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मौसम ने बदला रूख, ठंड ने दिखाना शुरू किया असर

मौसम ने बदला रूख, ठंड ने दिखाना शुरू किया असर
Dec 03, 2025, 07:25 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः देश में मौसम तेजी से बदल रहा है. एक ओर पहाड़ी राज्यों में जहां बर्फबारी हो रही है, वहीं दक्षिण भारत के कई इलाकों में दितवाह चक्रवात के असर से कई जगहों पर बारिश होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. दूसरी ओर मौसम विभाग ने बदले मौसम का रूख देखते हुए उत्तर भारत के 10 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. इसी कड़ी में वाराणसी में ठंड ने एक बार अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के साथ-साथ पछुआ हवा के चलने से तापमान में गिरावट होनी शुरू हो गई है. इसके चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने से ठिठुरन का अनुभव होने लगा है. वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से बदले मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान में लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी हो सकती है जिसके चलते भोर के समय कोहरा पड़ने की आशंका है.

हवाओं ने नमी को तेजी से किया कम



बता दैं कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पछुआ हवाओं का असर साफ तौर पर मंगलवार से पड़ना दिखाई दे रहा है जिसके चलते हवाओं ने नमी को तेजी से कम किया जिससे मौसम अधिक शुष्क हो गया है. इस कारण तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आती रही जिससे ठंड की ठिठुरन दिनभर महसूस की गई. बता करे बाबतपुर क्षेत्र की जहां अधिकतम तापमान एक डिग्री घटकर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान भी 0.5 डिग्री गिरकर 11.5 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं बीएचयू क्षेत्र में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. ।

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प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ेगी


बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव की माने तो पश्चिमी विक्षोभ का यह प्रभाव अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा. वही अगले दिनों में एक के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिनसे प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ेगी. इसकी वजह से दिसंबर की शुरुआत में सुबह के समय धुंध और हल्का कोहरा सामान्य परिस्थितियों से ज्यादा देखने को मिल सकता है. इसके चलते मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरते. साथ ही ठंड से बचने के लिए ज्यादा परते के कपड़ों संग गर्म कपड़ों का प्रयोग करें . इसके साथ ही कोहरा पड़ने पर वाहन चलाने से बचे. जरूरी हो तो वाहन की गति नियंत्रित रखें.


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सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में आयोजित किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 9 बजे होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी।दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत के प्रख्यात वैज्ञानिक, पद्मभूषण सम्मानित एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NSA) के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे। वे स्नातकों को संबोधित करते हुए दीक्षांत भाषण देंगे और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करेंगे।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के उपाधिधारियों को डिग्रियां एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान भी दिए जाएंगे।विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी समारोह में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे गरिमामय एवं भव्य रूप देने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।Also read : हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय देश के प्रमुख संस्कृत विश्वविद्यालयों में शामिल है। वर्ष 1791 में संस्कृत पाठशाला के रूप में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विश्वविद्यालय का यह 44वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति और शोध की समृद्ध परंपरा का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...
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वाराणसी: कमिश्नरेट की भेलूपुर पुलिस ने एटीएम में तकनीकी जुगाड़ के जरिए लोगों के रुपये पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर रुपये बाहर निकलने से रोक देते थे और ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद फंसे हुए कैश को निकालकर फरार हो जाते थे. पैसे की निकासी हो जाने से पीडित खुद को ठगा महसूस करते थे. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी फतेहपुर जनपद के रहने वाले हैं और पिछले कुछ समय से वाराणसी में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि हिताची पेमेंट सर्विसेज के चैनल एग्जीक्यूटिव सत्येंद्र शर्मा की शिकायत पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. 23 जुलाई की रात ककरमत्ता स्थित एसबीआई एटीएम में संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं. जांच में सामने आया कि कैश मशीन में फंसा नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से चोरी किया गया था.पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर बीएचयू कॉलोनी, बैजनत्था-बिरदोपुर क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु सिंह, आदर्श कुमार, सचिन कुमार, अभय राजपूत, राजकुमार और प्रिंस कुमार के रूप में हुई है. सभी की उम्र 18 से 24 वर्ष के बीच बताई गई है.also read:गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...जुगाड़ से देते थे घटना को अंजामपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर उसके ऊपर मोटा कागज और टेप चिपका देते थे. इससे मशीन से निकलने वाला कैश बाहर आने के बजाय प्लेट पर ही फंस जाता था. ग्राहक जब पैसे न निकलने की सोचकर वहां से चला जाता था, तब आरोपी प्लेट हटाकर कैश निकाल लेते थे. गिरोह आमतौर पर रात के समय सुनसान इलाकों में स्थित एटीएम को निशाना बनाता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹39,800 नकद, 4 लोहे की प्लेटें, 1 सफेद टेप और 1 काले रंग का मोटा कागज बरामद किया है. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...
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वाराणसी : गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर चलाए जा रहे गो सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण सोमवार 27 जुलाई को देशभर में एक साथ आयोजित किया गया. काशी में इस अभियान के तहत साधु संताें एवं गोभक्‍तों की सहभागिता से बुलडोज़र के साथ गो-सम्मान एवं गोरक्षा पदयात्रा निकाली गई. यात्रा के समापन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया. इस दौरान डीएम कार्यालय के पोर्टिको में प्रदर्शन किया और अपनी मांग उठाई.काशी में अभियान की शुरुआत शिवपुर मिनी स्टेडियम से गो-संकीर्तन यात्रा के साथ हुई. यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे. कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुजा. इसके उपरांत गोभक्त झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे.प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा.इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है. कहा कि यह अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी होगा. इस अवसर पर जिले के संत-महात्मा दिभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गोभक्त उपस्थित रहे.पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने बताया कि यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. यात्रा गोमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंची. उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार से गोहत्या निषेध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की गई. साथ ही गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित कुल 36 मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया.ALSO READ:दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि इन मांगों के समर्थन में देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है. अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में गो-संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार तक जनभावनाएं पहुंचाई जाएंगी. काशी में यात्रा के दौरान गोमाता के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया. उन्होंने कहा कि अभियान का अगला चरण अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की 5000 तहसीलों में पांच करोड़ से अधिक लोगों ने गोमाता के संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर कर केंद्र और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा था. बालक देवाचार्य ने बताया कि प्रथम चरण के दौरान उठाई गई मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है.