वाराणसी में 60 सीटों पर फॉरेंसिक साइंस में B.Sc. और M.Sc., इतनी होगी फीस

वाराणसी: अपराधिक घटनाओं की लुकपोल देने में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए जिले में पहली बार फॉरेंसिक साइंस में 60 सीटों पर दो कोर्स की पढ़ाई शुरू होगी. पांच वर्षीय बीएससी-एमएससी और दो वर्षीय एमएससी इन फॉरेंसिक साइंस में 30-30 सीटें निर्धारित की गईं हैं. इसके लिए अप्रैल में चौबेपुर के जाल्हूपुर में ट्रांजिट कैंपस खुलेगा और इसी साल से कोर्स का संचालन होगा. दोनों कोर्स की फीस 65 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर रखी गई है.

जल्द जारी होगी आवेदन की तिथि
इसकी योग्यता और आवेदन की तिथि जल्द जारी की जाएगी. ये फैसला गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी एनएफएसयू की ओर से लिया गया है. वहां के एकेडमिक काउंसिल की 11वीं बैठक में इस कोर्स को पारित कर वाराणसी में इसके संचालन पर चर्चा हुई. जाल्हूपुर स्थित कैंपस के निदेशक डॉ. सतीश कुमार होंगे.
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि मुख्य परिसर में 70 कोर्स चलाए जा रहे हैं. लेकिन, गुजरात से बाहर बड़े स्तर पर वाराणसी में फॉरेंसिक कोर्स की पढ़ाई का फैसला लिया गया है. अपराध के मामलों में फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया और गति दोनों बढ़ेगी. स्थानीय मामले बाहर न जाकर यहीं सुलझाए जाएंगे. बीएचयू के छात्रों को न्यायालय और पुलिसकर्मियों को साक्ष्य जुटाकर लैब तक भेजने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

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इसके अलावा एनएफएसयू और बीएचयू मिलकर रिसर्च करेंगे. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वाराणसी में फॉरेंसिक साइंस का नया ट्रांजिट कैंपस खुल रहा है. पूर्वांचल समेत आसपास के छात्र और छात्राओं को फॉरेंसिक विज्ञान की पढ़ाई के साथ ही हर केस को बारीकी से समझने का अवसर मिलेगा. इसके लिए अब बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी. देश का यह 16वां कैंपस होगा.



