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शुरू हुआ आशिकों के दिन, आखिर 7 फरवरी को ही क्यों मनाते है रोज डे?

शुरू हुआ आशिकों के दिन, आखिर 7 फरवरी को ही क्यों मनाते है रोज डे?
Feb 07, 2026, 06:35 AM
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Posted By Preeti Kumari

Rose Day 2026: आज 7 फरवरी से आशिकों का दिन यानि वैलेंटाइन वीक शुरू हो चुका है. प्यार भरे इस महीने में हर कोई अपने प्यार का इजहार करते है. आज वैलेंटाइन वीक का पहला दिन रोज डे के साथ स्टार्ट हो चुका है. रोज डे के साथ लोग अपने पार्टनर को लाल गुलाब देकर अपने प्यार का एहसास कराते हैं.


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क्यों खास है रोज डे


रोज डे के दिन से ही वैलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है. ये दिन प्रेमियों के लिये इतना खास होता है कि वो इस दिन का इंतजार पहले से ही रहता हैं. जैसे ही ये दिन आता है हर प्रेमी-प्रेमिका अपने प्यार भरे रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे को गुलाब का फूल देते हैं. अपने प्यार को गुलाब देने का मतलब भावनाओं की भाषा होती है. क्योंकि, कई रंगों के गुलाब अपने अलग-अलग भावों को जाहिर करते हैं.


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इसी के चलते आज रोज डे के दिन हर आशिक अपने प्यार को लाल फूल देकर इस बात को जाहिर करता है कि उसके दिल में उसके लिए फीलिंग और बेपनाह प्यार है. जो जन्मों-जन्मों का साथ चाहता है. लेकिन कुछ लोग बिना गुलाब दिये भी अपने प्यार का अपने तरीके से इजहार करते हैं. ऐसा कहा जाता है कि लाल गुलाब का फूल गहरे प्यार और रोमांस का प्रतीक माना जाता है.


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क्यों मनाते है रोज डे


फरवरी की 7 तारीख को रोज डे को मनाने का मकसद यह है कि, इससे वैलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है. इस दिन गुलाब के जरिए लोग बिना शब्दों के अपनी भावनाएं जाहिर करते हैं, साहित्य में भी गुलाब प्रेम का प्रतीक माना गया है. शेक्सपियर के नाटक रोमियो और जूलियट में जूलियट भी गुलाब देकर अपने उदाहरण से यह समझाती है कि नाम या पहचान बदलने से प्रेम की मिठास कम नहीं होती है. इतिहास के अनुसार, विक्टोरियन काल में लोग अपने स्नेह को व्यक्त करने के लिए गुलाब के फूल को एक-दूजे को देते थे. तभी से गुलाब प्यार की भाषा बन गया और 7 फरवरी को रोज डे के रूप में मनाया जाने लगा.

कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरी
कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरी
5 kg 'Chhotu' becomes costlier along with commercial LPG cylinder, know how much the price has increasedअमेरिका और ईरान के बीच चल रहे महायुद्ध का असर LPG सिलिंडर पर देखने को मिला. इस युद्ध के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर महामारी की स्थिति शुरू हो गई, जहां कड़ी मशक्कत के बाद जाकर किसी तरह गैस मिलती वो भी घंटों-घंटों भर लाइनों में लगना पड़ता, इतना ही नहीं, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में आज शुक्रवार से भारी बढ़ोतरी की गई है. इससे फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के व्यवसायों के लिए लागत बढ़ जाएगी, जबकि घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि,किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर की कीमत में भी तत्काल प्रभाव से 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी जानकारी के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, इससे आज से दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है, वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसका उपयोग देश भर में लगभग 33 करोड़ घरों द्वारा किया जाता है. यह बदलाव सिर्फ कमर्शियल और थोक LPG के लिए लागू होगा. जिनका भारत में कुल LPG खपत में बहुत कम हिस्सा है. घरेलू LPG, जो सब्सिडी वाला है और खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, उसे इस बदलाव से बाहर रखा गया है.सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी का असर बात करें 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में हुई इस भारी बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट, बड़े-बड़े बेकरी और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा, जो अपने रोजमर्जा के कार्यों के लिए कमर्शियल LPG पर निर्भर रहते हैं. उद्योग से जुड़े लोग अक्सर बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल देते हैं, जिसका असर आने वाले हफ्तों में भोजन और डाइनिंग की कीमतों में एक बड़े इजाफे के माध्यम के तौर पर देखने को मिलेगा. दूसरी ओर गैस की किल्लत और महंगाई की वजह से बड़े होटल, रेस्टोंरेट से लेकर पुटपाथ वाले ठेले के खान-पान भी काफी महंगे हो चुके है. जिसे आम जनता का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.घरेलू LPG के दामों में नहीं कोई बदलावकमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों की तुलना में सरकार ने घरेलू LPG के लिए एक संतुलित रवैया अपनाया है, ताकि, यह परिवारों के लिए किफायती बनी रहे. 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत पिछले कई महीनों से बढ़ाए नहीं गए है, जिससे महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं, 5 किलोग्राम वाला फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से छोटे प्रतिष्ठान और सीमित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, उसमें सब्सिडी नहीं दिया जाता है. इसकी कीमत बाजार दरों के करीब होती है, जिससे यह वैश्विक उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से लाखों की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से लाखों की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
Woman duped of Rs 13 lakh in the name of online trading, police investigatingवाराणसी: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से ठगी का मामला सामने आया है. भुक्‍तभोगी को मोटे मुनाफा का लालच देकर साइबर ठगों ने 13.10 लाख रुपये की ठगी कर ली. महिला ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शारदा विहार कॉलोनी, मीरापुर बसही निवासी पीड़िता स्वाति सिंह ने तहरीर में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया.आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज पीड़िता ने अलग-अलग तारीखों में चार किश्तों में 13 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. 20 अप्रैल को जब जमा राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित कंपनी ने नए-नए नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से इन्कार कर दिया. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ. पीड़िता ने मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई है. थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.बकाया दिलाने के नाम 91,997 की साइबर ठगीराजातालाब क्षेत्र के मिल्कीचक निवासी विपिन कुमार को भी अपराधी ने ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया. साइबर ठग ने मजदूरी का बकाया भुगतान दिलाने के नाम पर लिंक भेजकर उनके खाते से 91,997 रुपये निकाल लिए. पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है. विपिन कुमार पेशे से पेंटर है. तहरीर में बताया कि एक स्थान पर उनकी मजदूरी के 12 हजार रुपये बकाया थे. 29 अप्रैल को मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आई.Also Read: यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्टफोन कॉल करने वाले ने कहा कि बकाया राशि फोन पे से भेज दी जाएगी. कुछ देर बाद उनके वाट्सएप पर 12 हजार रुपये भेजने का स्क्रीन शॉट भी आया. पीड़ित ने जब अपना बैंक खाता चेक किया तो पैसा नहीं पहुंचा था. इस पर उन्होंने दोबारा उसी नंबर पर संपर्क किया. आरोपी ने उन्हें एक लिंक भेजते हुए कहा कि उस पर क्लिक कर रकम ले लें. जैसे ही विपिन ने लिंक पर क्लिक किया उनके खाते से चार बार में कुल 91,997 रुपये कट गए. पीड़ित ने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, जहां रकम निकालने की पुष्टि हुई. उन्होंने राजातालाब थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है. थाना प्रभारी दयाराम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
अधूरी तैयारी के साथ शुरू हुआ तेलियाना अंडरपास रोशनी और सुरक्षा का अभाव, जिम्मेदार कौन?...
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वाराणसी: जालालीपुरा स्थित तेलियाना फाटक को अधूरे निर्माण कार्य के साथ स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया गया है और आवगमन शुरू कर दिया गया. जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.फाटक पर न तो पर्याप्त लाइट की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम हैं. अंधेरे के कारण साइकिल सवारों, पैदल यात्रियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है.फाटक के आसपास लोहे के सरिए् खुले में पड़ी हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं.सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसी जगह पर खेलते हुए नजर आ रहे है, जिस कारण उनको चोट लगने और दुर्घटना होने की स्थिति साफ देखी जा सकती है.स्थानीय ने क्या कहा स्थानीय राहगीर आलोक पांडेय ने बताया कि फाटक पर काम अभी अधूरा है, इसके बावजूद इसे चालू कर दिया गया है, जो लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.वहीं राहगीर शंकर का कहना है कि अंदर से साइकिल पर आने में बड़ी दिक्कत होती है .चारों तरफ अंधेरा छाया रहता है चोरों उचकों का गिरोह भी सक्रिय रहता है .इलाके में आए दिन छिनैती और छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन यहां न तो पुलिस की गश्त है और न अंडरपास के अंदर लाइट की कोई व्यवस्था है.राहगीर यश पांडेय ने भी चिंता जताते हुए कहा कि फाटक के पास बिखरे लोहे के सरिए और अंधेरा बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है. उन्होंने बताया कि मोहल्ले के बच्चे अक्सर यहीं खेलते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.ALSO READ:नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....स्थानीय बच्चन यादव का कहना है कि इस फाटक के खुलने से जाम की समस्या से लोगों को राहत तो मिली है लेकिन शाम होते ही अंदर एक दम अंधेरा छा जाता है जिससे आने जाने में रोज डर लगता है.लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा करे उसके अंदर लाइट, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले हालात को सुधारा जा सके.