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वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, फोर्स ने की चप्‍पे चप्‍पे की छानबीन

वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, फोर्स ने की चप्‍पे चप्‍पे की छानबीन
Feb 13, 2026, 07:50 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : कचहरी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई. जिला जज संजीव शुक्ला के विभागीय ई-मेल आइडी पर गुरुवार रात 1.10 बजे एक धमकी भरा ई-मेल मिला. इस ई-मेल को सन्निया दसन नामक व्यक्ति ने भेजा है, जिसमें जजों और वकीलों को जान से मारने की योजना का उल्लेख किया गया है. नाम से मेल भेजने वाला दक्षिण भारतीय प्रतीत हो रहा है. सूचना के बाद कचहरी परिसर को खाली कराने के साथ चप्‍पे चप्‍पे की छानबीन की गई. हालांकि कहीं से किसी संदिग्‍ध की बरामदगी नहीं हुई.

मेल में कहा गया है कि पवित्र शुक्रवार को ठीक 12 बजे 18 बम धमाकों के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा. ई-मेल में पत्रकारों और छात्राओं को लेकर भी गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. इसमें उल्लेख किया गया है कि तमिलनाडु की डीएमके सरकार 2021 में मीडिया को खत्म करने की योजना बना रही थी. जब उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले पत्रकारों की टीम को हायर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों और बिचौलियों को आउटसोर्स किया, तब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. मेल करने वाले ने जर्नलिस्ट और लड़कियों (निकनेम) के कुछ कंफर्म नाम लिखकर भी भेजा है.


KACHEHRI


ई-मेल में यह भी दावा क‍िया गया है कि शीर्ष पत्रकारों को लुभाने और उकसाने के लिए एजेंसियों और बिचौलियों ने केवल पैसे की मांग की. विरोध करने वालों के लिए लड़कियां भी उपलब्धता कराने का उल्लेख किया गया है. इनमें से कई लड़कियों की उम्र 16 वर्ष है और उन्हें आंध्र प्रदेश के अनाथालयों से लाया गया है. मेल भेजने वाले ने यह दावा किया है कि डीएमके नेतृत्व को इस रैकेट के बारे में पूरी जानकारी है. इस ई-मेल में कुछ नाम भी उल्लेखित किए गए हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बनाते हैं.


KACHEHRI


धमकी भरे ई मेल की जानकारी जिला जज ने बार पदाधिकारियों को दी. धमकी के बाद कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल हो गया. कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा फोर्स और बम निरोधक दस्ते के साथ कचहरी में चेकिंग अभियान चला रहे हैं.

वहीं, अधिवक्ताओं ने भी अपने स्तर से चैंबर और संदिग्ध सामानों की जांच शुरू कर दी है. उधर, साइबर सेल की ओर से ई-मेल की जांच की जा रही है. सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार के अध्यक्ष महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर जानकारी दी कि उनके यहां ई-मेल आया है, जिसमें डेढ़ बजे आतंकवादी संगठनों ने कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी है. ऐसे में सभी मामलों में तारीखें दी जा रही हैं और कचहरी खाली करने का अनुरोध किया गया है. हालांकि चंदौली कचहरी में चुनाव और रामपुर में अधिवक्‍ता की हत्‍या को लेकर अधिवक्‍ता ने पूर्व में अदालती कार्य नहीं करने का निर्णय लिया था. वहीं धमकी भरा मेल मिलने के बाद कचहरी के चप्‍पे चप्‍पे की तलाशी ली जा रही है. आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है. मेटल डिटैक्‍टर से भी जांच की जा रही है.


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ताजा जानकारी के मुताबिक कचहरी परिसर में सघन चेकिंग अभियान चल रहा है. मौके पर डीसीपी वरुणा समेत भारी पुलिस बल मौजूद है. सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध वस्तु की जांच कर रही हैं. बता दें कि कचहरी को दहलाने की पूर्व में कोशिश की जा चुकी है. ऐसे में पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोडना चाह रही है. हालांक‍ि दोपहर तक पर‍िसर से कुछ भी संद‍िग्‍ध बरामदगी नहीं हुई. पुलिस प्रशासन ने इसके लिए एहतियात बरतने की बात कही. साथ ही उनसे अनुरोध किया कि किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नजर आने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस दें. इसके साथ ही वकील कचहरी परिसर खाली करके घर लौटने लगे. सभी के चेहरे पर दहशत का माहौल रहा. पुलिस ने एहतियातन कैंट रेलवे स्टेशन , बनारस स्टेशन और गंगा घाट पर भी जाँच अभियान चलाया . बता दें कि 3 नवंबर 2007 को कचेहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट में तीन अधिवक्ता समेत 09 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे.

IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
National Workshop on IASTM Techniques at IMS-BHU to Upgrade Skillsवाराणसी: इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (IMS), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अस्थि रोग विभाग द्वारा 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को “इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन (IASTM)” तकनीक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में क्लिनिकल दक्षता को बढ़ाना, साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा प्रतिभागियों को आधुनिक सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.कार्यशाला का उद्घाटनकार्यशाला का उद्घाटन 18 अप्रैल को प्रातः 10:00 बजे IMS, BHU के NLT कॉन्फ्रेंस हॉल में होगा. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, IMS, BHU) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संजय गुप्ता (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन) उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉ. संकल्प झा, डॉ. निशांत जेमिनी, डॉ. हंजाबम बरुण शर्मा तथा डॉ. आशीष कुमार यादव एवं डॉ. आशीष कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं.Also read: अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहतकार्यशाला में फेशियल सिस्टम, मायोफेशियल रिलीज, पेन मॉड्यूलेशन तथा IASTM तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इस आयोजन के संयोजक डॉ. एस. एस. पांडेय (सहायक प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी) एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष कुमार यादव (सहायक प्रोफेसर, बायोस्टैटिस्टिक्स) हैं. दो दिवसीय इस कार्यशाला में देशभर से आए फिजियोथेरेपिस्ट, शोधार्थी एवं छात्र भाग लेकर अपने कौशल को उन्नत करेंगे. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
Devotees will get this facility from Akshaya Tritiya, there will be relief in reaching Baba's court.वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है. कबीरचौरा, मैदागिन और बेनिया जैसे प्रमुख स्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू की जाएगी. इस सुविधा के शुरू होने से आम और खास सभी भक्तों को बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बेनिया स्थित राज नारायण पार्क, कबीरचौरा और मैदागिन समेत कई स्थानों से गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी, जो सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक पहुंचेगी.देना होगा निर्धारित शुल्‍कप्रारंभिक चरण में करीब 25 गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क देना होगा. यह पहल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर की गई है, क्योंकि ये सभी गोल्फ कार्ट इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. नगर आयुक्त के अनुसार, गोल्फ कार्ट सेवा प्रतिदिन भोर में 3 बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी, ताकि मंगला आरती से लेकर रात्रि दर्शन तक आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके. गोल्फ कार्ट दो प्रकार की होंगी. एक में छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि दूसरी में नौ लोग बैठ सकेंगे.Also read: डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी इसके अलावा, मैदागिन स्थित टाउनहॉल और राज नारायण पार्क (बेनियाबाग) में बने आधुनिक पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु गोल्फ कार्ट के माध्यम से आसानी से विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य स्थानों तक भी किया जा सकता है. इस सुविधा से राहत मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
Dr. Sanjay Nishad – Protection Act is necessary for journalistsवाराणसी: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डाॅ. संजय निषाद (मत्स्य पालन विभाग) ने कहा है कि काशी पत्रकार संघ का इतिहास केवल एक संस्था का इतिहास नही है बल्कि यह काशी की सामाजिक चेतना, संघर्ष और संच्चाई की आवाज का एक जीवंत दस्तावेज है. यह वर्षों से पत्रकारिता की परम्पराओं, मूल्यों और जनहित की भावना को जिस समर्पण के साथ संजोकर रखा है वह अत्यंत सराहनीय है. उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई और उनके लिए एक सशक्त “प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने पर सहमति जताई.क्रांति की चेतना का जन्म शुक्रवार को काशी पत्रकार संघ की पहल पर आयोजित में ‘संवाद कार्यक्रम’ में पराड़कर स्मृति भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में काशी की पत्रकारिता ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनजागरण और क्रांति की चेतना को जन्म दिया. कहा कि जिस प्रकार डॉक्टर, अधिवक्ता और इंजीनियर जैसे पेशेवर कभी पूरी तरह से रिटायर नहीं होते, उसी प्रकार पत्रकारों का अनुभव भी अमूल्य होता है और उन्हें जीवनभर सम्मान व सुरक्षा मिलनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के लिए सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं, वैसे ही पत्रकारों के लिए भी “प्रोटेक्शन एक्ट” जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाला वर्ग है. यदि वही असुरक्षित रहेगा और समस्याओं से जूझता रहेगा, तो समाज की सुरक्षा और जागरूकता भी प्रभावित होगी. ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है.Also read: स्‍मृति ईरानी ने अखिलेश पर कसा तंज, कह दी ये बातउन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से सुना. संघ की ओर से उठाए गए आवास, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे. इसके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया. संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया.इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय, कैलाश यादव, कृष्ण बहादुर रावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपाणी, मंत्री विनय शंकर सिंह, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, पंकज त्रिपाठी, शिव प्रकाश राय, अमित शर्मा, देवेश सिंह, शंकर चतुर्वेदी, मनोज राय, रोशन जायसवाल, विजय शंकर गुप्ता, संजय प्रसाद सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश सेठ, दिनेश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, हरी बाबू श्रीवास्तव, अरुण सिंह, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk