वाराणसी में नागकूप के आसपास बनेगा कॉरिडोर, पर्यटन विभाग तैयार कर रहा योजना...

वाराणसी : भारतीय संस्कृति, योग और शिक्षा की ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने की दिशा में पर्यटन विभाग एक नई पहल करने जा रहा है. जैतपुरा स्थित प्राचीन नागकूप और शास्त्रार्थ पीठ के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए कॉरिडोर निर्माण की योजना तैयार की जा रही है. इस परियोजना के तहत नागकूप के चारों ओर लगभग 50 से 60 मीटर चौड़ा गलियारा विकसित किया जाएगा, जिससे यह स्थल पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बन सके.
नागकूप का संबंध महर्षि पतंजलि और प्राचीन योग परंपरा से माना जाता है. यहां योग, आयुर्वेद और संस्कृत अध्ययन की समृद्ध विरासत मौजूद है. योजना के अंतर्गत अष्टांग योग के विभिन्न अंगों को दर्शाने वाले अलग-अलग कक्ष बनाए जाएंगे, जहां आगंतुकों को योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही इस क्षेत्र को शोध और अध्ययन के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की भी तैयारी है.

पर्यटन विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने स्थल का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार नागकूप को जीटी रोड से सीधे जोड़ने के लिए लगभग 600 से 700 मीटर लंबी सड़क का भी चौड़ीकरण किया जाएगा. इससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा.
इतिहासकारों के अनुसार नागकूप का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे संस्कृत व्याकरण के महान आचार्य पाणिनि से भी जोड़ा जाता है. माना जाता है कि उन्होंने इसी क्षेत्र में अपनी प्रसिद्ध रचना ‘अष्टाध्यायी’ की संरचना की थी. हर वर्ष नागपंचमी पर यहां श्रद्धालुओं और विद्वानों का बड़ा जमावड़ा लगता है.
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परियोजना के पूरा होने के बाद नागकूप और शास्त्रार्थ पीठ न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेंगे, बल्कि वाराणसी की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी मिलेगी. पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि यह विकास कार्य क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगा.



