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अन्नकूट पर्व के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य आयोजन

अन्नकूट पर्व के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य आयोजन
Oct 22, 2025, 08:16 AM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को प्रतिवर्ष की भाँति इस बार भी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में अन्नकूट पर्व का अत्यंत भव्य और श्रद्धामय आयोजन हुआ. अन्नकूट पर्व, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा की स्मृति में मनाया जाने वाला यह पावन पर्व, अन्न की समृद्धि, अन्न सुरक्षा और कृतज्ञता की भावना का प्रतीक है. "अन्नकूट" पर्व प्रकृति और ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करने की परंपरा का द्योतक है.

श्री काशी विश्वनाथ धाम में बुधवार को इस पावन अवसर पर भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव का श्रृंगार 21 क्विंटल विविध प्रकार की मिष्ठानों से किया गया. यह मिष्ठान धाम से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों से प्राप्त हुए. श्रृंगार हेतु जिन प्रमुख मिष्ठानों का उपयोग किया गया उनमें छेना, बूंदी लड्डू, काजू बर्फी, मेवा लड्डू तथा अन्य पारंपरिक मिठाइयाँ प्रमुख रूप से सम्मिलित थीं. पूरे धाम परिसर को पुष्पों, दीपों और सुगंधित धूप से अलंकृत किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण हो उठा.


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पंचबदन रजत चल-प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा


अन्नकूट पर्व के शुभ अवसर पर भगवान श्री विश्वनाथ, माता गौरी एवं गणेश जी की पंचबदन रजत चल-प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत परिवार के आवास से प्रारंभ होकर शहनाई एवं डमरू की मंगल ध्वनि और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ गर्भगृह में उत्सव पूर्वक विराजमान हुई, जिसके पश्चात गर्भगृह में श्री विश्वनाथ जी की मध्याह्न भोग आरती विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न की गई. इस पावन अवसर पर श्री विश्वेश्वर को विभिन्न प्रकार के भोग भगवान को अर्पित किया गया.

भोग आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण अन्नकूट पर्व की विशेष परंपरा का अभिन्न अंग है. श्रद्धालुओं ने अत्यंत भावपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और भगवान विश्वनाथ से समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की.


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धार्मिक उत्सव ही नहीं, मूल्यों का जीवंत प्रतीक भी


अन्नकूट पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह सनातन धर्म के सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक भी है. यह पर्व सनातन समाज में एकता, बंधुत्व, सहयोग और दान की भावना को सुदृढ़ करता है. इस दिन भक्तगण एकत्र होकर न केवल भगवान विश्वनाथ जी की पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर पर्वोल्लास और आनंद का आदान-प्रदान भी करते हैं.

यह पर्व यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति, निःस्वार्थ सेवा और प्रेम के माध्यम से समस्त सनातनधर्मी एक वृहद सनातन परिवार के सदस्य हैं. श्री काशी विश्वनाथ धाम में संपन्न यह अन्नकूट महोत्सव न केवल आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह सनातन समाज के समरसता, सहयोग और आध्यात्मिक उत्थान का भी दिव्य संदेश लेकर आया.


