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काशी विद्यापीठ का 47वां दीक्षांत समारोहः 101 विद्यार्थियों को सौंपा गया स्वर्ण पदक

काशी विद्यापीठ का 47वां दीक्षांत समारोहः 101 विद्यार्थियों को सौंपा गया स्वर्ण पदक
Oct 08, 2025, 08:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 47वां दीक्षांत समारोह सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बुधवार को संपन्न हुआ. पहली बार यह समारोह विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया. इसके पूर्व प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने औपचारिक घोषणा कर समारोह का शुभारंभ किया. राष्ट्रगान, माल्यार्पण और कुलगीत के साथ समारोह की शुरुआत हुई. इस दौरान मंच पर काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी, मुख्य अतिथि पद्मश्री दिल्ली की प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल सहित छह अतिथि थे.


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आकांक्षा प्रजापति तथा अक्षत कुमार सिंह को दो-दो स्वर्ण पदक

समारोह में कुलपति प्रो. त्यागी ने अपने संबोधन में जानकारी दी कि दीक्षांत समारोह में 101 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए जा रहे हैं, जिनमें 74 छात्राएं और 27 छात्र शामिल हैं. समारोह में स्नातक वर्ग में बीए संस्कृत की छात्रा आकांक्षा प्रजापति और स्नातकोत्तर में एमएफए के अक्षत कुमार सिंह को दो-दो स्वर्ण पदक मिले. इसके अलावा एशियन यूनिवर्सिटी पावर लिफ्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा अमृता और छात्र कार्तिक को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया. जानकारी दी कि इस वर्ष भी मेडलिस्टों की सूची में छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं अधिक रही, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है.

पर्यावरण संरक्षण पर आधारित मनमोहक मोनो एक्ट


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समारोह के दौरान प्राथमिक विद्यालय बछांव के 10 बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित मनमोहक मोनो एक्ट और गीत प्रस्तुत किए. बच्चों की इस प्रस्तुति ने हॉल में बैठें श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया. तालियों की गड़गड़हाट देर तक समारोह में गूंजती रही. पूरे आयोजन में विद्यार्थियों और परिजनों में उत्साह का खासा माहौल देखने को मिला. पहली बार दीक्षांत समारोह का सजीव प्रसारण काशी विद्यापीठ कैंपस के गांधी अध्ययन पीठ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी किया गया.


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इतने विद्यार्थियों को मिली उपाधि


इस बार दीक्षांत समारोह में काशी विद्यापीठ से स्नातक के 55,642 (21,387 छात्र, 34,252 छात्राएं और 3 ट्रांसजेंडर), स्नातकोत्तर के 15,322 (3,838 छात्र और 11,484 छात्राएं) तथा पीएचडी के 178 (111 छात्र और 67 छात्राएं) विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं.


