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खालिदा जिया के निधन से बदल गई बांग्लादेश की राजनीति

खालिदा जिया के निधन से बदल गई बांग्लादेश की राजनीति
Jan 03, 2026, 01:03 PM
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Posted By Preeti Kumari

बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का बीते 30 दिसंबर 2025 को निधन हो गया. बेगम खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी वहां पहुंचे हुए थे, एस. जयशंकर ने जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश सौंपा था. इस खत में पीएम मोदी ने शोक व्यक्त कर ये लिखा था कि, उनके जाने से बांग्लादेश की राजनीति में जो खालीपन है, उसे कभी कोई भर नहीं सकता है.


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लेकिन उनका विजन और विरासत हमेशा ही जिंदा रहेगा. 'मुझे यकीन है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के आपके काबिल नेतृत्व में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा और एक नई शुरुआत और भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और ऐतिहासिक साझेदारी को और बेहतर बनाने के लिए एक गाइडिंग लाइट की तरह काम करेंगे.


खालिदा के निधन से बदला बांग्लादेश की राजनीति


वहीं खालिदा के निधन के बाद से बांग्लादेश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरी तरह से अब खत्म हो चुका है. वह इस देश की सियासत की धुरी रहीं और अपनी कट्टर विरोधी शेख हसीना के साथ अपनी दुश्मनी को लेकर हमेशा से ही चर्चा में रही. मगर उनके राजनीतिक सफर में एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्होंने अपने मतभेदों को भुला दिया था, वो दौर ये था कि, उन्होंने जनरल एचएम इरशाद के तानाशाही शासन को खत्म करने में मदद करने के लिए शेख हसीना के साथ राजनीति मदभेदों को भुला दिया था और इसमें भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने अहम भूमिका निभाई थी.


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जाने हसीना और खालिदा के बीच कब पड़ी फूट


यह बात 1988 की है जब विवादित चुनावों के बाद जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद ने बांग्लादेश की सत्ता हथिया ली थी, ऐसे समय में शेख हसीना की आवामी लीग और खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बीच राजनीतिक फूट पड़ी थी. इसे देखते हुए भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ थोड़ी चिंतित रहने लगी, यह फूट तब भी बनी रही जब अवामी लीग, बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी सहित सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने चुनावों का बहिष्कार किया था.

वाराणसी में ऑटो चालक रहस्यमय हालात में लापता, 10 दिन बाद हत्या की आशंका
वाराणसी में ऑटो चालक रहस्यमय हालात में लापता, 10 दिन बाद हत्या की आशंका
वाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया सट्टी इलाके से एक 22 वर्षीय ऑटो चालक के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है.युवक बीते दस दिनों से घर नहीं लौटा है.परिजनों ने अब उसकी हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को लिखित तहरीर दी है.लापता युवक की पहचान सन्नी सोनकर (22) निवासी कोनिया सट्टी, आदमपुर के रूप में हुई है.सन्नी पेशे से ऑटो चालक था.दोस्तों के साथ निकला था युवक...परिजनों के अनुसार, 28 जनवरी को सन्नी के कुछ दोस्त उसके घर आए थे.उन्होंने बताया कि बिहार की ओर एक भाड़ा मिला है, जिसके बाद सन्नी उनके साथ चला गया. इसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा.पहले दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी कई दिनों तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने आदमपुर थाने में सन्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी.शनिवार को किसी परिचित के माध्यम से जानकारी मिली कि सन्नी के साथ मारपीट की गई और उसकी हत्या कर दी गई है. इस सूचना के बाद परिजन थाने पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए लिखित शिकायत दी.ALSO READ : सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगतिCCTV खंगाल रही पुलिस...मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी विमल मिश्रा जांच में जुट गए हैं.पुलिस ने कथित मारपीट स्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है.साथ ही परिजनों द्वारा बताए गए संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.हर पहलू से जांच पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
वाराणसी में प्रि‍ंसिपल पर छात्राओं संग छेड़खानी का आरोप, गुस्‍साए ग्रामीणों का प्रदर्शन
वाराणसी में प्रि‍ंसिपल पर छात्राओं संग छेड़खानी का आरोप, गुस्‍साए ग्रामीणों का प्रदर्शन
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिसौर में प्रिंसिपल पर कक्षा चार में पढ़ने वाली चार बच्चियों के साथ छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के बाद गुस्‍साए ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर दिया. ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए आरोपित को सजा देने की मांग की है. घटना शनिवार की बताई गई है, लेकिन रविवार को छुट्टी होने के कारण ग्रामीण कोई कार्रवाई नहीं कर पाए. इस बीच सोमवार को विद्यालय खुलने का इंतजार करते हुए लामबंद ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को पकड़ लिया और उसे प्रधानाध्यापक कमरे में बंद कर दिया. पुलिस मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने अश्‍लील वीडियो छात्राओं को दिखाया.सूचना के बाद पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एसीपी कैंट नितिन तनेजा, एसीपी रोहनिया संजीव शर्मा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. ग्रामीण हाथों में चप्पल की माला लिए हुए आरोपित को खुद के हवाले करने की मांग करते रहे. वहीं ग्रमीण नारेबाजी करते रहे.थाना प्रभारी रोहनिया राजू कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में न लें और स्कूल से बाहर निकल जाएं. एसडीएम सदर और खंड शिक्षा अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और लोगों को समझाने का प्रयास करते नजर आए.ALSO READ : सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगतिकैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने माइक पर लोगों को संयम और धैर्य रखने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी और आरोपित के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. इस घटना के बाद से विद्यालय में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
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