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बनारस रेलवे स्टेशन के तीन प्लेटफॉर्म से आठ नवंबर तक नहीं गुजरेंगी ट्रेनें

बनारस रेलवे स्टेशन के तीन प्लेटफॉर्म से आठ नवंबर तक नहीं गुजरेंगी ट्रेनें
Nov 05, 2025, 10:32 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह, सात और आठ से अब 8 नवंबर तक ट्रेनें नहीं गुजरेंगी. प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए ऐसा किया गया है. सामान्य दिनों में प्लेटफॉर्म नंबर आठ से ही नई दिल्ली जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस, बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस जाती है, जिसे तत्काल प्रभाव से मंगलवार से ही प्लेटफॉर्म नंबर एक से रवाना किया गया. प्लेटफॉर्म से बुधवार से किसी भी ट्रेन का संचालन नहीं किया जाएगा. इन दोनों प्लेटफॉर्म से चलने वाली ट्रेनें अलग-अलग प्लेटफॉर्मों से चलाई जाएंगी. यह व्यवस्था 8 नवंबर तक लागू रहेगी. प्लेटफॉर्म नंबर 7-8 के अंदर और बाहर सर्कुलेटिंग एरिया तक सफाई कराई गई.


एसपीजी ने सुरक्षा व्यवस्था परखी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे से पहले एसपीजी ने बरेका गेस्ट हाउस और बनारस स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था परखी. साफ कहा कि बनारस रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर दोपहिया वाहन नहीं पार्क होंगे. वैकल्पिक तौर पर वाहन स्टैंड शिफ्ट कर दिया गया. स्टेशन के सभी इंट्री पॉइंट भी देखे गए. कहा गया कि सभी द्वार पर सशस्त्र पुलिसकर्मी मौजूद होंगे. बरेका में बैठक करके एसपीजी ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, जिला प्रशासन, कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों को विभिन्न बिंदुओं पर दिशा निर्देश दिए. हेलिपैड स्थल काे भी देखा. कमिश्नरेट अधिकारियों के संग बैठक में एसपीजी ने बरेका गेस्ट हाउस से बनारस स्टेशन तक सुरक्षा और बरेका में रहने वाले कर्मियों का सत्यापन और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने पर जोर दिया है. कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर तैनात रेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भी देखी. अनिवार्य रूप से सबको पहचान पत्र देने को कहा.


पीएम के लिए बना सेफ हॉउस


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बनारस स्टेशन आगमन के दौरान स्टेशन परिसर में सेफ हाऊस बनाया गया है. जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री इसमें समय बिता सकेंगे. ऐसी स्थिति में यहां आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं. इसे सेफ हाऊस नाम दिया गया है. पीएम के आगमन के पूर्व और दौरान एसपीजी स्वयं इस हाऊस की सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी. इसमें प्रधानमंत्री के बात करने के लिए फोन, हॉटलाइन आदि की व्यवस्था कर दी गई है. जरूरी होने पर उनके वाहन के साथ काफिला की निकासी दूसरे गेट से भी हो सकती है. प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर मंच बनाया जा रहा है. जहां प्रधानमंत्री विद्वतजनों को संबोधित करेंगे. मंगलवार को मंडलायुक्त एस राजलिंगम, डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बनारस रेलवे स्टेशन का दौरा किया. प्रधानमंत्री के आगमन के बाद निकासी के लिए एक अतिरिक्त गेट बनाया जा रहा है.


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वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास खंड आराजी लाइन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेपुर में ग्राम चौपाल–गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा.ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर केंद्र एवंप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की.उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए.जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया और बताया कि इसके माध्यम से पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है.उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही.एसआईआर कार्यों को लेकर किया गया संवादचौपाल के बाद जिलाधिकारी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्यों को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने एएसडी/अनकलेक्टेबल/अनमैप्ड मतदाताओं, फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्यों की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी गई है.जिलाधिकारी ने लोगों से अपीलजिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिक फार्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा कर सकते हैं या https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.ALSO READ : काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्पइस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
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वाराणसी : कांग्रेस ने रविवार को वाराणसी के शास्त्रीघाट पर ‘संविधान संवाद सम्मेलन’ का आयोजन किया. इस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए, सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता, नागरिक अधिकारों की रक्षा, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे की सुरक्षा करना था. इसके साथ ही सम्मेलन में काशी की अस्मिता और सांस्कृतिक-धार्मिक पहचान पर उठाए जा रहे खतरे पर भी चर्चा हुई.कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यों से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को खतरा उत्पन्न हुआ है. उन्होंने जनता से लोकतंत्र की रक्षा और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.सम्मेलन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:• मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के नाम पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का विरोध• प्रयागराज में संत अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार• काशी की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा• धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक न्याय के मुद्देकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशीवासियों की अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का माध्यम है.उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने क्षेत्र से हटाना चाहते हैं, तो धूप में बैठकर संघर्ष करना होगा.पवन खेड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की सुरक्षा पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है.ALSO READ : BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंकइस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए.जिनमें किशोरी लाल शर्मा, पवन खेड़ा, तनुज पुनिया, राकेश राठौर, इमरान मसूद, कुंवर उज्जवल रमण सिंह, सुप्रिया श्रीनेत आदि प्रमुख रहे.कांग्रेस का यह प्रयास है कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनके समाधान के लिए कदम उठाए जाएँ.
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल एंड पार्लियामेंट्री स्टडीज (ICPS) के साथ मिलकर एआई और साइबर सुरक्षा पर शॉर्ट टर्म क्रेडिट बेस्ड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स के तहत छात्रों को दो क्रेडिट अंक भी मिलेंगे.कोर्स की मुख्य बातें:• अवधि: 23 फरवरी से 27 फरवरी, 5 दिन• कुल कक्षा समय: 30 घंटे• स्थान: नई दिल्ली स्थित संसद भवन की लाइब्रेरी (ऑफलाइन)• ऑफलाइन फीस: 5000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 7000 रुपये (प्रोफेशनल)• ऑनलाइन फीस: 4000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 8000 रुपये (प्रोफेशनल)• अंतिम आवेदन तिथि: 16 फरवरी 2026इस कोर्स में पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, एकेडमिशियन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पढ़ाएंगे.छात्रों को एआई और साइबर सुरक्षा के कानूनी, नैतिक और संवैधानिक पहलुओं के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नीतिगत और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा.कैसे करें आवेदन:छात्र और पेशेवर ICPS की वेबसाइट पर जाकर QR कोड स्कैन करके आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद पंजीकरण पूरा होगा.ALSO READ : वाराणसी में कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सीरप की तस्करी, पुलिस ने 5 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कियाइस कोर्स की शुरुआत BHU और ICPS के बीच हुए समझौते के तहत की गई है. यह पहल छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए कानून व्यवस्था में एआई और तकनीक के इस्तेमाल को समझने का अनूठा अवसर साबित होगी.