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संयुक्त राष्ट्र का अगला महासचिव कौन ? सामने आये ये नाम

संयुक्त राष्ट्र का अगला महासचिव कौन ? सामने आये ये नाम
Oct 27, 2025, 10:01 AM
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Posted By Gaandiv

संयुक्त राष्ट्र (UN) के अगले महासचिव का चुनाव 2026 में होगा, और इसकी प्रक्रिया अभी शुरू होने ही वाली है. दूसरी ओर संभावित उम्मीदवारों के नाम और भारत की भूमिका को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई है.


वर्तमान स्थिति और चुनाव प्रक्रिया


आपको बता दे कि- मौजूदा संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होगा. महासचिव का चुनाव सिक्योरिटी कौंसिल की रिकमेन्डेशन एवं महासभा की नियुक्ति के माध्यम से होता है. इसमें सीक्रेट बैलट की प्रक्रिया अपनाई जाती है. हाल में, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व महिला उम्मीदवारों को मुख्यधारा में लाने पर विशेष जोर दिया गया है.



संभावित उम्मीदवारों की सूची


2026 के महासचिव पद के लिए अभी तक यह प्रमुख नाम चर्चा में हैं, ख़ासकर लैटिन अमेरिका के उम्मीदवारों को लेकर अपेक्षा बढ़ी हुई बताई जा रही है.


1 - मिशेल बाचलेट - चिली, साउथ अमेरिका (जो पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व UN मानवाधिकार प्रमुख रहा चुकी है ) चिली सरकार ने सार्वजनिक रूप से नामित किया.


2 - रेबेका ग्रिनस्पैन - कोस्टा रिका, सेंट्रल अमेरिका (जो पूर्व उपराष्ट्रपति और वर्त्तमान में SGUNCTAD ) कोस्टा रिका सरकार ने नामित किया.


3 - राफेल ग्रोसी अर्जेंटीना, साउथ अमेरिका ( जो वर्तमान डायरेक्टर-जनरल, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ) स्वयं घोषणा की, अर्जेंटीना से समर्थन है.


महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्यादातर उम्मीदवार लैटिन अमेरिकी देशों से हैं, जिससे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है.


भारत की अहम भूमिका


- भारत हाल ही में 2026-2028 के लिए यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट कौंसिल (UNHRC) का सदस्य चुना गया है. यह भारत के लिए बहुत अहम बात है.


- महासचिव पद के लिए भारत की ओर से किसी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है, और न ही ऐसी कोई सार्वजनिक घोषणा की गई है.


- भारत की भूमिका चुनावी प्रक्रिया में एक सक्रिय और प्रभावशाली वोटर ( जो केवल वोट डालने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेता है और अपने फैसले से दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है) की होगी.


प्रक्रिया का महत्व और क्रम


- संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद पर चयन करना दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक पद का चुनाव है. जिसमें लोकतांत्रिक आदर्श, पूरी दुनिया में शांति और मानवाधिकारों की रक्षा का प्रतिनिधित्व होता है.


- पारदर्शिता और महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए 2025 में नई प्रक्रियागत बदलाव आए हैं. इसके तहत आमंत्रण अक्टूबर-दिसंबर 2025 में भेजे जाएंगे और उम्मीदवारों की सूची अगली तिमाही में खुलेगी.


- चुनाव प्रक्रिया का अंतिम चरण 2026 के अंत में होगा, जिसमें महासभा द्वारा अंतिम नियुक्ति की जाएगी.