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शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू से बीते 40 साल में निकलीं 200 से ज्यादा तकनीकी प्रतिभाएं अब करोड़पति और अरबपति हैं. ये सभी अगले महीने अमेरिका की विंड सिटी शिकागो में एक साथ होंगे. वहां भारत को एआई लीडर बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. शिकागो सम्मेलन में एआई, रक्षा, तकनीक, कारोबार और उद्योगों का भी संगम होगा. शिकागो के द वेस्टइन शिकागो लोंबार्ड में पांच और छह सितंबर को ग्लोबल एलुमनी मीट-2026 होना है. करीब 900 अरब डॉलर के मालिक जीस्केलर के संस्थापक जय चौधरी के साथ 40 साल पुराने बैच के 200 से ज्यादा पूर्व छात्र एक मंच पर मंथन करेंगे.जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे. वे पहले दिन पांच सितंबर को चाय पर चर्चा करेंगे. इन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1979 बैच में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था. 12,500 करोड़ संपत्ति वाले पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा और टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं. सम्मेलन का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में नेतृत्व और कुछ नया निर्माण करने को लेकर है. इसके अलावा मशीन लर्निंग, डिजिटल रिसर्च और बदलती तकनीक पर भी सम्मेलन में कई एकेडमिक और व्यवसायिक प्रस्ताव तैयार होंगे.एआई युग में कंपनियों का उदय, कटिंग एज एआई पैनल, एआई और मानव क्षमता के सत्र होंगे. स्टैंप अप कॉमेडी भी होगी. आईआईटी बीएचयू में डीन (पुरा छात्र एवं संसाधन) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक ने बताया कि देश एआई के मामले में अग्रणी रहे, इस पर मंथन किया जाएगा. व्यवसायियों और वैज्ञानिक मेहमानों की सूची लगातार अपडेट हो रही है. हिस्सेदारी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आईआईटी से निकलकर दुनिया भर में अपने कारोबार और तकनीक जगत में कुछ नया मुकाम पा चुके दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. जीस्केलर के संस्थापक और चेयरमैन जय चौधरी 1980 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे. उन्होंने एयर डिफेंस, सिफर ट्रस्ट, कोर हार्बर और सिक्योर आई जैसी कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया है. पूर्व छात्रों का नेटवर्क उभरती तकनीक से संस्थान के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को रूबरू कराएगा. क्लाउड, माइक्रोसर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है. तकनीकी बदलावों के साथ उद्योग और कारोबार पर उसके प्रभाव को लेकर भी मंथन होगा.ALSO READ: बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसरइन पुरा छात्रों की सूची तैयारमाई कर्मा के फाउंडर उज्ज नाथ, पोर्टवॉक्स के सीईओ मुरली थिरुमाले, शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. प्रदीप चिंतागुता, सिलिकॉन वैली क्वाड के फाउंडर मैनेजिंग पार्टनर बीवी जगदीश, अफर्मा कैपिटल के सीईओ नयनेश जयसिंह, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के अरविंद गुप्ता, मोबाइल फोर्स के सीईओ जगदीश भंडोल और रोबोटिक्स के फाउंडर सौरभ चंद्रा आदि शामिल होंगे.
बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसर
बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसर
वाराणसी : स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में बरेका इंटर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया. तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा बरेका परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा.प्राचार्य अशोक कुमार माहेश्वरी के नेतृत्व में आयोजित तिरंगा यात्रा में कक्षा 6 से 12 तक के करीब 800 छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया. सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान शुरू हुई यात्रा में विद्यार्थी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर कतारबद्ध होकर आगे बढ़े। विद्यार्थियों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह और तिरंगे के प्रति सम्मान साफ दिखाई दे रहा था.करीब 400 मीटर लंबी तिरंगा यात्रा ने विद्यालय परिसर का चक्रमण किया और विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस प्रार्थना स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई. यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’, ‘जय हिंद’, ‘महात्मा गांधी अमर रहें’, ‘सरदार भगत सिंह अमर रहें’ और ‘मैडम भीखाजी कामा अमर रहें’ जैसे देशभक्ति के नारे लगाए. नारों की गूंज से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया.तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को भी बढ़ावा दिया गया. शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान और राष्ट्रीय ध्वज के महत्व से अवगत कराया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा.तिरंगा यात्रा का संचालन विद्यालय के शारीरिक शिक्षा अध्यापक चंद्र मोहन यादव ने किया. यात्रा को व्यवस्थित और सफल बनाने में विद्यालय के सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ यात्रा में भाग लेकर स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति का संदेश दिया.ALSO READ : खेत की ओर निकली महिला का गोमती नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटीबरेका इंटर कॉलेज में आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रध्वज के सम्मान, देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता की भावना को और मजबूत किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान बरेका परिसर में देशभक्ति का माहौल बना रहा.
खेत की ओर निकली महिला का गोमती नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
खेत की ओर निकली महिला का गोमती नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के धरहरा में खेत की ओर निकली एक महिला का शव बुधवार को गोमती नदी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. शव देखते ही ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई, क्योंकि मृतका गांव की बुजुर्ग महिला निकली, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त थी. सूचना मिलते ही परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए, लेकिन इसी बीच किसी ग्रामीण ने स्थानीय चौकी पर इसकी सूचना दी. सूचना के बाद चौकी इंचार्ज पवन राय मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.जानकारी के अनुसार, धरहरा गांव निवासी शीला देवी पति भैया लाल प्रतिदिन की तरह सुबह घर से खेत की ओर निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका. इस बीच जब ग्रामीण नदी किनारे गए तो उन्होंने शव को पानी में उतराया देखा. तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने शव की पहचान के बाद उसे कब्जे में लिया. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्टीकरण हो पाएगा. पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जाँच की जा रही है.ALSO READ : आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्पवरुणा नदी में युवक डूबा, तलाश जारीशिवपुर के पिसौर में राम-जानकी मंदिर के पास मंगलवार शाम वरुणा नदी में नहाने गया जहांगीर गहरे पानी में जाने से डूब गया. पुलिस और ग्रामीणों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन तेज बहाव और अधिक जलस्तर के कारण सफलता नहीं मिली. एनडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है. जहांगीर मंगलवार शाम पांच बजे नदी में नहाते समय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. पास में मछली पकड़ रहे एक ग्रामीण ने उसे डूबता देखकर शोर मचाया और गांव के लोगों को सूचना दी. डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी गई. जहांगीर सैलून में काम करता है. पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था. पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है.