दो माह में बनारस देश का पहला होगा गार्वेज फ्री सिटी, महापौर ने साझा की उपलब्धि...

वाराणसी : बनारस दो माह में गार्वेज फ्री सिटी होगा. यह देश का पहला कूड़ा मुक्त शहर होगा. नगर निगम इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है. इस क्रम में 27 में से 23 कूड़ा घरों को बंद किया जा जा चुका है. शेष चार कूड़ा घरों को भी समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है. कार्यकाल के तीन गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार, में आयोजित पत्रकारवार्ता दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पिछले तीन वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया और आगामी दो वर्षों के लिए शहर के विकास का भविष्योन्मुखी रोडमैप साझा किया. उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 41वें स्थान पर रहने वाला वाराणसी, अब 2025 में 17वें स्थान पर पहुंच गया है. वहीं सफाईकार्मियों की संख्या 4075 से बढ़ाकर 7428 कर दी गई . प्रमुख मंदिरों व मार्गो पर तीन शिफ्ट में सफाई हो रही है.
वहीं करसड़ा डंपिंग ग्राउंड का वैज्ञानिक तरीके से बायोमाइनिंग द्वारा निस्तारण और वहां ‘मियावाकी’ तकनीक से जंगल विकसित करने की योजना पर विशेष बल दिया गया.
वित्तीय आत्मनिर्भरता और राजस्व में चार गुना वृद्धि
निगम ने आर्थिक अनुशासन का एक नया उदाहरण पेश किया है. पिछले तीन वर्षों में बिना गृहकर बढ़ाए, राजस्व वसूली को 94.36 करोड़ से बढ़ाकर 415 करोड़ रुपये तक पहुँचाया गया है. निगम का कुल बजट 843 करोड़ से बढ़कर 2775.44 करोड़ रुपये हो गया है. साथ ही, अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत 1250 बीघा बेशकीमती भूमि (अनुमानित मूल्य 7 अरब रुपये) को कब्जा मुक्त कराकर निगम के लैंड बैंक में शामिल किया गया है. इस मौके पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि वाराणसी की विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस वैश्विक शहर बनाना ही हमारा संकल्प है. पत्रकारवार्ता में मुख्यरूप से उपसभापति नरसिंह दास सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार
- तीन साल में 78 बड़े व मिनी नलकूप अधिष्ठापन व रिबोरिंग का कार्य. लागत 42.90 करोड़.
-नव विस्तारित 25 नए वार्डों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू.
-सभी 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की निगरानी क्यूआर कोड व कमांड सेन्टर के माध्यम की जा रही है.
-सफाई कर्मियों केी डिजिटल तीन बार हाजिरी.
-स्वच्छ भारत मिशन के तहत 49 नए सार्वजनिक शौंचालयों का निर्माण, हर एक में ट्रांसजेंडर के लिए अलग सुविधा ट्रांसजेंडर सुविधा के लिए लक्सा में आधुनिक शौचालय का निर्माण.
- 30 करोड़ की लागत से शहर के सेवा बस्तियों में बिजलीकरण, सड़क, नाली और शुद्ध पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का का लक्ष्य.
-30 करोड़ की लागत से पद्म अवार्डी के आवास की सड़कों व गलियों का सुंदरीकरण व सौंदर्यीकरण .
-जलकल विभाग में ठेकेदारी प्रथा से खत्म करते हुए प्रत्येक वार्ड में 03 सीवर सफाई कर्मचारी व 02 वार्ड में 01 सीवर सुपरवाईजर की तैनाती. आउट सोर्सिंग पर कुल 300 कर्मचारी रखे गये हैं.
-गत 03 वर्षों में खरीदे गए 143 वाहन, लागत 26.6252 करोड़ रुपये . इसमें जलकल विभाग में 6 जेटिंग कम सेक्शन मशीन व छोटी जेटिंग कम जाकिंग, लागत 3.84 करोड़.
जलस्रोत : सीएसआर फंड से शंकुलधारा एवं दुर्गाकुण्ड सहित -16 तालाब का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्याकरण का कार्य.
-मत्स्य मे पालन के लिए 19 तालाबों को मांझी समाज को पट्टे
- विलोपित शहरी 583 कुओं का जीर्णोद्धार
सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र मियावाकी वन तथा कंचनपुर में मियावाकी वन
-प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर (एक पेड़ मां के नाम) के तहत वर्ष 2024-25 में 8000 ट्री गार्ड के साथ वृक्ष
वर्ष 2025-26 में 20 हजार ट्री गार्ड के साथ वृक्ष
जीवित : 25000
- सारंगतालाब में प्रस्तावित मियावाकी वन
-भेलूपुर में 25 एकड़ में (काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर) पार्क विकसित करने का लक्ष्य
- शहर के 176 पार्कों में ओपेन जिम, पाथवे का निर्माण।
-शहीद उद्यान सौंदर्यीकरण, लागत 8.9893 करोड़ रुपये
1250 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त
-नगर निगम ने कब्जा किए हुए 1250 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त। बाजार दर से अनुमानित मूल्य करीब 07 अरब करोड़ रुपये मूल्य. की कीमत । निगम के लैण्ड बैंक में सम्मिलित
-सीएम ग्रिड परियोजना नौ मुख्य सड़कों का निर्माण, आठ और सड़कों का प्रस्ताव
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-मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अब आने वाले शवों के आंकड़ों को व्यवस्थित करने के कंप्यूटरीकृत नि:शुल्क पंजीकरण की व्यवस्था
सीनियर केयर सेंटर : वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2.07 करोड़ की लागत से बड़ालालपुर (टीएफसी के पास) में सीनियर केयर सेंटर का निर्माण
कल्याण मण्डप : 470.64 लाख रुपये की लागत से पिसौर में मांगलिक कार्य के लिए कल्याण मण्डप.



