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72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप -यूपी का दबदबा बरकरार, जीत की हैट्रिक

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप -यूपी का दबदबा बरकरार, जीत की हैट्रिक
Jan 07, 2026, 07:42 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : महादेव की नगरी काशी इन दिनों खेल के महाकुंभ रंगी हुई है. डॉ. सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में चौथे दिन की शुरुआत महिला वर्ग में मेजबान उत्तर प्रदेश और मजबूत माने जाने वाली पंजाब की टीम से हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश ने पंजाब को 25-18,25-18,25-13 से हराया. महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की यह लगातार तीसरी जीत है. वहीं कोर्ट संख्या एक पर पुरुष वर्ग में मध्यप्रदेश ने मणिपुर को 25-16,25-18,25-13 से हराया. वहीं, तीसरे दिन मुकाबले और भी रोमांचक हो गए थे. दर्शकों की गूंज, तेज़ सर्विस और दमदार स्मैश ने स्टेडियम को उत्सव में बदल दिया.


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तीसरे दिन उत्तर प्रदेश की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने लगातार जीत दर्ज कर दबदबा कायम रखा है. पुरुष वर्ग में यूपी ने तेलंगाना को 3-0 से हराकर ग्रुप में अपनी मजबूत स्थिति बनाई. महिला वर्ग में यूपी ने मणिपुर को 3-0 से मात देते हुए आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया. दोनों ही टीमें टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार बनकर उभरी हैं.


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अन्य टीमों का हाल

* केरल ने संतुलित खेल से ग्रुप में मजबूती दिखाई.

* गुजरात की टीमें अनुशासन और तालमेल के दम पर प्रभावशाली रहीं.

* छत्तीसगढ़ टूर्नामेंट की ‘डार्क हॉर्स’ बनकर उभरी, जहां महिला टीम ने जम्मू-कश्मीर को 3-0 से हराकर सबको चौंका दिया.

* तमिलनाडु ने तकनीकी रूप से सधा हुआ खेल दिखाया.

* दिल्ली और कर्नाटक को उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन का सामना करना पड़ा.


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दिग्गजों की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह


तीसरे दिन स्टेडियम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही. शहर दक्षिणी विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी और आयोजन समिति के अध्यक्ष व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया.


