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दो माह में बनारस देश का पहला होगा गार्वेज फ्री सिटी, महापौर ने साझा की उपलब्धि...

दो माह में बनारस देश का पहला होगा गार्वेज फ्री सिटी, महापौर ने साझा की उपलब्धि...
May 26, 2026, 12:10 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस दो माह में गार्वेज फ्री सिटी होगा. यह देश का पहला कूड़ा मुक्त शहर होगा. नगर निगम इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है. इस क्रम में 27 में से 23 कूड़ा घरों को बंद किया जा जा चुका है. शेष चार कूड़ा घरों को भी समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है. कार्यकाल के तीन गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार, में आयोजित पत्रकारवार्ता दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पिछले तीन वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया और आगामी दो वर्षों के लिए शहर के विकास का भविष्योन्मुखी रोडमैप साझा किया. उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 41वें स्थान पर रहने वाला वाराणसी, अब 2025 में 17वें स्थान पर पहुंच गया है. वहीं सफाईकार्मियों की संख्या 4075 से बढ़ाकर 7428 कर दी गई . प्रमुख मंदिरों व मार्गो पर तीन शिफ्ट में सफाई हो रही है.


वहीं करसड़ा डंपिंग ग्राउंड का वैज्ञानिक तरीके से बायोमाइनिंग द्वारा निस्तारण और वहां ‘मियावाकी’ तकनीक से जंगल विकसित करने की योजना पर विशेष बल दिया गया.

वित्तीय आत्मनिर्भरता और राजस्व में चार गुना वृद्धि


निगम ने आर्थिक अनुशासन का एक नया उदाहरण पेश किया है. पिछले तीन वर्षों में बिना गृहकर बढ़ाए, राजस्व वसूली को 94.36 करोड़ से बढ़ाकर 415 करोड़ रुपये तक पहुँचाया गया है. निगम का कुल बजट 843 करोड़ से बढ़कर 2775.44 करोड़ रुपये हो गया है. साथ ही, अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत 1250 बीघा बेशकीमती भूमि (अनुमानित मूल्य 7 अरब रुपये) को कब्जा मुक्त कराकर निगम के लैंड बैंक में शामिल किया गया है. इस मौके पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि वाराणसी की विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस वैश्विक शहर बनाना ही हमारा संकल्प है. पत्रकारवार्ता में मुख्यरूप से उपसभापति नरसिंह दास सहित अन्य लोग उपस्थित थे.



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​बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार


- तीन साल में 78 बड़े व मिनी नलकूप अधिष्ठापन व रिबोरिंग का कार्य. लागत 42.90 करोड़.

-नव विस्तारित 25 नए वार्डों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू.

-सभी 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की निगरानी क्यूआर कोड व कमांड सेन्टर के माध्यम की जा रही है.

-सफाई कर्मियों केी डिजिटल तीन बार हाजिरी.

-स्वच्छ भारत मिशन के तहत 49 नए सार्वजनिक शौंचालयों का निर्माण, हर एक में ट्रांसजेंडर के लिए अलग सुविधा ट्रांसजेंडर सुविधा के लिए लक्सा में आधुनिक शौचालय का निर्माण.

- 30 करोड़ की लागत से शहर के सेवा बस्तियों में बिजलीकरण, सड़क, नाली और शुद्ध पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का का लक्ष्य.

-30 करोड़ की लागत से पद्म अवार्डी के आवास की सड़कों व गलियों का सुंदरीकरण व सौंदर्यीकरण .

-जलकल विभाग में ठेकेदारी प्रथा से खत्म करते हुए प्रत्येक वार्ड में 03 सीवर सफाई कर्मचारी व 02 वार्ड में 01 सीवर सुपरवाईजर की तैनाती. आउट सोर्सिंग पर कुल 300 कर्मचारी रखे गये हैं.

