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अब तक 33,000 से अधिक घरों की स्व-जनगणना, घर-घर दे रहे दस्तक

अब तक 33,000 से अधिक घरों की स्व-जनगणना, घर-घर दे रहे दस्तक
May 18, 2026, 08:12 AM
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Posted By Preeti Kumari

Self-census of over 33,000 households completed so far, house listing work completed


वाराणसी: जिलाधिकारी एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनगणना-2027 के अंतर्गत वाराणसी में संचालित स्व-जनगणना अभियान एवं आगामी वास्तविक जनगणना कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. इस दौरान यह अवगत कराया गया कि जिले में अब तक 33,000 से अधिक घरों की स्व-जनगणना एवं हाउस लिस्टिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य को शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित किए जाने के निर्देश दिए.


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जनगणना राष्ट्र निर्माण का आधार


उन्होंने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है. स्व-जनगणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, जिससे आंकड़े अधिक शुद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्राप्त होते हैं. उन्होंने जनपदवासियों से अधिकाधिक संख्या में स्व-जनगणना करने तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करने की अपील की.


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जनगणना को जन-जन तक पहुंचाना


बैठक में स्व-जनगणना को जन-जन तक पहुंचाने हेतु व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई. शैक्षणिक संस्थानों, बैंकिंग संस्थाओं, सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए. अवगत कराया गया कि स्व-जनगणना अभियान 07 मई से संचालित है, जो 21 मई तक चलेगा. इसके उपरांत दिनांक 22 मई से 20 जून 2026 तक वास्तविक जनगणना का कार्य प्रशिक्षण प्राप्त प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा संपादित किया जाएगा.


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जिलाधिकारी का निर्देश


जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को समय से ड्यूटी कार्ड, जनगणना किट एवं हाउस लिस्टिंग ब्लॉक से संबंधित नक्शे उपलब्ध करा दिए जाएं तथा वे अपने क्षेत्र का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें.

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना कार्य में शिथिलता अथवा बाधा उत्पन्न करना दंडनीय है. 22 मई से प्रत्येक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का अपने आवंटित क्षेत्र में कार्य करना अनिवार्य होगा.