नॉकआउट चरण 8 जनवरी से

* 8 जनवरी: प्ले-ऑफ व प्री-क्वार्टर फाइनल

* 9 जनवरी: क्वार्टर फाइनल

* 10 जनवरी: सेमीफाइनल

* 11 जनवरी: तीसरे स्थान के मुकाबले व भव्य फाइनल


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आज यह मुकाबले हो रहे


पुरुष वर्ग


मध्य प्रदेश बनाम मणिपुर

गुजरात बनाम उत्तराखंड

बिहार बनाम तेलंगाना

ओडिशा बनाम आंध्र प्रदेश

चंडीगढ़ बनाम पुडुचेरी

असम बनाम दिल्ली

छत्तीसगढ़ बनाम लद्दाख

पश्चिम बंगाल बनाम दमन दीव

केरल बनाम जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश बनाम नागालैंड

मध्य प्रदेश बनाम उत्तराखंड

गुजरात बनाम महाराष्ट्र

सर्विसेज बनाम तमिलनाडु

राजस्थान बनाम हरियाणा

बिहार बनाम आंध्र प्रदेश

ओडीसा बनाम उत्तर प्रदेश


महिला वर्ग


असम बनाम मणिपुर

उत्तर प्रदेश बनाम पंजाब

गुजरात बनाम पुडुचेरी

कर्नाटक बनाम उत्तराखंड

दिल्ली बनाम मध्य प्रदेश

तेलंगाना बनाम बिहार

तमिलनाडु बनाम महाराष्ट्र

झारखंड बनाम छत्तीसगढ़

रेलवे बनाम पश्चिम बंगाल

हरियाणा बनाम हिमाचल प्रदेश

केरल बनाम राजस्थान

उत्तर प्रदेश बनाम आंध्र प्रदेश

पंजाब बनाम असम

बीएचयू को मिला पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण का भारतीय पेटेंट...
बीएचयू को मिला पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण का भारतीय पेटेंट...
वाराणसी: 25 जून 2026 काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को एक अभिनव और कम लागत वाले पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण के लिए भारतीय पेटेंट प्राप्त हुआ है. यह उपकरण छोटे प्रयोगात्मक पशुओं पर विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रभाव का अध्ययन करने में सक्षम है. इस आविष्कार का शीर्षक "A Low-Cost and Portable, Small Animals' Device for Simulation of Differing Environmental Conditions" है.यह उपकरण बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा, डॉ. कुमार सर्वोत्तम के मार्गदर्शन में उनके पीएचडी शोध कार्य के दौरान विकसित किया गया है.यह स्वदेशी उपकरण छोटे प्रयोगात्मक पशुओं के लिए कृत्रिम रूप से विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियां तैयार कर सकता है. इसके माध्यम से ऑक्सीजन की मात्रा, वायुदाब, तापमान, आर्द्रता, वायु गुणवत्ता और प्रकाश जैसी परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों का जीवों के शरीर और व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है.विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक उपलब्ध अधिकांश उपकरण अत्यधिक महंगे थे और एक समय में केवल एक या दो पर्यावरणीय कारकों का ही अध्ययन कर सकते थे.जबकि बीएचयू द्वारा विकसित यह उपकरण कम लागत में एक साथ कई पर्यावरणीय परिस्थितियों का अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है.ALSO READ:क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...इस तकनीक से सीमित संसाधनों वाले शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को भी आधुनिक शोध सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी. इसका उपयोग उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन की स्थिति, वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, श्वसन संबंधी रोगों, अंतरिक्ष एवं विमानन चिकित्सा तथा अन्य जैव-चिकित्सकीय अनुसंधानों में किया जा सकेगा.वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उपकरण भविष्य में नई दवाओं के परीक्षण और मानव स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न शोध कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.इस आविष्कार के लिए बीएचयू को भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. यह सफलता न केवल बीएचयू बल्कि देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है.
क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...
क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...
वाराणसी : उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा/थ्री व्हीलर चालक यूनियन, वाराणसी के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को ज्ञापन देकर शहर में पूर्व में लागू क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः प्रभावी ढंग से लागू करने तथा कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है.ज्ञापन में कहा गया है कि कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा पूर्व में लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था के कारण शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक व्यवस्थित हो गई थी तथा जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आई थी. इससे आम नागरिकों, वाहन चालकों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी राहत मिली थी.यूनियन का आरोप है कि वर्तमान समय में क्यूआर कोड व्यवस्था पूरी तरह प्रभावहीन हो चुकी है और विभिन्न क्षेत्रों में बिना परमिट एवं नियम विरुद्ध वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं. साथ ही कुछ एजेंटों द्वारा ऐसे वाहनों से प्रति वाहन लगभग दो हजार रुपये प्रतिमाह की कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब भी किसी क्षेत्र में जांच अथवा चेकिंग अभियान चलाया जाता है, उसकी सूचना पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाती है.इसके लिए कथित रूप से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से बिना परमिट अथवा नियम विरुद्ध संचालित वाहनों को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है.इससे कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित होता है और वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती.ईश्वर सिंह ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने पर अवैध वसूली तथा नियम विरुद्ध वाहन संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.ALSO READ : वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...ज्ञापन में पुलिस आयुक्त से मांग की गई है कि क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, बिना परमिट संचालित वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, कथित अवैध वसूली करने वालों एवं उनके संरक्षकों की जांच कर कार्रवाई की जाए, सूचना लीक करने वाले व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कराई जाए तथा बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए.
वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से जुआ और सट्टे का कारोबार संचालित करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब पांच लाख रुपये की धनराशि दो बैंक खातों में सीज कराई है. सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) विदुष सक्सेना ने बताया कि साइबर क्राइम थाना की टीम को ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन की सूचना मिली थी. जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दीपक सिंह, निवासी थाना गोविंद नगर, कानपुर तथा नवनीत सिंह, निवासी कानपुर के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नौ मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग कथित रूप से ऑनलाइन सट्टा और जुआ संचालन में किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद करीब पांच लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि को सीज कराया गया है. बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों की जांच कर ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, निरीक्षक उदयवीर सिंह, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव, कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव, कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अवनीश सिंह तथा कांस्टेबल अनिल मौर्य शामिल रहे. पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी. पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विभिन्न बेटिंग वेबसाइटों के लिए ग्राहकों को आइडी उपलब्ध कराते थे तथा जमा-निकासी (पे-इन और पे-आउट) की प्रक्रिया संचालित करते थे. इसके लिए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग किया जाता था. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है.