बादलों की वापसी का दौर, थमेगी बारिश, गिरेगा पारा

वाराणसी - पूर्वांचल में रह रहकर चार दिनों से हो रही बरसात का रुख अब थमने की ओर है. मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार अब बादलों की वापसी का दौर शुरू होने लगा है. फिलहाल पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश से बादलों की विदायी हो चुकी है. इसके बाद अब पूर्वांचल से बादलों की विदायी का दौर शुरू होने जा रहा है.
वाराणसी में शुक्रवार की रात भर बूंदाबांदी के बाद शनिवार को सुबह भी बादलों की सक्रियता का दौर जारी रहा. आसमान पूरी तरह से बादलों की कैद में बना रहा और बारिश की फुहारों से शहर भीगता रहा. हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही बादलों की सक्रियता का दौर थमने लगा और बूंदाबांदी पर दोपहर तक विराम लग गया. इसके साथ ही हवाएं भी थमने लगीं और मौसम खुशनुमा होता चला गया.
ऐसा रहा तापमान
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 24.8°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 6.9 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान 21.0°C डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा. जबकि इस दौरान 000.7mm तक बारिश दर्ज की गई है. आर्द्रता अधिकतम 95% और न्यूनतम 93% दर्ज की गई. मौसम विभाग ने रविवार को भी बादलों की मामूली सक्रियता का संकेत दिया है. हालांकि बारिश की संभावना अब कम ही है.

फसलों पर मार
प्रकृति की मार से किसान परेशान हो उठा है. दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश से खेतों में काटकर रखी धान की तैयार फसलें जलमग्न हो गई हैं. मिर्जामुराद, कल्लीपुर, बेनीपुर, नागेपुर, मेंहदीगंज, भिखारीपुर, रखौना, खजुरी, प्रतापपुर, खालिसपुर, अमिनी, करधना, लालपुर, टोडरपुर, भोरकलां, छतेरी, ठठरा, बिहड़ा, पूरे, रूपापुर, वादीपुर, डंगहरिया, मोंगलावीर, कोर्री समेत विभिन्न गांवों में हो रही बारिश से किसान चिंतित और परेशान हैं.
प्रगतिशील किसान कमलेश सिंह, शार्दूल विक्रम सिंह, प्रदीप, धर्मेंद्र, सत्येंद्र आदि का कहना है कि बोझ बनाने के लिए खेत में काटकर छोड़ी गई धान की फसलें बारिश के पानी से डूब गई हैं. बारिश से फसलों को भारी क्षति पहुंची है. वहीं, चोलापुर क्षेत्र में भी धान की फसल तथा आलू व सब्जी की खेती को नुकसान पहुंचा है. मटर, सरसों, आलू सहित सब्जी की फसल भी प्रभावित हो रही है.
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