आखिर कौन होगा बीएमसी का नया मेयर? फडणवीस ने की चर्चा ठप्प

मुंबई में महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद अब महापौर पद को लेकर सस्पेंस बढ़ता ही जा रहा है. जी हां, मुंबई महानगरपालिका यानि (BMC) में नया मेयर कौन बनेगा इसकी चर्चा जोरों पर है. लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (WEF) के लिए दावोस रवाना हो चुके हैं. इसी के चलते मेयर पर हो रही वार्तालाप कुछ समय के लिए ठप पड़ गई है. महापौर पद की कैटेगरी तय करने के लिए लॉटरी 22 जनवरी को होने वाली है, इस फैसले के बाद ही चुनाव की तारीखें सामने आएंगी और प्रक्रिया जनवरी के आखिर तक खिंच सकती है.

मेयर पद पर सहमति बनना हुआ मुश्किल
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद देश की सबसे समृद्ध महानगर पालिका यानि बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के मेयर को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है. चुनाव में महायुति की निर्णायक जीत के एक दिन बाद ही मेयर पद को लेकर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच खींचतान भी शुरू हो गई है. बता दें, बीएमसी चुनावों में भाजपा 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, मगर ये सच है कि उसने अकेले दम पर बहुमत को हासिल नहीं किया है.

उसकी सहयोगी शिवसेना यानि (शिंदे) बनी, जिसके हक में 29 सीटें आई. 227 सीटों वाली बीएमसी में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को कुल मिलाकर 118 सीटें मिली हैं. गठबंधन की इन दोनों पार्टियों की कुल सीटे मिलाने के बाद भी मेयर पद पर सहमति बनना थोड़ा मुश्किल साबित हो रहा है.
कांग्रेस के 24 पार्षद जीते
वहीं, दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना यूबीटी (65) है. कांग्रेस के 24 पार्षद जीते हैं. जिसकी खुशी में बीते शनिवार को शिंदे ने पार्टी के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को शहर के एक पांच सितारा होटल में ठहराया. जिस पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने होटल को जेल बनाने के आरोप लगाया और कहा, "एकनाथ शिंदे ने होटल को जेल बना दिया है. ताज होटल में चुनाव जीतकर जिन पार्षदों को ठहराया गया है, उन्हें तो रिहा कर देना चाहिए. लेकिन उन्हें तो डर के मारे वहां पर रखा गया है.

कई लोग हमारे संपर्क में हैं जिनके जरिे ये जानकारी मिली है. मुंबई में बीजेपी का मेयर कौन चाहता है? यहां तक कि एकनाथ शिंदे भी यह नहीं चाहते." जानकारी के मुताबिक, महापौर पद की कैटेगरी तय करने के लिए लॉटरी 22 जनवरी को होने वाली है, इस फैसले के बाद ही चुनाव की तारीखें सामने आएंगी और प्रक्रिया जनवरी के आखिर तक खिंच सकती है.



