Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

BHU में 28 विभूतियों को मिला ‘रामायणी सम्मान’, देश के हर जिले तक अभियान पहुंचाने का संकल्प

BHU में 28 विभूतियों को मिला ‘रामायणी सम्मान’, देश के हर जिले तक अभियान पहुंचाने का संकल्प
Aug 20, 2026, 04:49 AM
|
Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में 28 विभूतियों को ‘रामायणी सम्मान’ से सम्मानित किया गया, रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में भारत अध्ययन केंद्र के सहयोग से मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में देशभर से शिक्षाविद, संत, सांसद, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान ‘रामायणी सम्मान’ को अभियान के रूप में देश के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया.


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय में ‘रामायणी सम्मान’ का आयोजन गौरव का विषय है. उन्होंने रामायण रिसर्च काउंसिल की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रामायण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा लेनी चाहिए.


नैनीताल-उधमसिंह नगर के सांसद एवं रामायण रिसर्च काउंसिल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि देश में अनेक प्रतिभाएं रामायण साहित्य, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं, ऐसी प्रतिभाओं को समाज के सामने लाना और सम्मानित करना जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके. उन्होंने ‘रामायणी सम्मान’ को पूरे देश में अभियान के रूप में आयोजित करने की बात कही.


छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज ने सकारात्मक कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई, उन्होंने कहा कि वे छत्तीसगढ़ में भी ‘रामायणी सम्मान’ आयोजित कराने की दिशा में पहल करेंगे.


पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि काशी और गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर इस सम्मान की शुरुआत होना असाधारण पहल है. उन्होंने देश के प्रत्येक जिले में रामायण, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रहित के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.


सम्मान समारोह में पद्मश्री अनूप जलोटा को भी ‘रामायणी सम्मान’ प्रदान किया गया, उन्होंने ‘ऐसी लागी लगन’ समेत विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया.


रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी एवं ‘रामायणी सम्मान’ के संयोजक देवदत्त शर्मा ने कहा कि सम्मान का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, शोध, रामकथा, संगीत और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में रामायण से प्रेरित उत्कृष्ट योगदान करने वाली विभूतियों को प्रोत्साहित करना है.


काउंसिल की प्रभारी एवं आध्यात्मिक गुरु साध्वी प्रज्ञा भारती ने सीतामढ़ी में मां सीता की स्थापना संबंधी संकल्प की जानकारी दी, उन्होंने देश की मातृशक्ति से मां सीता के आदर्शों के लिए एकजुट होने की अपील की.


BHU भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. शरदिन्दु कुमार तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए रामायण रिसर्च काउंसिल के प्रयासों की सराहना की, कला संकाय की डीन प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि BHU परिसर से ‘रामायणी सम्मान’ की शुरुआत होना गौरव का क्षण है और उम्मीद जताई कि यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर से आगे वैश्विक पहचान बनाएगा.


इन्हें मिला सम्मान


‘रामायणी सम्मान’ पाने वाली 28 विभूतियों में अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, आर.के. सिन्हा, स्व. किशोर कुणाल (मरणोपरांत), डॉ. अर्चना प्रकाश, भगवान दास, डॉ. उदय प्रताप सिंह, डॉ. अवधी हरि, योगेश्वर प्रसाद देवरानी, आदित्य जैन, अभय माणके, संत हरिओम, नरेंद्रनाथ गगन, योगेश चंद्र शर्मा योगी, संजीव कुमार, डॉ. आशा ओझा, मद्गुल्ला प्रफुल्ला, विनोद कुमार तिवारी, डॉ. चंद्र प्रभा मदान, आचार्य संतोष पांडेय, अजय याग्निक, विंध्याचल मणि त्रिपाठी, राजराधे कृष्ण शर्मा, प्रेम प्रकाश दुबे, त्रिलोकी नाथ पांडेय, रामभनी विवेदी, डॉ. रविशंकर पांडेय और रेखा मेहरा शामिल हैं.


ALSO READ:तिब्बती संस्थान में शिव प्रसाद सिंह स्मृति संगोष्ठी, साहित्य में मनुष्यता और संवेदना को बताया प्रमुख


समारोह में हरिद्वार के महर्षि योगी मधुसूदन, पद्मश्री आचार्य डॉ. हरिहर कृपालु त्रिपाठी, ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, बाल-व्यास वैदेहीनंदन पंडित वेदांत, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भरत नागर, वाराणसी जोन के एडीजी पुलिस नवीन अरोड़ा सहित कई विशिष्ट लोग मौजूद रहे.


कार्यक्रम के अंत में देवदत्त शर्मा ने अतिथियों, सहयोगियों और आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया.

काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी पहुंचकर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय, लालभवन, पाणिनी भवन, शताब्दी भवन अतिथि गृह, श्रमण विद्या संकाय, श्री श्री आनंदमयी महिला छात्रावास और ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान दुर्गा शंकर मिश्र ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जरूरत के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजाऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने संचालित ऑनलाइन डिप्लोमा कक्षाओं का भौतिक अवलोकन किया। उन्होंने तकनीकी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे और प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया।पांडुलिपियों को बताया भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य निधिदुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ‘उत्कृष्ट ज्ञान भारतम्’ द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और डिजिटलीकरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय मनीषा की अमूल्य ज्ञान-संपदा हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक एवं ज्ञानपरक सामग्री को देखा और इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।सीएसआर से हो रहे विकास कार्यों की सराहनादुर्गा शंकर मिश्र ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल सहित बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुर्गा शंकर मिश्र का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और ज्ञानपरक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पांडुलिपियों का संरक्षण, संग्रहालय का संवर्धन और ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।ALSO READ: जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक, वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार अधिकारी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
वाराणसी:T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीमें 29 सितंबर को जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करने जा रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए *रमना ग्राम प्रधान अमित कुमार पटेल* और *BHU चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी* बिरला ग्राउंड पहुंचे।इस दौरान दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलते समय जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान पर एकजुट होकर पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ खेलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनका व्यवहार और अनुशासन भी क्षेत्र की पहचान बनता है। ऐसे में सभी खिलाड़ी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के नियमों का सम्मान करें।उत्तर प्रदेश की टीम में कप्तान कार्तिक गुप्ता के साथ विनायक जायसवाल, हर्षित विश्वकर्मा, सूरज यादव, उज्जवल, अंकित, रोहित, सिद्धार्थ, मिलित, ऋषभ, हिमांशु, रौनक और हर्ष शामिल हैं।वहीं पूर्वांचल की टीम की कमान कृष्णा जायसवाल संभालेंगे। टीम में प्रथम जायसवाल, आर्यन चौबे, बादल, आयुष चौबे, प्रीतम, सौरभ, वैभव, अनवर, सार्थक, यश सिंह, मयंक और पृथ्वी शामिल हैं।खिलाड़ियों ने भी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर उत्साह व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कटरा पहुंचेंगे तथा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीम की गरिमा बनाए रखने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संकल्प लिया।ALSO READ: देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा29 सितंबर को दोनों टीमें जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाली टीमों के साथ मुकाबला होगा।