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अंत में जिलाधिकारी महोदय ने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वयं स्व-जनगणना करें तथा “प्रत्येक घर तक जनगणना” के संकल्प को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें. बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, डॉ० सदानंद गुप्ता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला जनगणना अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारीगण, चार्ज अधिकारीगण, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्प
आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्प
वाराणसी : आर्य महिला कॉलेज में बुधवार को ‘हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा एवं हर मन तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य तिरंगा वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और युवाओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता तथा तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा. छात्राओं, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि रहे. कॉलेज पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को तिरंगा वितरित कर स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में ध्वज फहराने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेने का आह्वान किया.प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, शौर्य, शांति, समृद्धि और वीर शहीदों के बलिदान का प्रतीक है. उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.उन्होंने बताया कि 9 से 17 अगस्त तक देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में 13 अगस्त को वाराणसी में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. यात्रा दोपहर तीन बजे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट नंबर तीन से शुरू होकर लहुराबीर होते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचेगी. यात्रा के मुख्य अतिथि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह होंगे.कार्यक्रम में छात्राओं ने भगवान शिव के आह्वान के साथ देश के विभिन्न प्रांतों की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. एनसीसी कैडेट्स की अनुशासित परेड और विद्यालय बैंड की राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया.ALSO READ : गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराजकार्यक्रम का संचालन डीन ऑफ एकेडमिक्स दीपा जोशी ने किया. प्रधानाचार्या अंजना दीक्षित ने अतिथियों, शिक्षकों, छात्राओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया. इस दौरान मुख्य अतिथि समेत विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. पूर्व महानगर महामंत्री चंद्रशेखर उपाध्याय, क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा पूजा दीक्षित और महानगर मीडिया से प्रमील पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे.कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया.
गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराज
गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराज
वाराणसी : राजघाट-भदऊ चुंगी स्थित श्री साईं धाम अपार्टमेंट के बेसमेंट में श्री काशी विश्वनाथ भगवान के तत्वावधान में 6 से 12 अगस्त तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव का बुधवार को समापन हुआ. सात दिवसीय कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया.कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने श्रीमद्भागवत पोथी की विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद कथावाचक वृंदावन धाम से पधारे अभिराम दास जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया.समापन अवसर पर कथा व्यास अभिराम दास जी महाराज ने कहा कि “गंगा दो है, एक के लिए उस स्थान पर जाना होगा, दूसरा भागवत है, जो सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है.” उन्होंने कहा कि भगवत भक्ति एक भाव है और भागवत स्वयं गंगा के समान है। गंगा के दर्शन के लिए हरिद्वार, प्रयागराज और काशी जैसे तीर्थों पर जाना पड़ता है, लेकिन श्रीमद्भागवत की महिमा ऐसी है कि इसका श्रवण हर स्थान पर किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भगवान की शक्ति हैं और उनके पति श्रीनारायण हैं. भगवान द्वारिकाधीश के स्वरूप में भी लक्ष्मी का विशेष महत्व है. लक्ष्मी के बिना श्रीनारायण का स्वरूप पूर्ण नहीं माना जाता.कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का भावपूर्ण मंचन किया गया. सुदामा चरित्र के माध्यम से श्रद्धालुओं को मित्रता, सरलता, संतोष और भगवान के प्रति अटूट भक्ति का संदेश दिया गया. कथा के दौरान उपस्थित श्रोतागण भावविभोर नजर आएश्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विश्वनाथ धाम के पं. श्रीकांत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास, सुरेश पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, भजन गायक राकेश तिवारी और विकास प्राधिकरण सदस्य अम्बरीष सिंह भोला सहित अन्य विशिष्ट लोग मौजूद रहे.ALSO READ : वाराणसी बना यूपी का एकमात्र ‘सक्षम’ जिला, नाको की डीडीजी ने किया एचआईवी कार्यक्रम का निरीक्षणकथा श्रवण करने वालों में डॉली मिश्रा, प्रदीप कुमार मिश्र, पूजा मिश्रा, रीता मिश्रा, रुद्र मिश्र, सिद्धांत मिश्र, सचिन मिश्र, मुकुंद लाल शर्मा, मयंक शर्मा, शुचि शर्मा, आशीष मिश्रा और रिया मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया.
वाराणसी बना यूपी का एकमात्र ‘सक्षम’ जिला, नाको की डीडीजी ने किया एचआईवी कार्यक्रम का निरीक्षण
वाराणसी बना यूपी का एकमात्र ‘सक्षम’ जिला, नाको की डीडीजी ने किया एचआईवी कार्यक्रम का निरीक्षण
वाराणसी: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्ली की डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के दौरान जनपद में संचालित एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की गहन समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण किया, उन्होंने जनपद को नाको के निर्धारित मानकों के तहत उत्तर प्रदेश का एकमात्र ‘सक्षम’ जनपद बनने पर बधाई देते हुए इस उपलब्धि को आगे भी बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की.दौरे के प्रथम दिन कबीर चौरा अस्पताल में जनपद के दोनों एआरटी सेंटर, आईसीटीसी, ओएसटी सेंटर, पीपीटीसीटी, एसटीआई सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (बीएचयू), दिशा यूनिट तथा वायरल लोड लैब के अधिकारियों एवं सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, बैठक में कबीर चौरा अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला क्षय रोग अधिकारी सहित चिकित्सा अधिकारियों एवं संबंधित स्टाफ ने प्रतिभाग किया.बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक की गई गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई, डॉ. तंजिन डिकिड ने विभिन्न केंद्रों के प्रदर्शन, एचआईवी जांच, उपचार से जुड़ाव, एआरटी सेवाओं, वायरल लोड परीक्षण, लक्षित समूहों तक सेवाओं की पहुंच तथा कार्यक्रम के विभिन्न संकेतकों पर चर्चा करते हुए आगामी अवधि के लिए अपेक्षाओं एवं प्राथमिकताओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.ALSO READ : झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BHU छात्रों का उपवास, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनीदौरे के दूसरे दिन डॉ. तंजिन डिकिड ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल तथा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी स्थित एचआईवी से संबंधित विभिन्न केंद्रों एवं लैब का स्थलीय निरीक्षण किया, उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार, रेफरल, फॉलोअप तथा वायरल लोड परीक्षण सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली और मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया.