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न दैन्यं न पलायनम्... वनगमन ने भगवान श्री राम को बनाया मार्यादा पुरुषोत्‍तम

 न दैन्यं न पलायनम्... वनगमन ने भगवान श्री राम को बनाया मार्यादा पुरुषोत्‍तम
Apr 10, 2026, 10:17 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: भारतीय संस्कृति में भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा और संघर्ष का जीवंत उदाहरण माना जाता है. उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग बताते हैं कि व्यक्तित्व का निर्माण सुविधाओं से नहीं, बल्कि चुनौतियों और संघर्षों से होता है, इसी संघर्ष ने राम को सामान्य राजा नहीं, बल्कि ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ बनाया.


विशेषज्ञों और अध्येताओं के अनुसार, यदि राम बिना विरोध के अयोध्या का राजपाट संभाल लेते, तो उनके चरित्र में वह ऊँचाई और आदर्श रूप न उभर पाता जिसने आज तक उन्हें भारतीय मानस में स्थापित रखा है. वनगमन उनके जीवन का मोड़ था, जिसने उनके व्यक्तित्व को तपस्या, त्याग और धैर्य के मार्ग पर अग्रसर किया.


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वनगमन का प्रभाव: गुरु, साधु और जीवन-पथ के संकेत


वनगमन के दौरान राम की पहली महत्वपूर्ण मुलाकात प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज से होती है, जहाँ उन्हें जीवन के कई प्रश्नों के उत्तर मिलते हैं। आगे मार्ग में महर्षि वाल्मीकि ने उन्हें निवास के बारे में पूछे जाने पर कहा—


“जिन्ह के कपट दम्भ नहीं माया,

तिन्ह के हृदय बसहु रघुराया।”


वाल्मीकि ने राम को बताया कि उनका वास्तविक निवास भक्तों के हृदय में है—परंतु केवल उन हृदयों में जो छल, दम्भ और अहंकार से मुक्त हों। यह संवाद भक्ति की मूल अवधारणा को प्रकट करता है कि प्रभु का वास कोमल और निर्मल मन में ही होता है.


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भक्ति का मूलाधार: निर्मल मन और निष्कपटता


रामचरितमानस के सुंदरकांड में भी भगवान राम स्वयं इस सिद्धांत की पुष्टि करते हैं—


“निर्मल मन जन सो मोहि पावा,

मोहि कपट छल छिद्र न भावा।”


अर्थात्—ईश्वर केवल उसी के हृदय में प्रवेश करते हैं जिसका मन निर्मल हो, जिसमें छल-कपट न हो।


भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्राथमिक योग्यता मन की पवित्रता मानी गई है। संत साहित्य में भी कहा गया है.


“कामी क्रोधी लालची, इनसे भगति न होय।

भगति करें कोई सूरमा, जाति-बदन कुल खोय।”


यह पंक्तियाँ स्पष्ट करती हैं कि भक्ति के लिए काम, क्रोध और लोभ का त्याग आवश्यक है। भक्ति में जाति, कुल, पद या प्रतिष्ठा का कोई अर्थ नहीं—सिर्फ़ मन की पवित्रता ही निर्णायक होती है.


गीता में भक्तियोग की महत्ता


भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग तीनों मार्गों का वर्णन किया है। लेकिन अध्याय 12 के प्रारंभ में वे स्पष्ट रूप से भक्तियोग को श्रेष्ठ बताते हैं। एकाग्र, निष्काम और सरल हृदय वाले भक्त को वे विशेष प्रिय बताते हैं.


स्वामी विवेकानंद ने भी अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘भक्ति योग’ में कहा है कि भक्ति सबसे सरल, सबसे मानवीय और सबसे व्यापक मार्ग है, जिसे किसी भी व्यक्ति द्वारा अपनाया जा सकता है.


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संत परंपरा: भक्ति से दिव्यता तक का मार्ग


भारतीय संत परंपरा भी भक्ति के इसी स्वरूप पर आधारित है।

मीरा बाई, नरसी मेहता, सूरदास, तुलसीदास जैसे महापुरुषों ने अपने निर्मल भक्तिभाव के द्वारा ईश्वर को प्राप्त किया। उनकी साधना का मूल तत्व केवल एक था—निष्कपट प्रेम और पूरी समर्पणशीलता।


विशेषज्ञ मानते हैं कि भगवान राम का जीवन यह संदेश देता है कि—

• संघर्ष व्यक्ति को महान बनाता है

• तप, त्याग और नैतिकता से ही आदर्श का निर्माण होता है

• और भक्ति का मूल आधार है निर्मल, निष्कपट तथा अहंकार-रहित मन


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राम का जीवन भारतीय सभ्यता को यह समझाता है कि आदर्श और मर्यादा कोई चमत्कार नहीं, बल्कि कठिनाइयों और आत्मशुद्धि से जन्म लेते हैं।

क्रमशः


इस आर्टिकल के लेखक विनोद कुमार तिवारी मुख्य आयकर आयुक्त (अवकाश प्राप्त) हैं.

