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विश्व एड्स दिवस - बनारस क्वीयर प्राइड ने शहर में निकाली एड्स जागरूकता यात्रा

विश्व एड्स दिवस - बनारस क्वीयर प्राइड ने शहर में निकाली एड्स जागरूकता यात्रा
Dec 01, 2025, 12:56 PM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी - विश्व एड्स दिवस के अवसर पर बनारस क्वीयर प्राइड के तत्वावधान में सोमवार को शहर में पहली बार एचआईवी/एड्स जागरूकता यात्रा और सभा का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शहर में लगातार बढ़ रहे एचआईवी मामलों में नियंत्रण लाना है. उल्लेखनीय है कि दिनदयाल उपाध्यक्ष जिला चिकित्सालय के अगस्त महीने के रिपोर्ट के अनुसार पांच महीने के अंदर एचआईवी के 100 पाज़िटिव मामले सामने आए हैं.

यात्रा की शुरुआत ज़ाद पार्क, लहुराबीर से हुई. यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने इन प्रभावशाली नारों के साथ जागरूकता का संदेश दिया. यात्रा के उपरांत श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला चिकित्सालय, वाराणसी के प्रांगण में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसका संचालन नीति द्वारा किया गया. सभा की औपचारिक शुरुआत अनन्या मिथि ने क्वीयर आंदोलन और बनारस क्वीयर प्राइड के इतिहास के बारे में बताकर की.

सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे कबीरचौरा चिकित्सालय के निरीक्षक डॉ मुकुंद श्रीवास्तव मौजूद रहे. अस्पताल के फार्मेसिस्ट डॉ जितेंद्र पटेल तथा पैथोलॉजिस्ट डॉ इक़बाल, परामर्शदाता डॉ मनिषा और ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ संजीव कुमार सिंह की विशिष्ट उपस्थिति रही.

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डॉ मनिषा ने एचआईवी होने के मूल कारणों को समझाया और कहा कि, “एचआईवी और एड्स कोई बीमारी नहीं है. लेकिन समाज में बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई है. इसके बारे में आगर हम सही जानकारी ले लें तो इससे हम बच सकते हैं. वहीं पैथोलॉजिस्ट जितेंद्र ने भेदभाव के खिलाफ बोलते हुए कहा कि "एचआईवी पॉजिटिव कोई व्यक्ति अगर सही तरीके से दवाई लेते रहे तो एक सामान्य जिंदगी जी सकते हैं. इसलिए भेदभाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए.”

इसी कड़ी में सभा के मुख्य वक्ता डॉ इक़बाल ने बनारस क्वीयर प्राइड के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि "यह कदम नहीं रुकनी चाहिए। पहले समाज एचआईवी और क्वीयर व्यक्तियों के विषय में बात भी नहीं करते थे. लेकिन आज यह आवाज शहर में उठायी गयी है. यह स्वागतयोग्य पहल है. "

डां मुकुंद जी ने एचआईवी और LGBTQ+ समुदाय के संबंधित अतीत के भ्रांतियों के बारे में बात करते हुए कहा कि "आज हम इस बैठक में बैठे हैं यह सबसे बड़ा बदलाव है. पहले लोग एक बार मास्टरबेशन या सेक्स करके समझते थे कि एड्स हो गया है और अस्पताल आते भी हैं तो आके छुपकर अपनी बात करते थे. लेकिन आज आप लोग खुलकर यहां आए हैं और इसी तरह बदलाव आएगा.


भ्रांतियों और भेदभाव को कम करके सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाएं


इस कार्यक्रम के आयोजन में अनेक संस्थाओं ने सक्रिय रूप से बनारस क्वीयर प्राइड का साथ निभाया. जिनमें प्रिज्मैटिक फाउंडेशन, एशियन ब्रिज इंडिया, दामिनी, उड़ान, अस्मिता, सोहार्द, वनस्टाप सेंटर, प्रगतिपथ फाउंडेशन, दखल, चेतगंज थाना और श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला चिकित्सालय प्रमुख रहे. कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालन करने में स्वयंसेवकों के रूप में मूसा आज़मी, रुमान, आर्या, साहिल, अफसाना, सुमन, नैंसी, चंदन, असिम, अरविंद, मनोज श्रीवास्तव, धनंजय, अल्का , कैलाश, बन्नी, कृष्णा, सैम, अनामिका, श्रेया, राधा, टेन, अनु श्रीवास्तव और सौरभ सहित सैकड़ों लोगों की सक्रिय भागीदारी रही. इस जागरूकता यात्रा और सभा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एचआईवी/एड्स को रोकने के लिए समय पर जाँच, सुरक्षित व्यवहार और सही जानकारी सबसे ज़रूरी है. साथ ही, समाज में मौजूद भ्रांतियों और भेदभाव को कम करके ही हम सभी एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बना सकते है.