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काशी विद्यापीठ में उत्तर प्रदेश दिवस उत्सव का भव्य आगाज, कुलपति प्रो. ए.के. त्यागी ने किया शुभारंभ
काशी विद्यापीठ में उत्तर प्रदेश दिवस उत्सव का भव्य आगाज, कुलपति प्रो. ए.के. त्यागी ने किया शुभारंभ
वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर विविध सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी एवं परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने मानविकी संकाय में महात्मा गांधी और शिव प्रसाद गुप्त की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया.इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्तर प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक विरासत से जुड़े पोस्टर, मॉडल व चार्ट प्रदर्शनी लगाई गई. साथ ही नृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, पेंटिंग, भाषण और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ. रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित नाटक और काशी के घाटों व होली पर आधारित लोकगीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया.पंत प्रशासनिक भवन के सामने नमो घाट, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या राम मंदिर, माघ मेला और रोप-वे के मॉडल प्रस्तुत किए गए. वहीं सुभाष चौराहे पर शिक्षा व आत्मनिर्भर भारत विषयक नुक्कड़ नाटक के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ.विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026 के संयोजक एवं इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद शंकर चौधरी ने बताया कि यह आयोजन 24 से 26 जनवरी तक चलेगा.कार्यक्रम में कुलानुशासक, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.ALSO READ : राष्ट्रीय बालिका दिवस - प्रधानमंत्री आदर्श गांव नागेपुर में लड़कियों ने कबड्डी प्रतियोगिता में दिखाया दमखम
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वाराणसी : राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आशा ट्रस्ट व लोक समिति के तत्वावधान में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में बालिका कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. प्रतियोगिता में आराजी लाईन और सेवापुरी ब्लॉक के 16 गांव की बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक दमखम का परिचय दिया.भीखमपुर की टीम प्रथम, आशा ज्ञान पुस्तकालय नागेपुर द्वितीय और नेवढ़िया गांव की टीम तृतीय स्थान पर रही. खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया. मुकाबले पूरे जोश और रोमांच के साथ खेले गए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे. प्रतियोगिता के समापन पर विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार और अन्य सभी टीमों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.इस अवसर पर दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता विनय सिंह और ट्रांस महिला अनन्या मिथी को श्रद्धांजलि दी गई. लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य बालिकाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना तथा उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभ पाण्डेय, वनवासी सेवा आश्रम सोनभद्र की शोभा बहन और जिला पंचायत सदस्य अमन सिंह ने दीप जलाकर किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है और खेल के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास होता है.ALSO READ:उत्तर प्रदेश दिवस - वाराणसी में 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के तर्ज पर आयोजनकार्यक्रम में मुख्य रूप से अनीता सोनी मनीषा, आशा राय, श्यामसुंदर मास्टर, सुनील, पंचमुखी, रामबचन, डॉ. दूधनाथ, मोहम्मद अकरम, नीति, मनीष पटेल, कृष्णदेव पटेल, ग्राम प्रधान मुकेश कुमार नंदन, लौटन, संतलाल बेबी,सीमा, मधुबाला, चन्द्रकला, प्रेमा, मैनब, सीमा, पुष्पा, राजकुमारी, शीला, रिया, आशा रानी आद‍ि मौजूद रहे.
उत्तर प्रदेश दिवस - वाराणसी में 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के तर्ज पर आयोजन
उत्तर प्रदेश दिवस - वाराणसी में 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के तर्ज पर आयोजन
वाराणसी : जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन शनिवार को नमो घाट पर किया गया. समारोह के मुख्य अतिथि श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने फीता काटकर तीन दिन तक चलने वाले यूपी दिवस, सरस मेला एवं जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन 24 से 26 जनवरी तक किया जा रहा है, जिसका मुख्य आकर्षण 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' है. इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, विकास प्रदर्शनियां और जनभागीदारी वाले कार्यक्रम के आयोजन किए जा रहे हैं.हम सभी धन्य हैं कि उत्तर प्रदेश की माटी में हुए पैदा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने लोगों को संबोधित करते हुए सभी को उत्तर प्रदेश दिवस की बधाईयां दीं. उन्होंने कहा कि 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश का गठन हुआ इसके पूर्व इसे यूनाइटेड प्रोविंस के नाम से जाना जाता था. 2017 के पहले उत्तर प्रदेश दिवस जैसे कोई कार्यक्रम नहीं होते थे लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री के प्रयासों से इस प्रकार के आयोजन होना शुरू हुए जिसमें वर्तमान सरकार विकसित भारत के संकल्प के साथ अपनी उपलब्धियों को उल्लेखित कर रहा है. हम सभी धन्य हैं कि हम उत्तर प्रदेश की माटी में पैदा हुए हैं, भगवान भी जब जन्म लेते हैं तब उत्तर प्रदेश को चुनते हैं. देश पांच ट्रिलियन तथा उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के तरफ अग्रसर है जिस दिशा हम लगातार प्रयास कर रहे हैं. आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे जवान प्रदेश तथा देश विश्व का सबसे जवान देश है. आज प्रदेश में अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए कानून का राज स्थापित किया गया है. प्रदेश नए कारखानों के पंजीयन के क्षेत्र में पूरे देश में नम्बर वन पर है, जितने कारखाने आजादी के बाद नहीं बने उससे ज्यादा कारखानों का पंजीकारण पिछले आठ वर्षों में हुआ है. उन्होंने सभी से प्रदेश को आगे ले जाने में सामूहिक प्रयास करने हेतु प्रेरित किया. मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का गौरवशाली इतिहास, विरासत को बच्चों तथा नई पीढ़ी को बताना होगा.विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि आज भारत के सभी प्रदेशों में उत्तर प्रदेश अपना प्रथम स्थान बना रहा है. उन्होंने कहा कि 15 वर्ष पहले देश प्रदेश बेहाल हुआ करता था लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा 2017 में मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद देश तथा प्रदेश विकासशील से विकसित की तरफ बढ़ रहा है. हम काशीवासियों की भी उसमें भूमिका है क्योंकि हमने सांसद के रूप में प्रधानमंत्री चुना है. सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि लगातार प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा काशी के विकास को आगे ले जाया जा रहा है। हम काशीवासियों को भी यहां के विकास को उल्लेखित करना होगा. उन्होंने सभी को यूपी दिवस की बधाईयां दीं.जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले की उपलब्धियों को रेखांकित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी जिसके क्रम में आज हम 77वें साल में पहुंच रहे हैं. 2018 से उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम मनाना शुरू हुआ है जिसका ये नौवां वर्ष है. उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा अपने स्टॉल लगाकर अपने उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है. प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रयास से लगातार काशी में विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं. काशी विश्वनाथ धाम के बाद काशी में छह गुना बढ़ा है. आज बनारस में छह मेडिकल कॉलेज संचालित/ प्रक्रिया में हैं, जिससे बनारस मेडिकल हब के रूप में विकसित हो चुका है. आज सड़कें बहुत चौड़ी हुई हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लगातार अनेकों कार्य हो रहे हैं.ALSO READ :वाराणसी में देह व्‍यापार के अड्डे पर छापा, बंगाल से युवतियों को लाकर कराया जा रहा था अनैतिक कामइन्‍हें उत्‍कृष्‍ट कार्यों के लिए मिला सम्‍मानमुख्य अतिथि द्वारा यूपी दिवस के अवसर पर बनारस की तीन प्रमुख हस्तियों जिसमें बनारस घराने के पद्मश्री सितार वादक पंडित शिवनाथ मिश्र, ठुमरी गायन क्षेत्र की सुचारीका गुप्ता तथा मशहूर तबला वादक पंडित विभाष मिश्रा को अंगवस्त्रम तथा स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया. बिरहा गायन के प्रेम लाल भारती व भजन गायक सन्नी मिश्रा को भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया गया जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी विजय यादव, मत्स्य विभाग की काजल सरोज, खाद्य एवं रसद विभाग की उस्माना, नेडा की प्रेमलता, मधु सिंह, ग्रामीण आजीविका मिशन से मौसम देवी, माला पटेल, दिव्यांजन से रमेश सिंह, श्रम विभाग से सुनील सिंह, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनांतर्गत शुभम कुमार को साढ़े चार लाख का ऋण का डेमो चेक, कृषि विभाग से विजय कुमार आदि को सम्मानित किया गया.