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वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
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वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
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वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्ट
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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के 25 अक्टूबर को वाराणसी आगमन, भ्रमण एवं प्रस्थान के दृष्टिगत यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन एवं रोक संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है. अपर पुलिस उपायुक्त यातायात के अनुसार...प्रमुख प्रतिबंध और डायवर्जन -1. बसों का प्रवेश प्रतिबंधित:- हरहुआ ओवरब्रिज - बाबतपुर की तरफ से आने वाली समस्त रोडवेज व प्राइवेट बसों को VVIP आगमन से 3 घंटे पूर्व से कार्यक्रम समाप्ति तक ओवरब्रिज पर नहीं जाने दिया जायेगा, हरहुआ रिंग रोड चौराहा की तरफ डायवर्ट किया जायेगा.- जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ से आने वाली बसें - रिंग रोड हरहुआ, बावनबीघा, संदहा अण्डरपास से वापस कर दी जायेंगी.- चंदौली, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर से आने वाली बसें - शहर में प्रवेश प्रतिबंधित, टिकाना ढाबा, मोहनसराय से वापस.- भदोही से आने वाली बसों को परमपुर/सजोई अण्डरपास से वापस किया जायेगा.2. शहर के अंदर वन-वे/नो-एंट्री (VVIP आगमन से 1 घंटा पूर्व से)- गिलट बाजार तिराहा से पुलिस लाइन चौराहा की तरफ नो-एंट्री, शिवपुर चुंगी की तरफ डायवर्जन.- सेन्ट्रल जेल तिराहा से जेपी मेहता तिराहा की तरफ नो-एंट्री.- संदहा अण्डरपास से पुलिस लाइन की तरफ बंद, रिंग रोड पर डायवर्जन.- काली माता चौराहा से पुलिस लाइन, पाण्डेयपुर चौराहा से पुलिस लाइन की तरफ बंद.- पाण्डेयपुर, पचकोसी, कज्जाकपुरा ओवरब्रिज, गोलगड्डा, लहरतारा, आंगनबाड़ी, अमर उजाला, तिराहा तैलियाबाग, लकड़ीमंडी, गोलगड्डा तिराहा, नमोघाट, लाट भैरव पुलिस चौकी, भदऊ चुंगी, विश्वेश्वरगंज तिराहा से नमोघाट/गोलगड्डा की तरफ सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद.3. ऑटो और ई-रिक्शा पर रोक (सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक)- अम्बेडकर चौराहा, जेपी मेहता तिराहा, सर्किट हाउस, भोजूबीर, यूपी कालेज, गिलट बाजार तक ऑटो/ई-रिक्शा बंद.- पुलिस लाइन से पाण्डेयपुर से चौकाघाट चौराहा से गोलगड्डा, राजघाट तक ऑटो/ई-रिक्शा प्रतिबंधित.- सूजाबाद (पड़ाव) से चौकाघाट की तरफ ऑटो/ई-रिक्शा व दो-पहिया वाहन बंद, वैकल्पिक मार्ग - संदहा रिंग रोड, बलुआ पुल/विश्वसुन्दरी पुल, टेंगरा मोड़.4. राजघाट पुल:- सुबह 7 बजे से सभी मालवाहक वाहन बंद.- VVIP आगमन/प्रस्थान से 1 घंटा पूर्व वाहन एवं पैदल संचालन भी पूरी तरह प्रतिबंधित.यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने आम जनता से अपील की है कि वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अत्यंत आवश्यकता होने पर ही अतिरिक्त समय लेकर VVIP कार्यक्रम क्षेत्र की तरफ निकलें.ALSO READ : वाराणसी में दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता, गेंद में बंधे घुंघरू की आवाज से अंदाजा लगा गोल करेंगेहेल्पलाइन:ट्रैफिक कंट्रोल रूम: +91 7839856994ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर: +91 7317202020