामनगर चौराहे से शहर की ओर आने वाले वाहन सामनेघाट पुल नहीं जाएंगे. इन्हें टेंगरा मोड़ होते हुए एनएच-19 की ओर भेजा जाएगा. सामनेघाट पुल से नगवा चौकी की ओर जाने वाले वाहन हरसेवानंद पब्लिक स्कूल की ओर डायवर्ट होंगे.



