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बाबा महाश्‍मशान को समर्पित राग विराग का मेला, नगर वधुओं ने अर्पित की नृत्‍यांजलि

बाबा महाश्‍मशान को समर्पित राग विराग का मेला, नगर वधुओं ने अर्पित की नृत्‍यांजलि
Mar 26, 2026, 06:49 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में चैत्र नवरात्र की सप्तमी की रात बाबा महाश्‍मशान को समर्पित राग विराग का मंच सजा. पूरी रात महाश्मशान मणिकर्णिका पर चिताओं की आंच जलती रही, वहीं नगर की वधुएं बाबा मसाननाथ को नृत्यांजलि अर्पित करती रहीं. महाश्मशान पर पंचमी से सप्तमी तक चलने वाले महाश्मशान नाथ जी (मणिकर्णिका घाट) के त्रिदिवसीय श्रृंगार महोत्सव का समापन भी इसी आयोजन के साथ हुआ.


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आयोजन के अंतिम दिन, तांत्रिक विधि से पूजन और अभिषेक के बाद, रात्रि नौ बजे नगर वधुओं की नृत्यांजलि आरंभ हुई. घुंघरूओं की खन खन के बीच राग विराग की नगरी काशी महाश्मशान में जीवंत हो उठी. आयोजन से पूर्व महाश्मशान की महाआरती की गई और परंपरागत रूप से चिताओं की आंच के बीच राग विराग का मेला सजा.


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प्राचीन मान्यता के अनुसार, 14वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में काशी आए राजा मानसिंह ने मणिकर्णिका तीर्थ पर स्थित जीर्ण-शीर्ण श्मशान नाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया. इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के बाद नगर के संगीतज्ञों को मंगल उत्सव में आमंत्रित किया गया. दुर्भाग्यवश, कुछ पूर्वाग्रह के चलते स्थापित कलाकारों ने इस उत्सव में भाग लेने से मना कर दिया. राजा मानसिंह इस स्थिति से व्यथित हुए और बिना उत्सव आयोजित किए ही दिल्ली लौटने की तैयारी करने लगे.


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काशी के पुरनिये बताते हैं कि जब यह समाचार नगर वधुओं तक पहुंचा, तो उन्होंने अपने आराध्य नटराज स्वरूप महाश्मशानेश्वर नाथ की महफिल सजाने का एकमत निर्णय लिया. उन्होंने राजा को संदेश भेजा कि वे उत्सव सजाने के लिए न केवल तैयार हैं, बल्कि इसके लिए आतुर भी हैं. इस संदेश को पाकर राजा मानसिंह प्रसन्न हुए और उन्होंने ससम्मान रथ आदि भेजकर नगर वधुओं को उत्सव में बुलवाया. तभी से यह परंपरा आरंभ हुई और आगे जाकर काशी की एक महत्वपूर्ण रीति के रूप में स्थापित हो गई.


सांस्कृतिक उत्सव


इस आयोजन में नगर वधुओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह काशी की समृद्ध परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है. महाश्मशान में चिताओं की आंच के बीच नृत्य का यह आयोजन जीवन और मृत्यु के चक्र को दर्शाता है. नगर वधुएं अपनी कला के माध्यम से न केवल श्रद्धा अर्पित करती हैं, बल्कि इस अवसर पर काशी की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती हैं. इस विशेष रात में, जब चिताओं की आंच जलती है, तब नगर वधुएं अपने नृत्य से वातावरण को जीवंत बना देती हैं. यह नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का भी हिस्सा है. काशी की यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करती है, बल्कि यह समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने का कार्य भी करती है.


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महाश्मशान नाथ का महोत्सव


महाश्मशान नाथ का यह महोत्सव काशीवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और साथ ही अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोते हैं. इस आयोजन के माध्यम से काशी की पहचान और उसकी सांस्कृतिक विविधता को भी प्रदर्शित किया जाता है.