150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
वाराणसी. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को शहर में मदहे सहाबा का जुलूस निकाला गया। करीब 150 वाहनों के काफिले के साथ रेवड़ी तालाब से शुरू हुआ जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ा, रास्ते में अकीदतमंदों की भीड़ जुड़ती गई। जुलूस में शामिल लोगों ने नात और धार्मिक नारों के जरिए अपनी आस्था का इजहार किया। ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।जुलूस में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। वाहनों को झंडों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। रास्ते में जगह-जगह लोग जुलूस को देखने के लिए खड़े नजर आए। ईद मिलादुन्नबी को लेकर पहले से की गई सजावट ने भी माहौल को खास बना दिया है।रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक जाएगा काफिलामदहे सहाबा का जुलूस रेवड़ी तालाब से शुरू होकर भेलूपुर, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचेगा। आयोजकों के अनुसार जुलूस के करीब 10 बजे तक बेनियाबाग पहुंचने की संभावना है।शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों से जुलूस गुजरने के कारण रास्ते में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। हालांकि, पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों और जुलूस के मार्ग पर व्यवस्था संभाल रहे हैं।एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानीजुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि जुलूस के पूरे रास्ते में करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है।उन्होंने बताया कि जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार पूरे रूट पर नजर बनाए हुए हैं। जुलूस के आयोजकों से भी प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।ALSO READ : भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वागदलमंडी से पीलीकोठी तक रोशनी से सजी सड़केंईद मिलादुन्नबी को लेकर दलमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैया, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब और पीलीकोठी समेत कई इलाकों में आकर्षक सजावट की गई है। नई सड़क पर रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से की गई सजावट लोगों का ध्यान खींच रही है।बारिश के बाद जुलूस देर से रवाना हुआ, लेकिन मौसम की चुनौती भी अकीदतमंदों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। जुलूस में शामिल लोग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को नई पीढ़ी की भागीदारी का भी रंग दिया। धार्मिक नारों, सजी हुई गलियों और वाहनों के काफिले के बीच शहर में ईद मिलादुन्नबी की रौनक नजर आ रही है।
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
वाराणसी. चालिया महोत्सव के समापन पर पूज्य झूलेलाल भक्त सेवा समिति की ओर से भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई यात्रा गिरजाघर, गोदौलिया और दशाश्वमेध होते हुए राजेंद्र प्रसाद घाट पहुंची।यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान झूलेलाल और हिंगलाज माता की प्रतिमा के समक्ष दीपदान और पल्लव प्रार्थना की गई। इसके बाद सिंधी समाज के प्रमुख जय प्रकाश बालानी ने भगवान झूलेलाल की ध्वजा उठाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसमें सिंधी समाज की महिलाओं ने भजन और पारंपरिक डोकला नृत्य प्रस्तुत किया।रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दशाश्वमेध व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश तुलस्यान, सचिव दीपक वासवानी, मनु जेसवानी, विनय यादव, दीपक राजदेव, तुलसी खान चंदानी, प्रदीप नरसिंहानी, विक्की खान चंदानी, कोषाध्यक्ष भगवान दास जजानी, अशोक जायसवाल और नारायण खेमका समेत अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।ALSO READ : प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेशराजेंद्र प्रसाद घाट पर भगवान झूलेलाल के छायाचित्र की आरती की गई और मां गंगा का पूजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को सिंधी व्यंजन दाल पकवान, साई भाजी और सिंधी कढ़ी प्रसाद के रूप में वितरित की गई।आयोजन में जेपी बालानी, अनिल शर्मा, रोहित बलानी, गोपाल सचदेवा, सतीश छाबड़ा, चंद्रा सचदेवा, वासुदेव नागवानी, मुस्कान शर्मा, अमृता अठवानी, अजय रूपेजा, देवानंद, मोनिका, कृष्णा होतवानी, घनश्याम लालवानी और कन्हैया टेक चंदानी सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की राजभाषा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को ‘कार्यालयी कामकाज में राजभाषा हिंदी का क्रियान्वयन’ विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयिका डॉ. छाया सोनी ने किया।ALSO READ : त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजरमुख्य वक्ता राजभाषा प्रकोष्ठ के हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक और कार्यालयी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयी पत्राचार, टिप्पणियों तथा द्विभाषी कार्यप्रणाली में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी दी।राजभाषा प्रकोष्ठ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के श्री रमेश ने ‘प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को हिंदी प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और तकनीकी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अशोक कुमार वर्मा, श्री मनोज कुमार मिश्रा, श्री काशीनाथ समेत संकाय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में राजभाषा समिति के सदस्य डॉ. मुदित पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।