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घर के गमले में भी उगा सकते है ड्रैगन फ्रूट, जाने तरीका
घर के गमले में भी उगा सकते है ड्रैगन फ्रूट, जाने तरीका
Dragon Gardening Tips : सर्द भरे मौसम में ड्रैगन फ्रूट एक सुपरफूड माना जाता है. क्योंकि यह फल सिर्फ स्वाद में बेहतरीन नहीं होता, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. कुछ लोगों का मानना है कि, ड्रैगन फ्रूट सिर्फ बड़े खेतों या गर्म इलाकों में ही उगाया जा सकता है, लेकिन सही देखभाल और कुछ खास उपायों से इसे सर्दियों में आप अपने घर के गमले में भी आसानी से उगा सकते है. अगर आप गार्डनिंग के शौकीन हैं और अपने घर की बालकनी या छत पर कुछ नया उगाना चाहते हैं, तो ये उपाय आपके लिए बेहद खास हैं.कैक्टस परिवार का पौधा है ड्रैगन फ्रूट बता दें, ड्रैगन फ्रूट कैक्टस परिवार का पौधा है, इसलिए इसके लिए बड़े और मजबूत गमले की जरूरत होती है. कम से कम 12–15 इंच का गमला लें, जिसमें नीचे पानी निकासी के लिए छेद हों. मिट्टी के लिए सामान्य मिट्टी में रेत और वर्मी कंपोस्ट मिलाकर हल्की और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी तैयार करें. ड्रैगन फ्रूट को बीज के बजाय कटिंग से उगाना ज्यादा आसान और सफल होता है. 10–12 इंच लंबी हेल्दी कटिंग लें और उसे 2–3 दिन छांव में सुखा लें. इसके बाद कटिंग को गमले की मिट्टी में 2–3 इंच गहराई तक लगाएं और हल्का पानी दें.ड्रैगन फ्रूट उगाने का जाने तरीकाअक्सर सर्दियों में ड्रैगन फ्रूट के पौधे को रोजाना 5–6 घंटे धूप मिलना बहुत जरूरी होता है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप अच्छी मिले. बहुत ज्यादा ठंडी हवा या पाला पड़ने से पौधे को बचाएं, नहीं तो पौधा बेजान सा हो जाता है, जरूरत हो तो रात में गमले को सुरक्षित जगह पर रख दें. ड्रैगन फ्रूट को ज्यादा पानी पसंद नहीं होता.सर्दियों में हफ्ते में सिर्फ 1–2 बार पानी देना पर्याप्त होता है. ध्यान रखें कि मिट्टी पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं. हर 20–25 दिन में थोड़ी सी गोबर खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें. साथ ही ड्रैगन फ्रूट बेल की तरह बढ़ता है, इसलिए गमले में लकड़ी या सीमेंट का सहारा जरूर लगाएं, ताकि पौधा अच्छे से ऊपर की ओर बढ़ सकेगा.
एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर बनने जा रही दुल्हन, खास होगा वेलेंटाइन डे
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फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अक्सर खबरे आती रहती है, कभी किसी को किसी से प्यार है, लिवइन का साथ और फिर ब्रेकअप, ये कोई नई बात नहीं है. बॉलीवुड में इस तरह का किस्सा हर रोज देखने को मिलता है. लेकिन आज हम बात कर रहे है धनुष और मृणाल ठाकुर की, जिनके अफेयर को लेकर कुछ समय पहले ये दोनों अपने लव अफेयर को लेकर चर्चाओं में छाए हुए थे. पर अब एक बार फिर ये दोनों जोड़ी सुर्खियों में हैं. जी हां, एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर और साउथ स्टार धनुष अब शादी के बंधन में बंधने वाले हैं.मृणाल ठाकुर के लिए खास होगा वेलेंटाइन डेऐसी चर्चाएं हैं कि, धनुष और मृणाल ठाकुर अगले महीने 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के मौके पर शादी के बंधन में बंध सकते हैं. रूमर्स हैं कि यह एक निजी समारोह होगा, जिसमें केवल करीबी परिवार और दोस्तों को ही शामिल किया जाएगा. हालांकि फैंस अभी इस खबर को पुख्ता नहीं मान रहे हैं. क्योंकि इस अफवाहों पर अभी तक न तो मृणाल ठाकुर और न ही धनुष या उनकी टीम की ओर से इन खबरों पर कोई आधिकारिक बयान आया है. इन अफवाहों ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि दोनों सितारे अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखने के लिए जाने जाते हैं. कुछ महीने पहले भी मृणाल और धनुष के रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं.