मणिकर्णिका घाट से मिली मूर्तियां होंगी संरक्षित, डीएम बोले - मंदिर को नुकसान नहीं

वाराणसी : मणिकर्णिका घाट से मिलीं मूर्तियां और कलाकृतियां संरक्षित की जाएंगी. इनमें रानी अहिल्याबाई की मूर्ति भी शामिल है. डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं. इससे किसी मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचा है. पहले चरण में सीढि़यां बनवाई जा रही हैं. खोदाई के दौरान कुछ मूर्तियां और कलाकृतियां मिली हैं. इन्हें संरक्षित कराया गया है. घाट पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियां लगवाई जाएंगी. बतादें कि काशी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान विवाद खड़ा हो गया है. निर्माण कार्य के बीच 300 साल पुरानी मणि और प्राचीन मूर्ति टूटने के आरोप सामने आने के बाद पाल समाज के लोगों ने विरोध किया और नाराजगी जताई थी. घाट पर कार्यदायी संस्था द्वारा हाइड्रा मशीन से पक्के घाट के पत्थर हटाए जा रहे थे, जिन्हें ट्रैक में लोड कर नाव के जरिए गंगा पार भेजा जा रहा है. इसी दौरान मणि के क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद विरोध शुरू हो गया.
क्या है मणिकर्णिका पुनर्विकास प्रोजेक्ट
* सीएसआर फंड से 18 करोड़ रुपये की लागत
* कुल 29,350 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण
* दलदली मिट्टी के कारण 15–20 मीटर गहरी पाइलिंग
* जी+1 मॉडल पर घाट का विकास
* बाढ़ से सुरक्षा के लिए विशेष तकनीक
कैसा होगा नया मणिकर्णिका घाट
* 25 मीटर ऊंची चिमनी (राख के प्रसार को रोकने के लिए)
* 18 खुले दाह संस्कार प्लेटफॉर्म
* 5 कवर दाह संस्कार बर्थ
* पवित्र जलकुंड, प्रतीक्षा कक्ष, पंजीकरण कक्ष
* लकड़ी भंडारण क्षेत्र, अपशिष्ट ट्रॉलियां
* सामुदायिक शौचालय व मुंडन क्षेत्र
* चुनार और जयपुर के पत्थरों से निर्माण
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काम में आई तेजी
करीब 19 महीने पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट बाढ़ के कारण लंबे समय तक रुका रहा. वर्ष 2023 में पीएम मोदी द्वारा शिलान्यास के बाद अब एक बार फिर कार्य में तेजी लाई गई है. फिलहाल कार्य प्रगति पर है और पुरोहित व पाल समाज के लोग विरोध कर रहे हैं.



