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पर्यावरण के लिए बड़ी पहल : काशी में एक घंटे में तीन लाख पौधरोपण का लक्ष्य, सीएम के हाथों शुरूआत

पर्यावरण के लिए बड़ी पहल : काशी में एक घंटे में तीन लाख पौधरोपण का लक्ष्य, सीएम के हाथों शुरूआत
Feb 26, 2026, 11:15 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी : वह दिन दूर नहीं जब महादेव की नगरी काशी ग्रीम सिटी के रूप में अपना नाम दर्ज करेगी. इस पर्यावरणीय पहल की शुरूआत मुख्‍यमंत्री के हाथों होनी है. इसके लिए आगामी एक मार्च को डोमरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान प्रस्तावित किया गया है, जिसमें एक घंटे के भीतर तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं बल्कि वाराणसी को पर्यावरणीय दृष्टि से एक आदर्श शहर के रूप में विकसित करना है. नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन शहर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम होगा.


स्‍मार्ट से ग्रीन सिटी कीओर


इस महाअभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता महापौर ने की. बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान महापौर ने कहा कि वाराणसी को केवल स्मार्ट सिटी तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि उसे ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि जन सहभागिता पर आधारित होगा, जिसमें स्कूल कॉलेजों के छात्र, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय नागरिक भाग लेंगे.


भूमि चिन्हांकन और पौधों की देखरेख की योजना


जिलाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि डोमरी क्षेत्र में पौधरोपण के लिए भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और गड्ढे खोदने का कार्य तेजी से चल रहा है. उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई गई है. प्रशासन का उद्देश्य केवल एक दिन में पौधे लगाना नहीं बल्कि उन्हें लंबे समय तक जीवित रखकर शहर की हरियाली को स्थायी रूप से बढ़ाना है. इसके लिए नगर निगम की ओर से निगरानी तंत्र भी विकसित किया जा रहा है ताकि पौधों की नियमित सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.


सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पुलिस का फोकस


इतने बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पुलिस आयुक्त ने बताया कि हजारों लोगों की भागीदारी को देखते हुए विशेष यातायात योजना तैयार की जा रही है ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. आयोजन स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और आपात सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी. प्रशासन का प्रयास है कि पूरा कार्यक्रम अनुशासित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो.


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छायादार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता


नगर आयुक्त के अनुसार इस अभियान में नीम, पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे छायादार तथा औषधीय गुणों वाले पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है. इन वृक्षों से आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और शहरवासियों को स्वच्छ हवा के साथ बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलेगी. अधिकारियों का कहना है कि पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखकर किया गया है ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक हो.


डोमरी में प्रस्तावित यह वृक्षारोपण अभियान वाराणसी के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है. धर्म संस्कृति और अध्यात्म की नगरी अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो यह पहल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगी. इस अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी और प्रशासनिक निर्देश नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए गए हैं. नागरिक चाहें तो वाराणसी नगर निगम की वेबसाइट https://varanasi.nic.in पर जाकर अभियान से संबंधित अद्यतन सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं.

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काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
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New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