वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, फोर्स ने की चप्पे चप्पे की छानबीन

वाराणसी : कचहरी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई. जिला जज संजीव शुक्ला के विभागीय ई-मेल आइडी पर गुरुवार रात 1.10 बजे एक धमकी भरा ई-मेल मिला. इस ई-मेल को सन्निया दसन नामक व्यक्ति ने भेजा है, जिसमें जजों और वकीलों को जान से मारने की योजना का उल्लेख किया गया है. नाम से मेल भेजने वाला दक्षिण भारतीय प्रतीत हो रहा है. सूचना के बाद कचहरी परिसर को खाली कराने के साथ चप्पे चप्पे की छानबीन की गई. हालांकि कहीं से किसी संदिग्ध की बरामदगी नहीं हुई.
मेल में कहा गया है कि पवित्र शुक्रवार को ठीक 12 बजे 18 बम धमाकों के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा. ई-मेल में पत्रकारों और छात्राओं को लेकर भी गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. इसमें उल्लेख किया गया है कि तमिलनाडु की डीएमके सरकार 2021 में मीडिया को खत्म करने की योजना बना रही थी. जब उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले पत्रकारों की टीम को हायर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों और बिचौलियों को आउटसोर्स किया, तब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. मेल करने वाले ने जर्नलिस्ट और लड़कियों (निकनेम) के कुछ कंफर्म नाम लिखकर भी भेजा है.

ई-मेल में यह भी दावा किया गया है कि शीर्ष पत्रकारों को लुभाने और उकसाने के लिए एजेंसियों और बिचौलियों ने केवल पैसे की मांग की. विरोध करने वालों के लिए लड़कियां भी उपलब्धता कराने का उल्लेख किया गया है. इनमें से कई लड़कियों की उम्र 16 वर्ष है और उन्हें आंध्र प्रदेश के अनाथालयों से लाया गया है. मेल भेजने वाले ने यह दावा किया है कि डीएमके नेतृत्व को इस रैकेट के बारे में पूरी जानकारी है. इस ई-मेल में कुछ नाम भी उल्लेखित किए गए हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बनाते हैं.

धमकी भरे ई मेल की जानकारी जिला जज ने बार पदाधिकारियों को दी. धमकी के बाद कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल हो गया. कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा फोर्स और बम निरोधक दस्ते के साथ कचहरी में चेकिंग अभियान चला रहे हैं.
वहीं, अधिवक्ताओं ने भी अपने स्तर से चैंबर और संदिग्ध सामानों की जांच शुरू कर दी है. उधर, साइबर सेल की ओर से ई-मेल की जांच की जा रही है. सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार के अध्यक्ष महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर जानकारी दी कि उनके यहां ई-मेल आया है, जिसमें डेढ़ बजे आतंकवादी संगठनों ने कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी है. ऐसे में सभी मामलों में तारीखें दी जा रही हैं और कचहरी खाली करने का अनुरोध किया गया है. हालांकि चंदौली कचहरी में चुनाव और रामपुर में अधिवक्ता की हत्या को लेकर अधिवक्ता ने पूर्व में अदालती कार्य नहीं करने का निर्णय लिया था. वहीं धमकी भरा मेल मिलने के बाद कचहरी के चप्पे चप्पे की तलाशी ली जा रही है. आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है. मेटल डिटैक्टर से भी जांच की जा रही है.
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ताजा जानकारी के मुताबिक कचहरी परिसर में सघन चेकिंग अभियान चल रहा है. मौके पर डीसीपी वरुणा समेत भारी पुलिस बल मौजूद है. सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध वस्तु की जांच कर रही हैं. बता दें कि कचहरी को दहलाने की पूर्व में कोशिश की जा चुकी है. ऐसे में पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोडना चाह रही है. हालांकि दोपहर तक परिसर से कुछ भी संदिग्ध बरामदगी नहीं हुई. पुलिस प्रशासन ने इसके लिए एहतियात बरतने की बात कही. साथ ही उनसे अनुरोध किया कि किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नजर आने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस दें. इसके साथ ही वकील कचहरी परिसर खाली करके घर लौटने लगे. सभी के चेहरे पर दहशत का माहौल रहा. पुलिस ने एहतियातन कैंट रेलवे स्टेशन , बनारस स्टेशन और गंगा घाट पर भी जाँच अभियान चलाया . बता दें कि 3 नवंबर 2007 को कचेहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट में तीन अधिवक्ता समेत 09 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे.