रिश्ते की अटकलों पर जब मृणाल ने तोड़ी चुप्पीअगस्त 2025 में मृणाल ठाकुर ने आखिरकार इन अटकलों पर चुप्पी तोड़ी थी और साफ कहा था कि धनुष उनके ‘सिर्फ अच्छे दोस्त’ हैं. ओनली कॉलीवुड को दिए एक इंटरव्यू में मृणाल ने कहा था कि, उन्हें और धनुष को लेकर उड़ रही खबरें शुरुआत में मजेदार लगी थीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि धनुष मुंबई में उनकी फिल्म सन ऑफ सरदार 2 की स्क्रीनिंग में खास तौर पर उनके लिए नहीं आए थे.धनुष उस इवेंट में शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें अजय देवगन ने आमंत्रित किया था. दरअसल, अफवाहों की शुरुआत उस वक्त हुई जब सन ऑफ सरदार 2 की स्क्रीनिंग का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मृणाल और धनुष को हाथ पकड़ते और एक-दूसरे से कान में कुछ कहते हुए देखा गया. इसके अलावा, मृणाल का धनुष की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ की रैप-अप पार्टी में शामिल होना भी चर्चा का विषय बन गया, जबकि वह उस फिल्म का हिस्सा ही नहीं थीं.
बिहार की सियासत के बीच तेजस्वी की बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बिहार की सियासत के बीच तेजस्वी की बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बिहार की राजनीति में कुछ दिनों से तहलका मचा हुआ है. ऐसे में आज शुक्रवार का दिन बिहार की सियासत के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है. जी हां, एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' पर निकल पड़े है, तो दूसरी ओर राजद के लाल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने सरकारी आवास पर राजद की कोर कमेटी की एक अहम बैठक बुलाई है. इस मीटिंग के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई जब खरमास खत्म हो गया है.ऐसे में तो इस खरमास के बाद से बिहार में आगे क्या कुछ खेला होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन तेजस्वी यादव फिर से सियासी मैदान में उतर चुके हैं. तेजस्वी के इस बैठक में चुनाव के नतीजों की समीक्षा की गई. साथ ही नए साल में आरजेडी की आगे की रणनीति क्या होगी इसको लेकर भी चर्चा की गई."समीक्षा का दिखावा से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म-मंथन"हालांकि, इस बीच राजद और लालू परिवार से अलग हो चुकीं रोहिणी ने भी बिना नाम लिए भाई पर कुछ दिनों पहले निशाना साधा था, जिसने राजनीतिक गलियारों में शोर मचाकर रख दिया. ऐसे में तेजस्वी के इस मीटिंग को भी रोहिणी आचार्य ने 'दिखावा' करार दिया है. रोहिणी ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा- "समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म-मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की जरूरत है, 'अपने' इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिह्नित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी, ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती और समझती है.राहिणी के पोस्ट ने फिर किया सियासी पारा हाई दरअसल, बीते 10 जनवरी को भी लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया के एक पोस्ट के जरिए सियासी पारा हाई कर दिया था. क्योंकि, रोहिणी ने अपने पोस्ट में ये लिखा था कि, बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई "बड़ी विरासत" को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं.हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं... जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है.. तब "विनाशक" ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है. इसी पोस्ट को लेकर विपक्षियों ने लालू परिवार पर जमकर निशाना भी साधा था.