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कफ सिरप तस्‍करी मामले में वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, 30 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए नोटिस

कफ सिरप तस्‍करी मामले में वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, 30 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए नोटिस
Jan 24, 2026, 10:15 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : कफ सिरप तस्‍करी मामले में कमिश्‍नरेट वाराणसी पुलिस एक्‍शन में है. जांच के साथ कार्रवाई भी रफ्तार पकड ली है. रोहनिया पुलिस ने मु0अ0सं0 0343/2025धारा 8/21/25/29 NDPS एक्ट व 111 बीएनएस के आरोपी भोलाप्रसाद (शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर) निवासी कायस्थ टोला प्रहलाद घाट थाना आदमपुर द्वारा कोडिन कफ सिरफ तस्करी करके अपराध से अर्जित सम्पत्ति लगभग 30,52,26,944 रुपये को धारा 68 एफ एनडीपीएस एक्ट (सफेमा) के तहत कार्यवाही की. इसके तहत कार्रवाई के लिए शनिवार को रोहनिया पुलिस ने आरोपी के मकान पर नोटिस चस्‍पा की.


जाँच से सामने आये तथ्य


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पुलिस के अनुसार थाना रोहनिया में दर्ज कोडिन कफ सिरफ केस में विवेचना से तथ्यों से पुष्टि हुई कि पिछले दिनों क्षेत्र से बरामद फैंसाडील कफ सिरफ एबार्ट कम्पन्नी द्वारा भोलाप्रसाद (शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर) को बेचा गया था. जिसका प्रमाण / साक्ष्य जरिए रिपोर्ट एबार्ट कम्पन्नी द्वारा दिया गया हैं. आरोपी द्वारा बड़े संगठित सिंडिकेट का संचालन करते हुए उक्त कफ सिरफ का बड़े पैमानें पर अवैध तस्करी का अपराध करके उससे अर्जित लगभग 30 करोड 52 लाख रुपये चल / अचल सम्पत्ति का अर्जन किया गया. जिसे अबतक उक्त विवेचना में चिन्हित किया जा चुका है. जिसके सम्बन्ध में धारा 68 एफ एनडीपीएस एक्ट (सफेमा) के तहत कार्रवाई की गई.


चल सम्पत्ति –


1 - इण्डियन बैंक के एकाउन्ट नम्बर 7622620712 में रुपये 58,21,486 (डेबिट फ्रीज)

2 - इण्डियन बैंक के एकाउन्ट नम्बर 7610396827 में रुपये 1,38,336.99 (डेबिट फ्रीज)

3 - इण्डियन बैंक के एकाउन्ट नम्बर 8069294902 में रुपये 60,00,000 (डेबिट फ्रीज)


अचल सम्पत्ति –


1 - आराजी न0 245 मौजा जगदीशपुर परगना कोलअसला तहसील पिण्डरा, वाराणसी कृषि भूमि 0.1635 हे0 जो की भोला प्रसाद उपरोक्त के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 43,02,540 रुपये.

2 - आराजी न0 234 मौजा जगदीशपुर परगना कोलअसला तहसील पिण्डरा, वाराणसी कृषि भूमि 0.202 जो की भोला प्रसाद के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 57,13,400 रुपये.

3 - आराजी न0 234 मौजा जगदीशपुर परगना कोलअसला तहसील पिण्डरा, वाराणसी कृषि भूमी 0.108हे0, खाता संख्या 00206 जो की भोला प्रसाद उपरोक्त के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 43,51,182 रुपये.

4 - आवासीय खाली भूमि आराजी न0 265 मौजा भरलाई वार्ड शिवपुर सदर, क्षेत्रफल 252.788 वर्ग मी0 जो की भोला प्रसाद के नाम से रजिस्टर्ड है. जिसकी कीमत 71,00,000 रुपये.

5 - प्रापर्टी मकान आराजी न0 220 H.No. 38/2-A-63-65 तुलसीपुर, भेलूपुर , वाराणसी क्षेत्रफल 656.78वर्ग मी0 जो की भोला जायसवाल पो0 व शैली ट्रेडर्स के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 23 करोड़ रुपये.

6 - खुली भूमि आराजी न0 34/3 व 33 मौजा मडौली सदर, वाराणसी क्षेत्रफल 669.14 वर्गमी0, जो की भोला जायसवाल की पत्नी शारदा जायसवाल के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 1,15,00,000 रुपये.

7 - आवासीय भवन क्षेत्रफल 231.01 वर्ग मी0 म0न0 सी 27/142 – सी -1 जगतगंज रामकटोरा वार्ड चेतगंज जो की शारदा जायवाल व वैशाली पुर्सवानी के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 1,98,00,000 रुपये.

8 - आवासीय भवन आराजी न0 647 म0न0 सी 19/15- एम-3- ए-6 हबीबपुरा, लल्लापुरा वार्ड चेतगंज वाराणसी क्षेत्रफल 135.50 वर्ग मी0 जो की भोला जायसवाल की पत्नी शारदा जायसवाल व पुत्री प्रगति जायसवाल के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसकी कीमत 1,05,00,000 रुपये.


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जेल में कराया नोटिस तामील


विवेचना के क्रम में कोडिन कफ सिरफ के तस्करी से जुड़े जघन्नय अपराधों के रोकथाम हेतु कठोरतम विधिक कार्यवाही तथा नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रमुख आरोपी भोला जयसवाल की अबतक चिन्हित चल / अचल सम्पत्तियों का धारा 68 एफ एनडीपीएस एक्ट (सफेमा) में कार्यवाही की नोटिस आरोपी को जिला कारागार सोनभद्र पर तामिल करायी गयी. इसके अलावा परिजनों को नोटिस घर पर चस्पा की कार्यवाही की गई. अन्य अवैध तरीके से अर्जित चल / अचल सम्पत्तियों की जानकारी की जा रही है तथा आरोपी भोला जयसवाल उपरोक्त को साक्ष्य के आधार पर न्यायालय से निर्गत वारण्ट बी तामिल कराया गया.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।