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वाराणसी कोर्ट से भोजपुरी स्‍टार को राहत, अग्रिम जमानत स्‍वीकार

वाराणसी कोर्ट से भोजपुरी स्‍टार को राहत, अग्रिम जमानत स्‍वीकार
Nov 12, 2025, 11:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह को धोखाधड़ी के मामले में वाराणसी की अपर सत्र न्यायालय से राहत मिल गई है. न्यायाधीश देवकांत शुक्ला ने पवन सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली. यह मामला कैंट थाने में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें फिल्म निर्माण के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है.

अदालत में पवन सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मंगलेश कुमार दुबे, अमन कुमार त्रिपाठी और रामानंद पांडेय ने पक्ष रखा. उन्होंने इसे आपसी विवाद बताते हुए अभिनेता की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया. अदालत ने दलीलों पर विचार करते हुए अग्रिम जमानत मंजूर की और अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया.


ये है मामला


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वादी विशाल सिंह ने शिकायत में कहा था कि वर्ष 2017 में मुंबई में मुलाकात के दौरान फिल्म निर्माता प्रेमशंकर राय और सीमा राय ने भोजपुरी फिल्म में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया. वर्ष 2018 में पवन सिंह और अन्य लोगों से नदेसर स्थित कार्यालय में मुलाकात के बाद उन्होंने फिल्म “बॉस” में 32.60 लाख रुपये का निवेश किया.

फिल्म निर्माण में लगभग 1.25 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन मुनाफे का हिस्सा या निवेश की रकम वापस नहीं की गई. 12 लाख रुपये लौटाने के बाद आरोपी संपर्क से बचने लगे. बाद में वादी को पता चला कि फिल्म बिक चुकी है, लेकिन उसे हिस्सा नहीं मिला. पैसे मांगने पर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है. इन आरोपों के आधार पर कैंट थाने में पवन सिंह सहित अन्य के खिलाफ धारा 420, 406, 467, 468, 506 IPC के तहत केस दर्ज हुआ.


करोड़ों की धोखाधडी का आरोप


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वादी का दावा है कि फिल्म के फर्जी एग्रीमेंट बनाकर निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़पे गए. साथ ही, यूपी सरकार से सब्सिडी मिलने का झूठा वादा किया गया था. पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर वादी ने अदालत में गुहार लगाई, जिसके बाद अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया.

नामांकन शपथपत्र के अनुसार, भोजपुरी स्टार पवन सिंह के पास 11.70 करोड़ रुपये की संपत्ति है. उनके पास 1 करोड़ से अधिक की चार लग्जरी कारें, लखनऊ और मुंबई में 5 करोड़ रुपये मूल्य के फ्लैट, तथा पटना और आरा में 1 करोड़ रुपये की जमीन है. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर शारीरिक शोषण समेत 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
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