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महिलाओं ने जमकर किया विरोध, बंद कराई शराब की खुली दुकान

महिलाओं ने जमकर किया विरोध, बंद कराई शराब की खुली दुकान
Aug 14, 2025, 07:21 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: कबीर नगर कॉलोनी (दुर्गाकुंड) के एक शांत और रिहायशी इलाके में बुधवार को अचानक खोली गई देसी शराब की दुकान ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया. जैसे ही मोहल्ले में दुकान खुलने की खबर फैली, दर्जनों महिलाएं और निवासी मौके पर पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान महिलाओं का उग्र रुख देखकर दुकान के सेल्समैन और कर्मचारी दुकान बंद कर वहां से खिसक लिए.


गैरेज में खोली गई थी शराब की दुकान


शराब की यह दुकान एक गैरेज में खोली गई थी, जो आसपास के घरों और कोचिंग सेंटरों से घिरा हुआ है. कबीर नगर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से रिहायशी है, यहां ऐसे शराब ठेके का होना बिल्कुल उचित नहीं. लोगों ने आरोप लगाया कि अगर यह दुकान चलने दी गई तो रोजाना नशे में धुत लोगों का जमावड़ा लगेगा. इससे महिलाओं, बच्चों और आम राहगीरों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो जाएगा.


महिलाओं का एकजुट विरोध


स्थानीय महिलाओं को बुधवार को जैसे ही दुकान खुलने की जानकारी मिली, वे तुरंत कबीर नगर नागरिक समिति के सदस्यों और अन्य स्थानीय लोगों के साथ वहां पहुंचीं. उन्होंने "शराब का ठेका बंद करो" जैसे नारे लगाए .महिलाओं का कहना था कि शराब के ठेके से न सिर्फ सामाजिक माहौल बिगड़ेगा, बल्कि बच्चों और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा. खासकर यह इलाका कई कोचिंग सेंटरों के पास है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं. उन्होंने कहा कि शराब पीने वालों का जमावड़ा छात्रों के लिए असुरक्षित माहौल पैदा करेगा.

नशेड़ियों का जमावड़ा और उत्पात का डर


स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी जब आसपास कहीं शराब की दुकान रही थी, तो वहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगने लगता था. कई बार राह चलती महिलाओं से अभद्रता, गाली-गलौज और झगड़े की घटनाएं होती थीं. इसी वजह से मोहल्ले के लोग ऐसे ठेकों का विरोध करते हैं.उन्हें डर है कि एक बार दुकान चलने लगी तो स्थिति और भी खराब हो जाएगी.


दुकान स्थानांतरित होने तक जारी रहेगा विरोध


महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक इस ठेके को यहां से हटाया नहीं जाता, उनका विरोध जारी रहेगा. उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि इस तरह की दुकानें रिहायशी और शिक्षण संस्थानों के पास बिल्कुल न खोली जाएं.


पुलिस ने समझाबुझा कर कराया शांत


मौके पर सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. पुलिस ने महिलाओं और स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश की कि मामला संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा. हालांकि, महिलाएं इस बात पर अड़ी रहीं कि ठेका पूरी तरह से बंद होना चाहिए, केवल अस्थायी बंदी से वे संतुष्ट नहीं होंगी.

नागरिक समिति का समर्थन


कबीर नगर नागरिक समिति के सदस्यों ने भी महिलाओं के रुख का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों में शराब की बिक्री से अपराध की घटनाएं बढ़ सकती हैं, और इससे इलाके की शांति और सुरक्षा प्रभावित होती है .समिति ने भी ठेका हटाने के लिए प्रशासन को लिखित शिकायत देने की बात कही.


स्थानीय लोगों ने दी चेतावनी


गुस्साए लोगों ने चेतावनी दी कि यदि दुकान फिर से खोली गई तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.


सामाजिक असर को लेकर चिंता


महिलाओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि शराब के ठेके से न केवल सुरक्षा का मुद्दा जुड़ा है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक माहौल पर भी असर डालता है. उन्होंने कहा कि कई बार घर के पुरुष नशे की लत में फंसकर परिवार की आर्थिक स्थिति बिगाड़ देते हैं जिससे घरेलू कलह बढ़ जाती है.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
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वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
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वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.