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काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण

काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
Mar 10, 2026, 01:06 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.


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उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.


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निदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.


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इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.

​हाउस टैक्स पर छूट की मियाद का आखिरी दिन, 1.48 लाख करदाता अब तक वंचित...
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​वाराणसी : नगर निगम द्वारा सम्पत्ति कर (गृहकर, जलकर और सीवरकर) के भुगतान पर दी जा रही छूट की मियाद 31 जुलाई को समाप्त हो रही है. अब तक शहर के कुल 84,386 भवन स्वामी (नकद, चेक एवं ऑनलाइन माध्यमों से) 69.30 करोड़ रुपये का संपत्ति कर जमा कर चुके हैं. इसमें 37,151 भवन स्वामियों ने ऑनलाइन माध्यम से 35 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया है.नगरीय सीमा में करीब 2.33 लाख भवन गृहकर के दायरे में हैं. वहीं करीब 1.48 लाख भवन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, उनके लिए 12 प्रतिशत तक की छूट पाने का महज एक दिन का मौका शेष बचा है.31 जुलाई की समय-सीमा बीतने के बाद टैक्स जमा करने पर पूरा टैक्स देना होगा. ​​नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (2026-27) में सात मई से टैक्स जमा करने पर मुख्य रूप से 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. इसके साथ ही, डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करने वाले नागरिकों को दो प्रतिशत की अतिरिक्त रियायत दी जा रही है. इस प्रकार, ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर कुल 12 प्रतिशत की छूट प्राप्त हो रही है.ALSO READ : थाना सिगरा में 75 लावारिस वाहनों की नीलामी, 11.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली...उन्होंने बताया कि भवन स्वामी अपने मोबाइल के माध्यम बेहद सरल और सुरक्षित तरीके से घर बैठे टैक्स जमा कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें निगम के आधिकारिक वाट्सएप चैटबॉट नंबर 86018 72601 पर सिर्फ हाय (Hi) लिखकर भेजना होगा. मैसेज भेजते ही करदाता को डिजिटल बिल प्राप्त हो जाएगा, जहाँ से वे सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं.
थाना सिगरा में 75 लावारिस वाहनों की नीलामी, 11.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली...
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वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी के "ऑपरेशन क्लीन" अभियान के तहत थाना सिगरा परिसर में गुरुवार को 75 लावारिस वाहनों की खुली नीलामी की गई. नीलामी में सर्वाधिक 11 लाख 1 हजार रुपये की बोली लगने पर वाराणसी के कादीपुर क्षेत्र निवासी मुन्नू गुप्ता को विजेता घोषित किया गया.पुलिस आयुक्त के निर्देश पर थानों में लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों के निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में गठित समिति ने वाहनों का मूल्यांकन कराने, संबंधित वाहन स्वामियों को नोटिस भेजने तथा सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नीलामी की प्रक्रिया संपन्न कराई.थाना सिगरा परिसर में आयोजित खुली बोली में कुल 26 ठेकेदारों (कबाड़ियों) ने भाग लिया. इनमें मुन्नू गुप्ता द्वारा सबसे अधिक 11 01 लाख रुपये की बोली लगाए जाने पर उन्हें नीलामी का विजेता घोषित किया गया। अन्य प्रतिभागियों की एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि वापस कर दी गई। विजेता को निर्धारित राशि एवं जीएसटी जमा करने के बाद वाहनों का कब्जा लेने के निर्देश दिए गए.ALSO READ : बीएचयू के प्रोफेसर बने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के विशेषज्ञ निदेशक...इस नीलामी के माध्यम से थाना सिगरा में लंबे समय से खड़े 75 दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया लावारिस वाहनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया . पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से थानों में स्थान खाली होने के साथ ही लंबे समय से लंबित मालों के निस्तारण में भी तेजी आएगी.
बीएचयू के प्रोफेसर बने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के विशेषज्ञ निदेशक...
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वाराणसी : भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं, दुग्ध विकास मंत्रालय द्वारा बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य विभाग के प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का विशेषज्ञ निदेशक बनाया गया है. उनकी इस नवीन उपलब्धि पर मित्रों एवं पारिवारिक जनों में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी है.प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को 34 वर्षों का शिक्षण, अनुसंधान विस्तार और प्रशासन का अनुभव है. वह 17 साल से प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसके पूर्व में प्रो. सिंह राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के निदेशक मंडल के सदस्य, एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के सलाहकार बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं. उनकी अब तक कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.इसके पूर्व वे भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदत्त गौ ज्योति पुरस्कार (2013), डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह गौ रक्षा पुरोधा सम्मान (2018), प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट, लखनऊ द्वारा प्रदत्त उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान (2018) जैसे विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किये जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त वे आजीवन सदस्यः इंडियन डेयरी एसोसिएशन, इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन, इंडियन साइंस कांग्रेस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश उत्तरांचल इकोनॉमिक एसोसिएशन, भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, सोसाइटी फॉर कम्युनिटी मोबिलाइजेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, भारत जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के आजीवन सदस्य भी है.ALSO READ : सारनाथ में युवा बौद्ध विद्वानों का चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन , 'मध्यम मार्ग' को अपनाने का वैश्विक आह्वान...किसानों को स्व रोजगार और कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर वह प्रोत्साहित भी करते हैं. उन्होंने विगत कई वर्षों से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में भी आपने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है.