बादशाहबाग फीडर पर काम कर रहा संविदा कर्मी गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिरा, हालत गंभीर

वाराणसी : पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के काशी विद्यापीठ उपखंड अंतर्गत आने वाले बादशाहबाग फीडर पर कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. लाइन मेंटेनेंस के दौरान संविदा बिजलीकर्मी सुरेश पटेल गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गए. सिर और कमर में गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें ककरमत्ता स्थित पॉपुलर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को बादशाहबाग फीडर क्षेत्र में ब्रेकडाउन या लाइन मरम्मत का कार्य चल रहा था. इसी दौरान संविदा कर्मी सुरेश पटेल पोल पर चढ़कर कार्य कर रहे थे. अचानक हुए हादसे के कारण वह अनियंत्रित होकर ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरते ही उनके सिर और कमर में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गए. घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पॉपुलर अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है.

सुरक्षा मानकों और कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह
हादसे के बाद विभाग की कार्यप्रणाली, शटडाउन प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. शटडाउन में चूक या लापरवाही, क्या पोल पर चढ़ने से पहले विधिवत शटडाउन लिया गया था,
यदि शटडाउन था तो दुर्घटना कैसे हुई जैसे प्रश्न अनुत्तरित हैं. मामले में उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता की भूमिका और निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. संविदा कर्मियों से बिना पर्याप्त सुरक्षा के जोखिम भरा काम कराने को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है.
ALSO READ : जनता दर्शन में डीएम ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, समय सीमा में संतुष्टिपरक निस्तारण पर जोर
बिजली विभाग में लगातार हो रहे संविदा कर्मियों के हादसों को लेकर साथी कर्मचारियों में गहरा रोष है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उपखंड स्तर पर अधिकारी केवल काम का दबाव बनाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले लाइनमैन और संविदा कर्मियों की सुरक्षा को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. घायल सुरेश पटेल के इलाज का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन किए जाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है.