माहेश्वरी समाज ने निकाली भव्य कलश यात्रा, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजी काशी...
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वाराणसी : माहेश्वरी समाज के वंश उत्पत्ति दिवस 'महेश नवमी' के पावन अवसर पर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया. यह शोभायात्रा दशाश्वमेध घाट से शुरू होकर बाबा विश्वनाथ धाम तक निकाली गई, जिसमें समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विश्वनाथ धाम पहुंचने के बाद बाबा का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक तथा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया. इस दौरान पूरा मार्ग 'हर हर महादेव' तथा 'ओम नमः शिवाय' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा. कलश यात्रा में महिलाएं पारंपरिक केसरिया साड़ियों में और पुरुष कुर्ता-पायजामा पहने पूरी श्रद्धा के साथ बाबा दरबार की ओर बढ़ते नजर आए.व्यापार को सेवा से जोड़ा: आयुष राज्यमंत्रीकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि महेश नवमी केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह उस संकल्प का दिन है जब भगवान शिव ने माहेश्वरी समाज को क्षत्रिय से वैश्य बनाकर व्यापार, दान और धर्म का मार्ग दिखाया था. उन्होंने आगे कहा कि आज काशी की इस पावन धरती पर केसरिया सागर (श्रद्धालुओं की भीड़) को देखकर गर्व की अनुभूति होती है कि माहेश्वरी समाज ने हमेशा व्यापार को सेवा भावना से जोड़ा है.वरिष्ठ सदस्य नवरतन राठी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा सहित उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल एवं हंसराज विश्वकर्मा सहित कई बड़े राजनेताओं ने समाज को बधाई और अपने शुभकामना संदेश प्रेषित किए हैं.ALSO READ : गंगा आरती में लखनऊ अग्निकांड के मृतक विद्यार्थियों को दी गई श्रद्धांजलि...महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में पंडित शंकर महाराज और भागचंद द्वारा भगवान महेश का विशेष पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया. इस भव्य कलश शोभायात्रा का नेतृत्व समाज के अध्यक्ष दीपक माहेश्वरी एवं मंत्री राकेश कछोलिया ने किया. कार्यक्रम के अंत में कोषाध्यक्ष सुशील दमानी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और मीडिया प्रमुख गौरव राठी ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया. इस महोत्सव में दीपक माहेश्वरी, शंकरलाल सोमानी, मांगीलाल सारड़ा, लाला चांडक, राजेश धूत, गिरिराज कोठारी, डा. वेणुगोपाल झंवर, धीरज मल आदि सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए.
गंगा आरती में लखनऊ अग्निकांड के मृतक विद्यार्थियों को दी गई श्रद्धांजलि...
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वाराणसी : लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में छात्रों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. इसी क्रम में मंगलवार शाम वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के दौरान मृत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. आरती में शामिल श्रद्धालुओं, पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए मां गंगा से प्रार्थना की.गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आरती शुरू होने से पहले दो मिनट का मौन रखकर मृत छात्रों को याद किया गया. उपस्थित लोगों ने हाथों में तस्वीरें लेकर हादसे में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. घाट पर मौजूद श्रद्धालु इस दुखद घटना को याद कर भावुक नजर आए. आरती के दौरान मां गंगा से प्रार्थना की गई कि हादसे में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की आत्मा को शांति मिले तथा उनके परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो। साथ ही अग्निकांड में घायल हुए छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की गई.गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ में हुई यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है. ऐसी घटनाएं केवल प्रभावित परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सभी शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.ALSO READ : बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में मृत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. गंगा आरती के दौरान का यह दृश्य बेहद भावुक और मार्मिक रहा, जहां पूरे वातावरण में शोक और संवेदना का भाव देखने को मिला.
बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
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वाराणसी : बीएचयू में नर्सिंग व गैर-शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेजी पकड़ती नजर आ रही है. मामले में जांच एजेंसियां आरोपितों की संपत्तियों, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और विभिन्न जिलों व राज्यों में फैले उनके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं. जांच का उद्देश्य केवल नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की परतों को सामने लाना भी है.सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जुटाए गए दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और आर्थिक लाभ किस माध्यम से पहुंचाया गया. इसके लिए विभिन्न जिलों और राज्यों से भी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं.बताया जा रहा है कि जांच में सामने आए कुछ तथ्यों ने एजेंसियों का ध्यान आरोपितों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की ओर खींचा है. इसी आधार पर उनके चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य आर्थिक स्रोतों की जानकारी एकत्र की जा रही है. जांच टीम यह भी पता लगाने में लगी है कि क्या नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन को कहीं निवेश किया गया या अन्य माध्यमों से उपयोग में लाया गया.ALSO READ : वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ नई कड़ियां भी जुड़ सकती हैं. इसी वजह से फील्ड यूनिट और अन्य जांच एजेंसियां लगातार सूचनाएं एकत्र कर रही हैं.जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है. जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे मामले में और खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और संपर्क सूत्रों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं.