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वाराणसी के अंतरराष्‍ट्रीय स्‍टेडियम में 10 प्रतिशत काम बाकी, अप्रैल में हो सकता है हैंडओवर

वाराणसी के अंतरराष्‍ट्रीय स्‍टेडियम में 10 प्रतिशत काम बाकी, अप्रैल में हो सकता है हैंडओवर
Feb 13, 2026, 11:32 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : जिले के वाराणसी - भदोही मार्ग पर गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. इसका 10 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है. कार्यदायी संस्था 21 अप्रैल तक इसे हैंडओवर कर सकता है. निर्माण से जुड़े सूत्रों के अनुसार स्टेडियम परिसर में फ्लड लाइट्स लग चुकी हैं. दर्शकों के बैठने के लिए दीर्घा में सीटें लगाने का कार्य शेष है, जिसे युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है. निर्माण एजेंसी ने अफसरों को बताया है कि 21 अप्रैल तक स्टेडियम को संबंधित प्राधिकरण को औपचारिक रूप से हैंडओवर कर दिया जाएगा. करीब 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम के डिजाइन को काशी की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.


यह स्टेडियम भगवान शिव को समर्पित है. फ्लड लाइट्स त्रिशूल के आकार की हैं, स्टेडियम की छत अर्धचंद्राकार है, और बैठने की व्यवस्था गंगा के घाटों की तरह है. मीडिया सेंटर को 'डमरू' के आकार में बनाया गया है. त्रिशूल आकार की फ्लड लाइट्स और घाट शैली की दर्शक दीर्घाएं इसकी विशेष पहचान होंगी. वहीं स्टेडियम के आसपास की अभी और जमीन की खरीद की जानी है. प्रशासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ किसानों ने खेत में बोर्ड लगा दिया है कि वह जमीन नहीं देंगे. प्रशासन उन्हें सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दे रहा है. स्थानीय प्रशासन से जुड़े अफसरों का कहना है कि किसानों से बातचीत चल रही है, जितनी जमीन चाहिए उतनी मिल जाएगी.


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सभी की निगाहें अब इस स्टेडियम के उद्घाटन की ओर हैं, जो कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा. वाराणसी में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम न केवल खेल प्रेमियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गर्व का विषय है. पूरे पर‍िसर को काशी और श‍िवमय बनाने का पूरा प्रयास क‍िया गया है ताक‍ि बाहर से आने वाले दर्शकों को काशी की छव‍ि प्रांगण में नजर आए. स्‍टेडियम को लेकर आसपास की जमीनों की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।