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वाराणसी की दवा कारोबारी फर्म को नोटिस, करोड़ों के कोडीनयुक्त कफ सीरप का हिसाब मांगा

वाराणसी की दवा कारोबारी फर्म को नोटिस, करोड़ों के कोडीनयुक्त कफ सीरप का हिसाब मांगा
Dec 01, 2025, 09:45 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: काेडीन युक्‍त कफ सिरप मामले में मुख्‍य आरोपित शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की कोलकाता एयरपोर्ट से हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस, एसटीएफ और औषधि विभाग की जांच तेज हो गई है. मुख्‍य आरोपित शुभम जायसवाल के दुबई भागने की सूचना पर लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है तो वहींइस प्रकरण की जांच की आंच अब झारंखड तक जा पहुंची है. झारखंड के औषधि विभाग ने वाराणसी के पिंडरा स्थित एक दवा व्‍यवसाय की फर्म को नोटिस भेजकर करोड़ों के कोडीनयुक्त सीरप का हिसाब-किताब मांगा है. इस कार्रवाई ने दवा कारोबार में हडकंप मचा दिया है.


दर्ज मुकदमे में बढ़ाई धोखाधड़ी की धारा


इस बीच वाराणसी में तस्करी मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी का नेतृत्‍व कर रहे सरवणन टी पिंडरा पहुंचे तो पता चला कि फर्जी किराएदारी के कागजात से खोली गई फर्म से हजारों पेटी कफ सिरप का कारोबार हुआ. जिसके बाद कोतवाली में पहले से दर्ज केस में धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई गई, जिसमें उम्र कैद तक का प्रावधान है. पुलिस कमिश्नरेट प्रशासन का कहना है कि झारखंड से औषधि विभाग ने घटनाक्रम का संज्ञान लिया है. वहां के अधिकारियों ने पत्र जारी कर कई दुकानों से कोडीनयुक्त सीरप की खरीद-फरोख्त का ब्योरा मांगा है. जिसके क्रम में जांच में धोखाधड़ी सरीखे कई तथ्य प्रकाश में आए हैं.

दस्तावेजों की जांच में कदम-कदम पर कूटरचित तरीके अपनाए गए हैं. बताया कि 138 दवा फर्मों में 40 दवा दुकानों की जांच पूरी की जा चुकी है. उनके अधिष्ठाताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिसका जवाब नहीं मिला तो गिरफ्तारी की जाएगी.


राहत पाने को वरिष्ठ अधिवक्ता के संपर्क में शुभम, दुबई से फोन पर की बात


नशे के लिए प्रयोग किए जाने वाले कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के मुख्य सरगना कायस्थान मुहल्ला प्रह्लादघाट निवासी शुभम जायसवाल राहत पाने के लिए शहर के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के संपर्क में है. उसने एपल मोबाइल पर सुरक्षित काल के लिए प्रयोग किए जाने वाले एप के जरिए बात की है. सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच हुई बातचीत तो जांच का विषय होगी, लेकिन आइपी एड्रेस के जरिए जांच एजेंसियों ने पड़ताल तेज कर दी है. वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस सर्विलांस और साइबर सेल के जरिए पहले से निगरानी कर रही हैं. शुभम जायसवाल के खिलाफ चार नवंबर को गाजियाबाद में केस दर्ज हुआ था. उसके दूसरे ही दिन वह झारखंड के रांची शहर से पश्चिम बंगाल भागा, वहां से परिवार को साथ लेकर फ्लाइट पकड़ी और दुबई भाग निकला. पुलिस छानबीन में शुभम के दुबई भागने की बात की पुष्टि हुई तो दुबई से वाराणसी के बीच संदिग्ध काल पर नजर रखनी शुरू कर दी गई. शुभम से जुड़े सीए, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि सबके ऊपर नजर रखी जा रही है. जांच एजेंसी आइपी एड्रेस के जरिए शुभम के सटीक ठिकाने तक पहुंचने में लगी है. आइपी एड्रेस एक संख्यात्मक कोड है जो इंटरनेट या कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक डिवाइस (कंप्यूटर, मोबाइल फोन, आदि) का होता है। इसे डिवाइस का डिजिटल पता भी कह सकते हैं.


76 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई नहीं


खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने शहरी क्षेत्र की 124 फर्मों को चिन्हित तो कर लिया लेकिन कार्रवाई की रफ्तार मंद है. अब तक केवल 38 फर्मों पर ही प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकी. अब भी 76 फर्में ऐसी हैं जो औषधि विभाग की पकड़ से दूर हैं. विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस खेल में 200 से ज्यादा फर्मों के शामिल होने का अनुमान है. बोगस फर्मों का लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. वाराणसी के कबीरचौरा निवासी सगे भाइयों स्वामी सत्यम कुमार और विजय गुप्ता ने प्रतिबंधित कफ सिरप की आपूर्ति के लिए सोनभद्र में अलग-अलग नाम से फर्जी फर्म बनाई. किराये के मकान में बैनर लगाकर 7.53 लाख शीशी कफ सिरप की फर्जी आपूर्ति दिखाई और 25 करोड़ का कारोबार कर डाला.


22 से ज्यादा लोग एसटीएफ के रडार पर


प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के अवैध कार्यों में सहयोग करने वाले 22 से ज्यादा लोगों को एसटीएफ ने चिन्हित किया है. वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर के इन युवकों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी. चौबेपुर, महमूरगंज और लहरतारा का रहने वाला निजी ट्रांसपोर्टर, शराब कारोबारी भी जांच की जद में है. एसटीएफ को अमित और शुभम के व्हाट्सएप चैट से कई अहम साक्ष्य मिले हैं. पता चला कि मामले में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा शराब कारोबार से भी जुड़ा है. उसे शराब की कई दुकानें आवंटित की गई हैं. उसके संपर्क में कई युवा थे जिनके नाम से फर्म बनवाई गई थी फिर पांच-पांच लाख रुपये के निवेश कराए गए.


भोला प्रसाद को रिमांड पर लेगी कमिश्नरेट पुलिस


कफ सीरप प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के नेतृत्‍वकर्ता सरवणन टी ने बताया कि सोनभद्र पुलिस ने भोला प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार किया है. वह हमारे यहां दर्ज केस में आरोपित है, उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने की आनलाइन मीटिंग कोडीनयुक्त सीरप की बरामदगी मामले की जांच सही तरीके से आगे बढ़े, इसके लिए सोमवार को सोनभद्र, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली जिले के पुलिस अधिकारियों ने आनलाइन मीटिंग की. सभी ने अपने-अपने यहां कफ सीरप प्रकरण में दर्ज केस और उसकी जांच में सामने आए तथ्यों को एक-दूसरे से साझा किया. बता दें कि कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार भोला प्रसाद जायसवाल की तलाश में सोनभद्र सहित 11 जिलों की पुलिस, यूपी एसटीएफ और एटीएस की टीमें लगी थीं. उसकी फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिये दस जिलों में ही 100 करोड़ से ज्यादा का फर्जी लेनदेन किया गया है. पूरे प्रदेश में 100 से ज्यादा फर्म ऐसी पाई गई हैं जिनके जरिये फर्जी आपूर्ति दर्शाकर करोड़ों का कफ सिरप बांग्लादेश, नेपाल सहित अन्य देशों में भेज दिया गया.


DWA


धनंजय सिंह और बर्खास्त सिपाही का वोटर लिस्ट में एक ही मकान संख्या!


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उधर, आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके परिवार तथा बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह का वोटर लिस्ट में एक ही मकान संख्या होने के संबंध में जांच की मांग की है. यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि उन्हें विधानसभा क्षेत्र 367 मल्हनी, जैनपुर के अनुभाग संख्या 1 वनसफा का बताया गया वोटर लिस्ट प्राप्त हुआ है, जिसमें क्रम संख्या 115 पर धनंजय सिंह के भाई जितेंद्र सिंह, 116 पर उन की पत्नी श्रीकला सिंह और 118 पर धनंजय सिंह का नाम अंकित दिखता है. इस वोटर लिस्ट के क्रम संख्या 120 पर आलोक प्रताप सिंह लिखा हुआ है जो बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह बताए गए हैं. अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वोटर लिस्ट में धनंजय सिंह और आलोक सिंह का एक ही मकान संख्या अंकित होना प्रथमदृष्टया गंभीर दिखता है, जिसकी जांच आवश्यक है.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।