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कफ सिरप के काले धंधे की खुलने लगी परत दर परत, रडार पर शुभम का सीए, होगी पूछताछ

कफ सिरप के काले धंधे की खुलने लगी परत दर परत, रडार पर शुभम का सीए, होगी पूछताछ
Dec 04, 2025, 06:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - चर्चित कफ सिरप कांड की परत दर परत खुलने लगी है. कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार मुख्‍य आरोपित शुभम जायसवाल के पिता से पूछताछ में सोनभद्र पुलिस को अहम जानकारियां हासिल हुई हैं. सोनभद्र पुलिस टीम द्वारा कोलकाता से कफ सीरप तस्करी के मामले में भोला प्रसाद जायसवाल पुत्र रामदयाल, निवासी ए-924/जे, कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, आदमपुर, वाराणसी को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश भागने की तैयारी में था. पिफलहाल आरोपित को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया है.

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तस्‍करी का ठिकरा बेटे पर फोडा, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ


पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपित भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा यह बताया गया कि फर्म उनके नाम से पंजीकृत है, परंतु इसका संचालन उनका पुत्र शुभम जायसवाल करता था. आगे उन्होंने कहा कि नकली बिलिंग तथा फर्जी लेन-देन संबंधी समस्त गतिविधियाँ भी शुभम जायसवाल द्वारा ही की जाती थीं. भोला जायसवाल ने पुछताछ में बताया कि व्यापार का पूरा संचालन झारखंड स्थित गोदाम से किया जा रहा था. व्यापार का वित्तिय लेन देन का कार्य सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) विष्णु अग्रवाल द्वारा किया जाता था. इस संबंध में भी सोनभद्र एसआईटी द्वारा विष्णु अग्रवाल से अलग से पूछताछ की जायेगी. अभियुक्त के द्वारा बताये गये तथ्यों की जांच हेतु टीम द्वारा उचित कस्टडी रिमांड पर लिया जायेगा. अन्य जनपदों की पुलिस टीम द्वारा भी पूछताछ की कार्यवाही की जा रही है.


कफ सीरप बरामदगी का पूरा प्रकरण-


1. 18.10.2025 को सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से कुल 1,19,675 शीशी लगभग 3.50 करोड़ रुपयें की प्रतिबंधित कफ सीरप की शीशियाँ बरामद की गई थीं.

2. 01.11.2025 को झारखंड के रांची में 134 पेटी में करोड़ों की कुल 13400 अवैध कफ सिरफ की शीशियाँ बरामद की गई थीं.

3. 3/4.11.2025 की रात सोनभद्र व गाज़ियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में चार ट्रकों से 3.40 करोड़ रुपयें की प्रतिबंधित कफ सीरप तथा ₹20 लाख फंडिंग की नकदी बरामद की थी.



बैंक खाते फ्रीज


जांच से स्पष्ट हुआ कि भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से बड़े पैमाने पर कफ सीरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जनपदों में अवैध वितरण किया जा रहा था. एसआईटी जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी व सोनभद्र में लगभग ₹25 करोड़ के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें से अधिकांश फर्में धरातल पर अस्तित्वहीन पाई गईं. संलिप्त खातों को फ्रीज कराया गया है.

29.11.2025 को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज पर मु0अ0सं0 1191/2025 धारा318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)(A) भारतीय न्याय संहिता तथाधारा 27(A), 29 NDPS Act के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया.