-गत 03 वर्षों में खरीदे गए 143 वाहन, लागत 26.6252 करोड़ रुपये . इसमें जलकल विभाग में 6 जेटिंग कम सेक्शन मशीन व छोटी जेटिंग कम जाकिंग, लागत 3.84 करोड़.

जलस्रोत : सीएसआर फंड से शंकुलधारा एवं दुर्गाकुण्ड सहित -16 तालाब का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्याकरण का कार्य.

-मत्स्य मे पालन के लिए 19 तालाबों को मांझी समाज को पट्टे

- विलोपित शहरी 583 कुओं का जीर्णोद्धार

सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र मियावाकी वन तथा कंचनपुर में मियावाकी वन

-प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर (एक पेड़ मां के नाम) के तहत वर्ष 2024-25 में 8000 ट्री गार्ड के साथ वृक्ष

वर्ष 2025-26 में 20 हजार ट्री गार्ड के साथ वृक्ष

जीवित : 25000

- सारंगतालाब में प्रस्तावित मियावाकी वन

-भेलूपुर में 25 एकड़ में (काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर) पार्क विकसित करने का लक्ष्य

- शहर के 176 पार्कों में ओपेन जिम, पाथवे का निर्माण।

-शहीद उद्यान सौंदर्यीकरण, लागत 8.9893 करोड़ रुपये

1250 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त

-नगर निगम ने कब्जा किए हुए 1250 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त। बाजार दर से अनुमानित मूल्य करीब 07 अरब करोड़ रुपये मूल्य. की कीमत । निगम के लैण्ड बैंक में सम्मिलित

-सीएम ग्रिड परियोजना नौ मुख्य सड़कों का निर्माण, आठ और सड़कों का प्रस्ताव


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-मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अब आने वाले शवों के आंकड़ों को व्यवस्थित करने के कंप्यूटरीकृत नि:शुल्क पंजीकरण की व्यवस्था

सीनियर केयर सेंटर : वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2.07 करोड़ की लागत से बड़ालालपुर (टीएफसी के पास) में सीनियर केयर सेंटर का निर्माण

कल्याण मण्डप : 470.64 लाख रुपये की लागत से पिसौर में मांगलिक कार्य के लिए कल्याण मण्डप.

बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
वाराणसी : बीएचयू में यूजी छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है. 4000 से ज्यादा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा. इस इंटर्नशिप के जरिये छात्र-छात्राओं को शोध और नौकरी पाने की क्षमता विकसित करनी होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस पर दो क्रेडिट और रिजल्ट में 10 अंक दिए जाएंगे. इंटर्नशिप नहीं करने पर एक और मौका दिया जाएगा. उसके बाद नंबर काट लिए जाएंगे और अगले सेमेस्टर में नहीं जा सकेंगे. इंटर्नशिप की अवधि न्यूनतम 30 घंटे की होगी. स्नातक में दूसरे या चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के बाद गर्मियों की छुट्टियों में ही इंटर्नशिप पूरी करनी होगी.10 अंकों का यह मूल्यांकन संस्था के मेंटर (जहां काम किया है) और कॉलेज के सुपरवाइजर दोनों की ओर से किया जाएगा. मेंटर छात्र के अनुशासन, समय की पाबंदी, टीम वर्क और सीखने की लगन के आधार पर अंक देंगे. यदि कोई छात्र इंटर्नशिप में फेल हो जाता है या इसे पूरा नहीं कर पाता है, तो उसे अगली छुट्टियों में इसे दोबारा पूरा करने का एक और मौका दिया जाएगा. छात्रों के लिए इंटर्नशिप के दिशानिर्देश और प्रोफॉर्मा जारी कर दिए जारी किया गया है. इसके तहत वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव, रोजगार के योग्य बनाना और उनमें शोध की क्षमता विकसित करना है. कार्यस्थल पर काम करने का व्यावहारिक कौशल, डेटा विश्लेषण, शोध विधियों और उपकरणों के इस्तेमाल में सशक्त होना होगा.विभाग का रिकमेंडेशन लेटर (सिफारिशी पत्र) संस्थान को सौंपना होगा. छात्रों को इंटर्नशिप शुरू करने से पहले विभाग में निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा. जिस संस्था में छात्र इंटर्नशिप करना चाहते हैं, वहां के मेंटर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर कॉलेज के सुपरवाइजर को जमा करना होगा. इंटर्नशिप पूरी होने के 15 दिनों के भीतर, छात्रों को विभाग में अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी. रिपोर्ट में संस्था का विवरण, सीखे गए कार्य और अनुभव होने चाहिए.यहां कर सकते हैं इंटर्नशिपसरकारी या निजी संगठन, स्थानीय पंचायत, नगर निगम या मीडिया संस्थान.गैर-सरकारी संगठन, लाइब्रेरी, रिसर्च लैब या स्थानीय उद्योग.भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्किल डेवलपमेंट कोर्स जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, एनएसडीसी आदि के माध्यम से की गई 30 घंटे या उससे अधिक की ट्रेनिंग भी मान्य होगी.ALSO READ : वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...केंद्र या राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से की गई ऑनलाइन, डिजिटल इंटर्नशिप या अप्रेंटिसशिप को भी मान्यता दी जाएगी.
वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...
वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...
वाराणसी : काशी वासियों के लिए राहत भरी खबर है. करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक से जमा कूड़े के पहाड़ से शहर को जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी. नगर निगम ने इसके निस्तारण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है. महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 28 अप्रैल को इस परियोजना का सूत्रपात किया गया था, जिसे आज धरातल पर उतारा जा रहा है. अगले डेढ़ वर्ष में यह स्थान कूड़े के ढेर के बजाय एक सघन वन के रूप में नजर आएगा.कहा कि ​करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले दस वर्षों से करीब 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है, जो आसपास के पर्यावरण और निवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ था. नगर निगम ने इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने का जिम्मा उठाया है. इसके लिए 53.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे 'बायोमाइनिंग' प्रक्रिया के माध्यम से कूड़े को छांटकर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा.​कूड़े के पहाड़ के पूरी तरह साफ होने के बाद, खाली होने वाली 25 एकड़ भूमि को बेकार नहीं छोड़ा जाएगा. निगम ने यहां जापान की प्रसिद्ध 'मियावाकी' तकनीक का उपयोग करके सघन जंगल विकसित करने की योजना बनाई है. इससे न केवल शहर का 'कार्बन फुटप्रिंट' कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र एक पर्यावरण-अनुकूल हरित पट्टी के रूप में उभरेगा, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा.आज नफरत, कल महसूस होगा सुकून : दयालुआयुष राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार ​डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु'।