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LED बल्ब सुरक्षित है या नहीं, कारण जान आप भी हैरान

LED बल्ब सुरक्षित है या नहीं, कारण जान आप भी हैरान
Jan 23, 2026, 01:06 PM
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Posted By Preeti Kumari

आज के दौर में LED यानी लाइट-एमिटिंग डायोड बल्ब लगभग हर घर में इस्तेमाल हो रहे हैं. इससे कम बिजली खपत और लंबी उम्र की वजह से ये लाइटिंग की सबसे लोकप्रिय तकनीक बन चुके हैं. LED लाइट्स ने घरों और दफ्तरों की रोशनी का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. पर अब ये सवाल उठता है कि क्या LED बल्ब से निकलने वाली रोशनी में हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं? वही यूवी किरणें, जो सूरज की रोशनी से निकलकर त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. तो चलिए इसके बारे में आपको बताते है.


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जानिए क्या होती है यूवी रेडिएशन


सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यूवी रेडिएशन तीन तरह का होता है. यूवीए सबसे लंबी तरंगों वाला होता है, जो त्वचा की उम्र तेजी से बढ़ाने और हल्के नुकसान से जुड़ा है. यूवीबी मध्यम तरंगों का होता है, जो सनबर्न और गंभीर स्किन डैमेज की वजह बन सकता है. यूवीसी सबसे छोटी लेकिन सबसे शक्तिशाली किरणें होती हैं, जो बेहद खतरनाक मानी जाती हैं, हालांकि ये पृथ्वी के वातावरण में ही काफी हद तक एब्जर्व हो जाती हैं.


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एक रिसर्च के मुताबिक, अगर यूवी लाइट का संपर्क बहुत ज्यादा या लंबे समय तक होता है तो, इससे त्वचा जल्दी बूढ़ी हो सकती है और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. इसी वजह से लोगों को आर्टिफिशियल लाइट सोर्स, जैसे बल्बों से निकलने वाली यूवी किरणों को लेकर चिंता होनी है.


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एलईडी बल्ब की किरणें कितनी खतरनाक


अक्सर हर घरों में इस्तेमाल होने वाले एलईडी बल्ब कुल रोशनी का 1 प्रतिशत से भी कम यूवी उत्सर्जित करते हैं. एलईडी की डिजाइन और उसमें इस्तेमाल होने वाले फॉस्फर की वजह से चिप से निकलने वाली संभावित यूवी किरणें बाहर तक पहुंच ही नहीं पातीं. इनका स्तर प्राकृतिक धूप की तुलना में बहुत कम होता है. रोजमर्रा के घरेलू एलईडी बल्ब इस तरह से बनाए ही नहीं जाते कि वे हानिकारक यूवी किरणें छोड़ें.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
यूपी: HP के 2 अफसरों की हत्या, DGM और मैनेजर को मारी गोलियां
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