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प्रदेश में PET की परीक्षा का दूसरा दिन आज, 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल

प्रदेश में PET की परीक्षा का दूसरा दिन आज, 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल
Sep 07, 2025, 05:55 AM
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Posted By Anurag Sachan


PET 2025 : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2025 का आज दूसरा दिन है. 6 सितंबर को दो पालियों में सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, आज भी परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है - सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी.


प्रदेश के सभी जिलों में परीक्षा...


बता दें कि PET की परीक्षा प्रदेश के सभी 48 जिलों में आयोजित की जा रही है जहाँ पहले दिन परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पहले दिन कड़ी व्यवस्था में परीक्षा आयोजित हुई जबकि, दो दिन की परीक्षा में प्रदेश भर में 25,31,996 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. इसे लेकर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व शासन-प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारी की गई है.



25 लाख अभ्यर्थियों होंगे शामिल...


उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की तरफ से आयोजित होने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2025) आज और कल आयोजित होगी. इस बार इस परीक्षा में कुल 25 लाख 31996 अभ्यर्थी शामिल होंगे. यह परीक्षा दो दिनों तक आयोजित होगी. इस परीक्षा में हर दिन दो पाली आयोजित होगी. जिसमें प्रत्येक पाली में करीब 633000 परीक्षा थी शामिल होंगे. परीक्षा के लिए प्रदेश के 48 जिलों में 1489 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.


पिछले पांच साल के छात्रों का डाटा...


बता दें कि, वर्ष 2021 में पहली बार आयोजित हुई प्रारंभिक अर्हता परीक्षा परीक्षा में 20 लाख 72 हजार 100 कैंडिडेट शामिल हुए थे. वही 2022 में अब तक सबसे अधिक 37 लाख 54 000 कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी जबकि 2023 में 20 लाख 7000 कैंडिडेट इस परीक्षा में शामिल हुए थे. 2024 में यह परीक्षा नहीं आयोजित की गई थी. इस साल यह परीक्षा आयोजित की जा रही है जिसमें 25 लाख से अधिक कैंडिडेट शामिल हो रहे हैं.

पुलिस ने खनन माफियाओं को धर दबोचा…
पुलिस ने खनन माफियाओं को धर दबोचा…
वाराणसी : लोहता थाना क्षेत्र के ऊंच गांव में आज बीती देर रात को पुलिस और खनन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध खनन को धर दबोचा मुखबिर से मिली पक्की सूचना पर पहुंची टीम ने मौके से पांच ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन बरामद कर उन्हें सीज कर लोहता थाने भेज दिया.उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस-प्रशासन और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर दी.ऊंच गांव में काफी समय से रात के अंधेरे में अवैध खनन का खेल चल रहा था.जैसे ही एसडीएम राजातालाब शांतनू कुमार, खनन निरीक्षक अनुज कुमार, लोहता थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय और अकेलवा चौकी इंचार्ज कौशल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, खनन माफियाओं में हड़कंप मच गई और अफरा-तफरी हो गई.ALSO READ:बकरीद पर वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाकों में पानी संकट, बूंद-बूंद को तरसे लोग...कार्रवाई की भनक लगते ही खनन में जुटे लोग ट्रैक्टर और जेसीबी मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए.पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है.प्रशासन ने कहा अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे माफियाओं के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.इस कार्रवाई के बाद इलाके में खनन माफियाओं में डर का माहौल बताया जा रहा है.
गर्मी के बीच वाराणसी में बढ़ रहा हवा का प्रदूषण, सांस लेने में हो रही दिक्कतें
गर्मी के बीच वाराणसी में बढ़ रहा हवा का प्रदूषण, सांस लेने में हो रही दिक्कतें
Air pollution is increasing in Varanasi, causing breathing problems.Varanasi News: इन दिनों भीषण गर्मी का असर देशभर से लेकर यूपी तक का देखने को मिल रहा है. गर्मी की तपन से हर कोई परेशान हो चुका है. लेकिन, इसी बीच वाराणसी में हवा का प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ गई है. हाल ही में शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर रहा है, जिसमें अर्दली बाजार में एक्यूआई 117 और भेलूपुर में 119 तक पहुंच गया.कुछ जानकारों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. भीषण गर्मी के बीच बनारस की हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है. पिछले दस दिन से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है.बीते बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था, एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था. सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में अर्दली बाजार में एक्यूआई 117 रिकॉर्ड किया गया. यहां पीएम 2.5 का स्तर 218 और पीएम 10 का स्तर 172 मिला. भेलूपुर में एक्यूआई 119 रहा, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 121 और पीएम 10 219 तक पहुंचा दिखा. मलदहिया में एक्यूआई 89 और बीएचयू क्षेत्र में 101 दर्ज किया गया, मलदहिया और कुछ अन्य क्षेत्र अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं, बाकी जगह प्रदूषण का स्तर तय मानकों से अधिक है.कई निर्माण स्थलों पर लों पानी का छिड़कावविशेषज्ञों के अनुसार पीएम 2.5 का सुरक्षित मानक 60 और पीएम 10 का 100 होता है, लेकिन शहर के कई इलाकों में यह स्तर दोगुना हो गया है. पीएम 2.5 के बेहद सूक्ष्म धूल कण फेफड़ों में पहुंचकर अस्थमा, एलर्जी और हृदय संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं. इसके अलावा शहर में चल रहे निर्माण कार्य, सड़कों की खुदाई, उड़ती धूल, डीजल वाहनों का धुआं प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी वजह हैं. कई निर्माण स्थलों पर लों पानी का छिड़काव और ग्रीन नेट लगाने जैसे नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे धूल सीधे हवा में घुल रही है.धूल वाली जगह मुंह ढक लेंबीएचयू के चेस्ट एंड टीबी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जीएन श्रीवास्तव ने कहा कि अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. जहां भी धुल उड़ रही हो, वहां गमछा से मुंह ढक लें, उन्होंनेन्हों ने कहा कि यदि समय रहते प्रदूषण नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया तो बनारस की हवा लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है.Also Read: वाराणसी के लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत, तेज आंधी का अलर्ट जारी
बकरीद पर वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाकों में पानी संकट, बूंद-बूंद को तरसे लोग...
बकरीद पर वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाकों में पानी संकट, बूंद-बूंद को तरसे लोग...
वाराणसी : मुस्लिम बहुल इलाके लल्लापुरा और कासिम बाड़ा में बकरीद के मौके पर भीषण जल संकट से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले करीब पांच दिनों से क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पानी में सीवर का गंदा और बदबूदार पानी मिलकर आ रहा था, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं.क्षेत्रीय लोगों के अनुसार मामले की शिकायत जल निगम से की गई, जिसके बाद विभाग ने पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि त्योहार के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. कई परिवार बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि गरीब तबके के लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या पेयजल की हो गई है.ALSO READ:कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाट भैरव में अदा की गई बकरीद की नमाज...स्थानीय लोगों का कहना है कि बकरीद जैसे बड़े त्योहार पर पानी की किल्लत ने उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. नमाज, कुर्बानी और घरेलू जरूरतों के बीच पानी की अनुपलब्धता से लोगों में प्रशासन और जल निगम के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है.इलाके के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की जांच कर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को राहत मिल सके। वहीं अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है.