वाराणसी में विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस का पहरा, कांग्रेस नेता राघवेंद्र चौबे हाउस अरेस्ट
वाराणसी: उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को प्रस्तावित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पहले ही पुलिस का पहरा लग गया है. वाराणसी में पुलिस ने सुबह से ही सक्रियता बढ़ाते हुए कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया. जिला और महानगर स्तर के पदाधिकारियों के आवासों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें. प्रशासन के इस कदम से प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी और भी तेज हो गई है. कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे को हासउ अरेस्ट किया गया.

विरोध से पहले गरमाई राजनीति
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई टिप्पणी में दलित समाज का अपमान किया गया है. उनका कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा न केवल असंसदीय है, बल्कि सामाजिक रूप से भी आपत्तिजनक है. इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी, जिसे पुलिस की सख्ती के चलते रोक दिया गया है. इसी सिलसिले में आज शुक्रवार को असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का पुलता फूंक कर विरोध जताने का कार्यक्रम है.

अजय राय का तीखा बयान
यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है और यह राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है. अजय राय ने यह मांग की है कि, इस संबंधित बयानबाजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जानी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा बनी रहे.

विवाद की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोप हैं जिनमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार को लेकर गंभीर बातें कही गई थीं. इन आरोपों के बाद असम पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया.

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कांग्रेस ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए केंद्र सरकार और एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. वाराणसी में कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर भी बहस तेज हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे दबाया जा रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था.



