वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 10 प्रतिशत काम बाकी, अप्रैल में हो सकता है हैंडओवर

वाराणसी : जिले के वाराणसी - भदोही मार्ग पर गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. इसका 10 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है. कार्यदायी संस्था 21 अप्रैल तक इसे हैंडओवर कर सकता है. निर्माण से जुड़े सूत्रों के अनुसार स्टेडियम परिसर में फ्लड लाइट्स लग चुकी हैं. दर्शकों के बैठने के लिए दीर्घा में सीटें लगाने का कार्य शेष है, जिसे युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है. निर्माण एजेंसी ने अफसरों को बताया है कि 21 अप्रैल तक स्टेडियम को संबंधित प्राधिकरण को औपचारिक रूप से हैंडओवर कर दिया जाएगा. करीब 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम के डिजाइन को काशी की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
यह स्टेडियम भगवान शिव को समर्पित है. फ्लड लाइट्स त्रिशूल के आकार की हैं, स्टेडियम की छत अर्धचंद्राकार है, और बैठने की व्यवस्था गंगा के घाटों की तरह है. मीडिया सेंटर को 'डमरू' के आकार में बनाया गया है. त्रिशूल आकार की फ्लड लाइट्स और घाट शैली की दर्शक दीर्घाएं इसकी विशेष पहचान होंगी. वहीं स्टेडियम के आसपास की अभी और जमीन की खरीद की जानी है. प्रशासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ किसानों ने खेत में बोर्ड लगा दिया है कि वह जमीन नहीं देंगे. प्रशासन उन्हें सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दे रहा है. स्थानीय प्रशासन से जुड़े अफसरों का कहना है कि किसानों से बातचीत चल रही है, जितनी जमीन चाहिए उतनी मिल जाएगी.
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सभी की निगाहें अब इस स्टेडियम के उद्घाटन की ओर हैं, जो कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा. वाराणसी में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम न केवल खेल प्रेमियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गर्व का विषय है. पूरे परिसर को काशी और शिवमय बनाने का पूरा प्रयास किया गया है ताकि बाहर से आने वाले दर्शकों को काशी की छवि प्रांगण में नजर आए. स्टेडियम को लेकर आसपास की जमीनों की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं.