ने कहा कि जो लोग आज इस कूड़े के पहाड़ से नफरत करते हैं, वही डेढ़ साल बाद यहां बने बगीचे में सुकून महसूस करेंगे. उन्होंने कहा कि आज बनारस में कूड़े से चारकोल और बिजली बनाने का कार्य भी सफलतापूर्वक हो रहा है. जिला पंचायत अध्यक्ष ​पूनम मौर्या ने कहा कि फिलहाल यहां की हवा में दुर्गंध है, लेकिन इस परियोजना से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्थान एक सुरक्षित और स्वच्छ धरोहर बनेगा.अतिरिक्‍त आय संग आबोहवा होगी शुद्ध : हिमांशु नागपालनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन औसतन 1200 से 1300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका वर्तमान में शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है. करसड़ा का यह प्रयास शहर को 'स्वच्छ काशी-सुंदर काशी' बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा. इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी द्वारा 'बायोमाइनिंग' तकनीक के जरिए कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है. इसके लिए विशेष 'क्लीमैन मशीन' का उपयोग किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जाएगी. कहा कि करसड़ा की यह हरित पट्टी न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय आबोहवा को भी शुद्ध करेगी. इसके अतिरिक्त इस प्रक्रिया से निगम को कार्बन क्रेडिट के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की भी संभावना है.ALSO READ : महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...संचालन अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने किया. इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, सुरेश चौरसिया, प्रवीन राय, अमरदेव यादव, प्रमोद राय, कुसुम पटेल, सीमा वर्मा, मंजू कन्नौजिया, बेबी कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, अशोक कुमार मोर्या, रविंद्र क्रुमार सिंह, अजय बिंद, विवेक जायसवाल, हनुमान प्रसाद, प्रमोद राय, मदन मोहन दुबे, शुभा वर्मा, मदन मोहन तिवारी, बलराम कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में पार्षद उपस्थित रहे.
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...
वाराणसी : देश में पिछले कुछ वर्षों से मंहगाई और बेरोजगारी चरम पर है और सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है. इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. मंगलवार को युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से विगत दिनों तीन बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है, उससे स्पष्ट है कि सरकार का महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है. सरकार इस पर नियंत्रण करने में पूरी तरह से विफल है. वहीं बेरोजगारी दिनोदिन बढ़ रही है. नौकरी के लिए युवा भटक रहा है और हमारे देश का शीर्ष नेतृत्व इन युवा पीढ़ी को रोजगार देने में पूरी तरह से निष्क्रिय है. हमारे देश में युवाओं को रोजगार के लिए कोई अवसर ही नहीं है. सरकारी नौकरियों का कोई भी वांट नहीं निकल रहा है, ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सकें.कहा कि देश का सर्वोच्च नेतृत्व केवल देश में जुमलेबाजी में व्यस्त हैं, उसको देश की समस्या दूर करने में कोई रुचि न है, वह तो केवल विदेशों में महिलाओं को गिफ्ट बांटने में व्यस्त है. जबकि देश की जनता बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त है. विकास सिंह ने कहा कि हम सरकार की नाकामी के बारे यदि आवाज उठाएंगे तो हमारे ऊपर फर्जी मुकदमे लाद दिए जाएंगे. यदि हम अपने देश के शीर्ष नेतृत्व से सवाल नहीं करेंगे तो किस्से करेंगे. हमारे प्रधानमंत्री हर बात के लिए कांग्रेस और नेहरू, सोनिया गांधी, राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराते है, लेकिन पिछले 12 साल से वे सरकार चला रहे है, लेकिन रुपया लगातार गिर रहा है, देश की अर्थव्यवस्था दिनोदिन बिगड़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री जी इसके लिए अपने सरकार का दोष न मानकर कांग्रेस पर दोषारोपण करने में व्यस्त है.नोटबंदी किस लिए हुई आज तक यह नहीं बता पाए और कितना काला धन विदेशों से लाए इसका भी आजतक कोई जवाब नहीं दे पाए. मीडिया के सवालों और सच का सामना करने से बचने के लिए आजतक एक भी प्रेस कांफ्रेंस कर सीधे सवालों का जवाब नहीं दिया, क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि देश की जनता के सामने पोल खुल जाए. आज मैने सवाल खड़ा किया है, हो सकता है कल मेरे खिलाफ भी कोई मुकदमा फर्जी ढंग से दर्ज कर मुझे भी जेल में डाल दिया जाए.ALSO READ : लोकायुक्त जांच के दौरान ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को पद से हटाने की मांग, कुलपति को सौंपा ज्ञापन...आएदिन सड़क पर अराजक तत्वों द्वारा आपराधिक घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है, वो भी सरकार में बैठे मंत्री और विधायक के बल पर और सरकार उनको संरक्षण दे रही है और गरीबों और मजलूमों पर जुल्म ढा रही और अपराध को बढ़ावा दे रही है, जबकि इस सरकार का सबसे बड़ा दावा अपराध और भ्रष्टाचार मुक्त रहने का था.