Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

नाबालिग मां को जल्द छुट्टी देने पर मचा हड़कंप, जांच में जुटी प्रशासनिक टीम

नाबालिग मां को जल्द छुट्टी देने पर मचा हड़कंप, जांच में जुटी प्रशासनिक टीम
Aug 28, 2025, 07:03 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसीः महज 15 साल की उम्र में मां बनी सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करने के कुछ ही घंटों बाद घर भेज दिए जाने के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. आर.एस. राम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम में डॉ. गोविंद प्रसाद, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. आरती दिव्या और डॉ. आर.के. यादव को शामिल किया है.





पीड़िता की मौसी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर और नर्सों ने इलाज में लापरवाही बरती. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने यह कहकर बच्ची को जल्दी घर भेज दिया कि "बच्चा ठीक है, अब क्या करेंगे यहां रखकर और मात्र दो घंटे बाद कुछ दवाएं देकर दोनों को वापस भेज दिया गया.



48 घंटे तक मां और नवजात को अस्पताल में रखना अनिवार्य


अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि सामान्य प्रसव के बाद 48 घंटे तक मां और नवजात को अस्पताल में रखना अनिवार्य है. सीएमएस का कहना है कि जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर स्वजन का कहना है कि पीड़िता की उम्र और मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को विशेष देखभाल करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.



नहीं आई एंबुलेंस, टेंपो से ले जाते समय रास्ते में हुआ प्रसव


मामले की शुरुआत सोमवार को तब हुई जब प्रसव पीड़ा के बाद पीड़िता के परिवार ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन आधे घंटे तक कोई मदद नहीं मिली. मजबूरी में उसे ऑटो से अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उसने एक बच्ची को जन्म दिया. पास के एक निजी क्लीनिक में प्राथमिक उपचार के बाद उसे पंडित दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया था.



सीएमओ को नहीं जानकारी, कहां है पीड़िता


दुष्कर्म पीड़िता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है. जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी से पीड़िता के हालचाल और ठिकाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पीड़िता अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती है. जबकि हकीकत यह है कि सोमवार को ही पीड़िता को अस्पताल से कुछ दवाएं देकर घर भेज दिया गया था. इस बयान से साफ हो गया कि विभाग को न तो पीड़िता की सही स्थिति की जानकारी है और न ही उसके स्वास्थ्य को लेकर कोई निगरानी की जा रही है. ऐसे संवेदनशील मामले में भी अधिकारियों की अनभिज्ञता कई सवाल खड़े करती है.



Also Read : देव दीपावली एवं गंगा महोत्संव को लेकर बड़ा एलान, प्रांतीय मेला का देंगे रूप


दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में पुलिस तैनात, लापरवाह पुलिसकर्मियों की जांच शुरू


नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा के लिए पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है.अब दो हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल को उसकी सुरक्षा में तैनात किया गया है. किशोरी फिलहाल अपनी नवजात बच्ची के साथ अपने मामा के घर रह रही है. प्रसव के समय जब परिजनों ने पुलिस से मदद के लिए फोन किया था और कोई सहयोग नहीं मिला, उस लापरवाही की भी अब जांच शुरू हो गई है.




Also Read : जरूरतमंदों के लिए नई उम्मीद बनी ‘अन फीडिंग वर्ल्ड’ की फ्री सहायता योजना


बुधवार को एडीसीपी वरुणा नीतू और एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह ने पीड़िता से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिया.


इस सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार अन्य की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है.

वाराणसी कैंट स्‍टेशन पर करोड़ों का सोना बरामद, अफ्रीका से बांग्‍लादेश के रास्‍ते तस्‍करी
वाराणसी कैंट स्‍टेशन पर करोड़ों का सोना बरामद, अफ्रीका से बांग्‍लादेश के रास्‍ते तस्‍करी
वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएएफ, जीआरपी और सीआईबी की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. टीम ने राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से 3 करोड़ रुपये से अधिक का सोना बरामद किया है. इस संबंध में दो तस्करों को भी गिरफ्त में लिया गया है. इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए जीआरपी आईजी ने बताया कि यह सोना अफ्रीका से लाया गया है और बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल से भारत में पहुंचा. इसकी डिलीवरी दिल्ली में करनी थी.दो किलो से अधिक सोना बरामदजानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 20503 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में जांच के दौरान आरपीएफ, सीआईबी और जीआरपी की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम की संयुक्त कार्रवाई में प्लेटफार्म नंबर 5 पर खड़ी राजधानी एक्सप्रेस से दो लोगों को 2.215 किलोग्राम सोने के साथ दबोचा गया है. मामले का खुलासा करते हुए आईजी जीआरपी एन कोलांची ने बताया कि यह सोना अफ्रीका का है, जिसे बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल में तस्करी कर लाया गया था.गिरफ्तार हुए तेजस बालासाहेब पवारउन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के रहने वाले बालासोर और तेजस बालासाहेब पवार को गिरफ्तार किया गया है. दोनों के पास से 116 ग्राम के 19 सोने के बिस्कुट बरामद हुए हैं, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3.54 करोड़ रुपये है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्करों में से एक छात्र है और उनकी तस्करी का तरीका भी अनोखा था. इन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि माल की डिलीवरी किसे देनी है.ऐसे होती थी तस्करीआईजी जीआरपी ने बताया कि आरोपी पश्चिम बंगाल से सोने की तस्करी कर दिल्ली डिलीवरी करने वाले थे. हालांकि, इन्हे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह सोना दिल्ली में किसे देना है. उन्होंने बताया कि इन्हें एक फोन दिया जाता था और उसी के जरिए उनसे कोऑर्डिनेशन होता था. दिल्ली में पहुंचने से पहले इनका फोन आता और बताया जाता है कि यह सोना किसे देना था। इसके साथ ही फोन को भी उसी व्यक्ति को सौंप देना होता है.
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का निधन, शहर के व्यापरियों में शोक की लहर
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का निधन, शहर के व्यापरियों में शोक की लहर
वाराणसी: महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का शुक्रवार की सुबह हृदयाघात से निधन हो गया. व्यापारियों की समस्याओं के लिए हमेशा मुखर रहने वाले प्रेम मिश्रा के अचानक निधन से शहर के व्यापारियों और उद्यमियों में शोक की लहर है. समिति के संरक्षक आरके चौधरी और श्री नारायण खेमका ने अपूरणीय क्षति बताई.महामंत्री सनी जौहर ने जताया शोक महामंत्री अशोक जायसवाल, युवा अध्यक्ष सुजीत गुप्ता और राहुल मेहता ने कहा कि उन्होंने जीवन का हर पल व्यापारियों के हक, सम्मान और अधिकार की लड़ाई के लिए समर्पित किया. उनका सरल स्वभाव, संघर्षशील नेतृत्व और व्यापारियों के प्रति समर्पण हमेशा हम सभी के दिलों में जीवित रहेगा.रजनीश कन्नौजिया और सुरेश तुलस्यान ने कहा कि उनका जाना पूरे व्यापार समाज के एक मजबूत स्तंभ के टूट जाने जैसा है. उधर, वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के अध्यक्ष प्रमोद अग्रहरि और महामंत्री सनी जौहर ने भी शोक जताया.यह भी पढ़ें: IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमतिवाराणसी के तमाम व्‍यापार संगठनों ने भी महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्र के निधन काे अपूरणीय क्षति बताया. उनकी अंतिम यात्रा उनके निज निवास स्थान पिपलानी कटरा (संगीत गली) से शाम 5.30 बजे मणिकर्णिका घाट के लिए प्रस्थान करेगी.
IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमति
IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमति
वाराणसी: गहमागहमी के बीच बीएचयू में इस साल की पहली एकेडमिक काउंसिल की बैठक बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई. देर रात तक चली इस बैठक में कोर्स और नियमों को लेकर खूब बहस और तर्क प्रस्तुत किए गए. आईएमएस बीएचयू के सदस्यों ने अपने 90 फीसदी प्रस्तावों को पारित करा लिया. वहीं, क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी को सहमति बन गई है लेकिन आयुर्वेद की ओर से अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है.एलोपेथी में खोली जाएगी क्लीनिकल ऐसे में एलोपेथी में ही क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च यूनिट खोली जाएगी. जबकि आयुर्वेद के डीन बाद में चर्चा कर फिर से प्रस्ताव भेजेंगे. दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल मानवों पर होगा. वहीं, इंटेसिव मैनेजमेंट केयर विभाग बनाया जाएगा. वहीं कई विभागों के एमडी और डीएम कोर्स में 5-6 सीटें बढ़ाई जाएंगी. मेडिकल में ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर खोला जाएगा.34 प्रस्तावों को किया पारित बीएचयू के महामना हॉल में दोपहर तीन बजे से शुरू हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में 21 नए एजेंडे रखे गए. कुलपति ने एक और कुलसचिव ने तीन प्रस्ताव रखे. अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह 2025-26 सत्र में पीएचडी प्रवेश के लिए प्रस्ताव रखा. वहीं एनईपी के चेयरपर्सन ने तीन एजेंडा प्रस्तावित किया. वहीं 27 सितंबर 2025 को हुई एकेडमिक काउंसिल के 34 प्रस्तावों को पारित किया गया.पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया भारत अध्ययन केंद्र में न्यूमेरी सीट पर हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया है. इससे एंडजंक्ट फैकल्टी यानी कि दूसरे विभाग के प्रोफेसर को हिंदू अध्ययन से पीएचडी कराने के लिए अलग से सीट नहीं मिलेगी. परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अधिकारियों ने सुपर न्यूमेरी सीट को नियम के विरूद्ध बताया तो कुलपति ने इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई.पीएचडी ऑर्डिनेंस में होगा सुधारएकेडमिक काउंसिल की ओर से फैसला लिया गया है कि पीएचडी ऑर्डिनेंस में सुधार किया जाएगा. खामियों को खत्म किया जाएगा. प्रोग्रेस रिपोर्ट और निकासी को लेकर कई नियम बदले जाएंगे. वसंता राजघाट में चार वर्ष के शिक्षा में बीए और बीएड कोर्स चलेगा. पर्यटन से एमए कोर्स को मंजूरी नहीं मिल पाई. दरअसल इसमें ग्रुप डिस्कसन और पर्सनल इंटरव्यू (जीडीपीआई) हटाने का प्रस्ताव था लेकिन एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों ने इसे भी नियम के खिलाफ बताया.