जनपद जिनमें आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल वांछित था

1. जनपद चंदौली

2. जनपद जौनपुर

3. जनपद गाजीपुर

4. जनपद वाराणसी

वाराणसी में ‘झीलवाली हिमपुरी’ का अद्भुत नजारा, जलविहार झांकी में राधा-कृष्ण ने मोहा मन
वाराणसी में ‘झीलवाली हिमपुरी’ का अद्भुत नजारा, जलविहार झांकी में राधा-कृष्ण ने मोहा मन
वाराणसी : त्रिदेव मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनोखा संगम देखने को मिला, मंदिर परिसर में सजी ‘झीलवाली हिमपुरी’ ने भक्तों का मन मोह लिया. यहां 60 फीट चौड़ी झील के बीच कमल के फूलों और तैरते बतखों के बीच फूलों से सजे झूले पर श्रीराधा-कृष्ण की मनमोहक जलविहार झांकी सजाई गई.झांकी में ऐसा दृश्य बनाया गया, मानो श्रद्धालु वृंदावन की फूलों से सजी गलियों में पहुंच गए हों ,कोलकाता से आए कुशल मालियों ने चमेली, जूही, सफेद और गुलाबी कमल, रजनीगंधा, ऑर्किड और गुलाब की पंखुड़ियों से फूल बंगला तैयार किया, कामिनी और अशोक की पत्तियों से की गई सजावट ने इसकी खूबसूरती और बढ़ा दी.मंदिर परिसर में 300 से अधिक बर्फ की सिल्लियां बिछाई गईं, जिनके बीच से गुजरकर श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन किए, मुख्य मंडप में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी कराए गए.इसके अलावा राणी सती, सालासर हनुमान, प्रथमेश गणेश, खाटूश्याम, शिव परिवार, राम दरबार, मां लक्ष्मी और मां दुर्गा के विग्रह भी फूलों से सजे नजर आए.ALSO READ: गोपीराधा बालिका इंटर काॅलेज की बस पर हमला, छात्राओं से दुर्व्‍यवहाररंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की खुशबू से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया. जलविहार झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, इस भव्य आयोजन ने वाराणसी में वृंदावन की झांकी जैसा आध्यात्मिक और मनमोहक वातावरण बना दिया.
गोपीराधा बालिका इंटर काॅलेज की बस पर हमला, छात्राओं से दुर्व्‍यवहार
गोपीराधा बालिका इंटर काॅलेज की बस पर हमला, छात्राओं से दुर्व्‍यवहार
वाराणसी : स्‍कूल बस से स्‍कार्पियो में मामूली रगड़ को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया. रविन्द्रपुरी स्थित गोपीराधा बालिका इंटर काॅलेज के बस के कंडक्टर ने लंका थाने में अपहरण, रंगदारी और मारपीट सहित कई अन्य धाराओं में प्रार्थमिकी दर्ज कराई है. आरोप है कि 14 अगस्त को लंका थानाक्षेत्र के छित्तूपुर इलाके में एक स्कार्पियो से स्कूल बस रगड़ गई थी. जिस पर स्कार्पियो सवारों ने मारपीट और छात्राओं से दुर्व्‍यवहार किया. इसके बाद उसे उठा ले गए और स्कूल पहुंचकर ट्रांसपोर्ट मैनजेर को भी अगवा कर लिया. बाद में स्कार्पियो का डेंट सही करवाने के नाम पर पैसा भी वसूला.आरोप है की सभी के पास पिस्टल थी और वो बार-बार बिहार ले चलने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे. फिलहाल पुलिस संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है. गोपीराधा बालिका इंटर कालेज के बस संख्या UP65 LT 8727 के कंडक्टर सतीश यादव ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया - 14 अगस्त को मै रविशंकर राय के साथ 40 छात्राओं को स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें घर छोड़ने जा रहा था. बस जब लंका छित्तूपुर गेट के आगे शंकर जी मंदिर के पास पहुंची तो उसी समय सामने से एक तेज रफ्तार स्कार्पियो बस से रगड़ खा गई. जिसपर स्कार्पियो के ड्राइवर और अंदर बैठे व्यक्ति ने उतरकर भद्दी-भद्दी गाली देना शुरू किया और बस का शीशा तोड़ दिया.सतीश ने बताया- मैंने रोकने की कोशिश की तो वो बस में चढ़ आये और मुझे मारने लगे और मुझे उठाकर स्कार्पियो में बंद कर दिया.अपने साथ ले जाते समय दोनों यही कह रहे थे की पैसा दो डेंट का वरना तुम्हे जान से मार देंगे. इसके बाद मुझे पिस्टल दिखाकर धमकाया और कुछ देर स्कार्पियों में डालकर घुमाते रहे. उसके बाद स्कूल पहुंचे और वहां गार्ड, ट्रांसपोर्ट इंचार्ज और प्रबंधक से बदसलूकी की और ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को भी स्कार्पियो में डाल दिया और मारने लगे.ALSO READ: वाराणसी में एमएससी छात्रा की हत्‍या का एक आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ के दौरान पैर में लगी गोलीसतीश ने बताया- इसके बाद आरोपियों ने दोनों लोगों को मारा और पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और नदेसर जाकर कार के डेंट का पैसा मांगा और न देने पर बिहार ले जाकर मारने की धमकी दी और 7200 रुपए लिए. उसके बाद छोड़ा. लंका थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया- तहरीर मिलने पर थाने पर बीएनएस की धारा 281, 351(3), 352, 324(2), 115(2), 126(2), 127(2), 308(2) और 3(5) में केस दर्ज कर लिया गया है. सीसीटीवी फुटेज से घटना की जनकारी की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
एमएससी छात्रा श्रेया हत्‍याकांड में मुख्‍य आरोपी का साथी  गिरफ्तार, मुठभेड़ के दौरान पैर में लगी गोली
एमएससी छात्रा श्रेया हत्‍याकांड में मुख्‍य आरोपी का साथी गिरफ्तार, मुठभेड़ के दौरान पैर में लगी गोली
