साइकिल से निकला नाबालिग ट्रक में बैठकर पहुंचा सिमडेगा, वाराणसी पुलिस ने सकुशल बरामद किया

वाराणसी : घर की परिस्थितियों से आहत होकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए काम की तलाश में साइकिल से निकला नाबालिग सैकड़ों किलोमीटर दूर झारखंड के सिमडेगा पहुंच गया। रास्ते में वह उड़ीसा जा रहे एक ट्रक में बैठ गया था। वाराणसी पुलिस की तत्परता से उसे झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सिमडेगा से सकुशल बरामद कर लिया गया।

मामला थाना बड़ागांव क्षेत्र का है। एक अगस्त को नाबालिग के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मामले का स्वयं संज्ञान लेते हुए उसकी शीघ्र और सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद SOG, सर्विलांस सेल और थाना बड़ागांव पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाश शुरू की।
पुलिस टीम ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी व मानवीय स्रोतों की मदद से सुराग जुटाए। तकनीकी जांच के दौरान नाबालिग की लोकेशन झारखंड-उड़ीसा सीमा से सटे नक्सल प्रभावित जनपद सिमडेगा के थाना सिमडेगा क्षेत्र में मिली। इसके बाद वाराणसी पुलिस ने स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।
ALSO READ : बनारस स्टेशन पर पेयजल व्यवस्था का डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह घर की परिस्थितियों से काफी आहत था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए काम की तलाश में वह साइकिल से घर से निकला था। रास्ते में उड़ीसा जा रहे एक ट्रक में बैठ गया और सिमडेगा पहुंच गया।
नाबालिग के सकुशल बरामद होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर भावुक होकर पुलिस का आभार जताया। परिजनों ने कहा कि पुलिस की तत्परता से उनका बच्चा किसी अनहोनी का शिकार होने और गलत हाथों में जाने से बच गया।
पुलिस आयुक्त ने नाबालिग से बातचीत कर उसकी समस्या समझी और बिना बताए घर से निकलने के गंभीर परिणामों के बारे में समझाया। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न करने की नसीहत दी। साथ ही परिजनों को भी बच्चे के साथ संवाद और सहयोग बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस आयुक्त ने नाबालिग की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली SOG, सर्विलांस सेल और थाना बड़ागांव पुलिस की संयुक्त टीम की सराहना करते हुए संवेदनशील मामलों में इसी तरह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।



