वाराणसी जल्द होगी गार्बेज फ्री सिटी, नगर आयुक्त ने परखी व्यवस्था

वाराणसी: नगर निगम छह माह में बनारस शहर को गार्बेज फ्री सिटी (कूड़ा मुक्त शहर-जीएफसी) बनाने में जुटा हुआ है. इस क्रम में जल्द से जल्द कूड़ा डंपिंग सेंटर को पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) तब्दील करने का निर्णय लिया गया है. इस क्रम में हरतीरथ (विशेश्वरगंज) व औरंगाबाद कूड़ा घर को दो माह बंद करने का लक्ष्य रखा है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को हरतीरथ, औरंगाबाद व पीलीकोठी कूड़ा घर का निरीक्षण किया.

व्यवस्थाओं का नगर आयुक्त ने लिया जायजा
इस दौरान नगर आयुक्त ने हरतीरथ व औरंगाबाद स्थित कूड़ा घर को विलोपित करने के लिए चयनित स्थल का परीक्षण जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया ताकि दोनों स्थलों पर पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) बनाया जा सके. वहीं पीलीकोठी ट्रांसफर स्टेशन की व्यवस्था का भी नगर आयुक्त ने जायजा लिया. नगर निगम को वर्ष 2025 में गार्बेज फ्री सिटी के तहत थ्री स्टार रैकिंग मिली थी. वहीं इस बार निगम ने फाइव स्टार की रैकिंग के लिए आवेदन किया है.
कूड़ा घरों को बंद करने का लक्ष्य
इसे देखते हुए निगम हरतीरथ और औरंगाबाद कूड़ा घरों को भी जल्द बंद करने का लक्ष्य रखा है. वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगम ने अब तक 27 में से 21 कूड़ा डंपिंग सेंटर को पूरी तरह से विलोपित कर चुका है. इसमें छह कूड़ा घरों को करीब डेढ़ साल के भीतर बंद किया गया है. वहीं पांच स्थानों पर रिफ्यूज कांपैक्टर, तीन स्थानों को पोर्टेबल कांपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) में तब्दील किया जा चुका है. हरतीरथ व सोनिया रोड (औरंगाबाद) के कूड़ा डंपिंग सेंटर में पीसीटीएस या रिफ्यूज कांपैक्टर लगाने की तैयारी चल रही है.

नगर आयुक्त ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से कूड़ा घराें को बंद करने की प्रक्रिया जारी है. छह माह के भीतर सभी कूड़ा घरों को बंद करने का लक्ष्य बनाया गया है. इस क्रम में पीसीटीएस के लिए टेंडर की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. निरीक्षण के दौरान पार्षद सुरेश चौरसिया, पार्षद प्रवीण राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव,जोनल स्वच्छता अधिकारी ( जेडएसओ) संदीप भार्गव, सामान्य विभाग के अभियंता अगम कटियार, अनुज भाटी सहित अन्य लोग मौजूद थे.