वाराणसी : जगतपुर महाविद्यालय की एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रेया उपाध्‍याय हत्‍याकांड में कमिश्‍नरेट की राजातालाब पुलिस और एसओजी को बड़ी कामयाबी हािसल हुई है. हत्‍या की साजिश में शामिल एक आरोपी को पुलिस ने सोमवार की सुबह मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पर फायरिंग कर भागने के दौरान जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया. उसे अस्पताल लाया गया.आरोपी की पहचान मऊ निवासी पुनीत मिश्रा के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपी श्रेया हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक चौबे का साथी निकला. जांच में पता चला कि श्रेया की हत्या के लिए मुख्‍य आरोपी विवेक चौबे ने 22 लाख रुपये देने का वादा किया था. हालांकि परिवार ने पुलिस की कहानी और आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया है. मुठभेड़ में घायल पुनीत मिश्रा के पास से पुलिस ने 315 बोर का असलहा, कुछ जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं. कार्रवाई के दौरान स्पलेंडर बाइक सवार एक अन्य अपराधी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया. पुलिस को यह सफलता सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद मिली.डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान ने बताया कि तकनीकी साक्ष्‍यों के आधार पर सामने आया कि वारदात के दौरान आरोपी पुनीत मिश्रा भी घटनास्‍थल पर मौजूद रहा. उसे मकान की छत पर टहलते हुए देखा गया था. इस संगीन घटना को अंजाम देने के बाद मुख्‍य आरोपी विवेक चौबे बाइक से अपने मामा के घर चुनार, मिर्जापुर भाग गया था जबकि आरोपी पुनीत कैब से निकला था. करीब 150 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस ने कैब चालक का पता कर लिया और कैब चालक द्वारा उपलब्‍ध कराए गए मोबाइल नंबर से पुनीत के बारे में पुलिस को अपडेट मिला. उधर, हत्यारोपी विवेक चौबे लगातार लोकेशन बदल रहा है. वारदात के चौथे दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं और तलाश जारी है. घटना के बाद से मुख्‍य आरोपी का मोबाइल बंद है. वह लगातार ठिकाने बदल रहा है. उसके रिश्तेदारों, परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. एसओजी समेत चार टीमें लगाई गई हैं. इसके बावजूद आरोपी का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है. आसपास के इलाकों में लगे करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है. कुछ फुटेज में आरोपी के दिखाई देने की बात सामने आई है. पुलिस अब घटना से पहले और बाद की उसकी गतिविधियों को जोड़कर संभावित रास्ते तलाश रही है.विवेक चौबे की तलाश आसपास के छह जिलों के अलावा दो राज्यों में भी की जा रही है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ जमीनी स्तर पर मिली जानकारी को जोड़कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.कालेज से घर नहीं लौटी श्रेयाराजातालाब थाना क्षेत्र के मरूई गांव निवासी सुनील उपाध्‍याय की एकलौती पुत्री श्रेया 18 अगस्त को घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी. शाम तक घर नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ के बाद पुलिस को सूचना दी गई. मोबाइल लोकेशन से बच्छांव का पता चला. इसी दौरान विवेक चौबे का नाम सामने आया. वह रोहनिया के बच्छांव में किराए के कमरे में रहता था और श्रेया से उसका पहले से परिचय बताया गया है.कमरे की चाबी मिली, ताला खोला तो बाथरूम में मिला शवपरिजनों ने विवेक के बारे में जानकारी जुटाई तो उसके ननिहाल मिर्जापुर के सीखड़ क्षेत्र के भुआलपुर गांव तक पहुंचे. वहां उसके नहीं मिलने पर कमरे की चाबी के बारे में जानकारी मिली. चाबी लेकर परिजन बच्छांव स्थित कमरे पर पहुंचे. ताला खोलते ही अंदर तेज दुर्गंध आई. बाथरूम में श्रेया का शव पड़ा मिला. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या की जांच शुरू की.नीट की तैयारी करना चाहती थी, घर से दूर भेजना नहीं चाहते थे माता-पितापरिजनों के मुताबिक, श्रेया नीट की तैयारी कर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती थी. माता-पिता उसे पढ़ाई के लिए बाहर भेजने के पक्ष में नहीं थे. इसके बाद उसने वाराणसी में जगतपुर पीजी कॉलेज में दाखिला लिया था. वह एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी. बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने देखे थे. अब उसी घर में मातम पसरा है. नीट की तैयारी कराने के बहाने विवेक उसके करीब आया था.ALSO READ: आर्केस्ट्रा संचालक के भाई पर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप, पुलिस जांच में जुटीश्रेया के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी भविष्य में परिवार की संपत्ति की उत्तराधिकारी होती. उनका आरोप है कि संपत्ति के लालच में आरोपी उससे शादी करना चाहता था और इनकार करने पर उसकी हत्या कर दी. पिता सुनील उपाध्याय ने कहा- हमने पास के ही गांव में श्रेया की शादी तय कर दी. सगाई हो गई और फरवरी- 2027 में शादी की तारीख रखी गई थी. इसके बाद विवेक आक्रामक हो गया. उसने श्रेया की मां को धमकी दी थी कि मैं भी देखूंगा कैसे शादी होती है.