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गांव की पाठशाला से IIT कानपुर और BHU तक पहुंची वैज्ञानिक की यात्रा, प्रो. दया शंकर पांडेय के 65वें जन्मदिवस पर व्याख्यान श्रृंखला

गांव की पाठशाला से IIT कानपुर और BHU तक पहुंची वैज्ञानिक की यात्रा, प्रो. दया शंकर पांडेय के 65वें जन्मदिवस पर व्याख्यान श्रृंखला
Aug 08, 2026, 01:04 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: गांव के एक प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा की शुरुआत कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर तक पहुंचने और इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में रसायन विज्ञान के वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में पहचान बनाने वाले प्रो. दया शंकर पांडेय के 65वें जन्मदिवस पर शनिवार को विशेष व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। विज्ञान संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से महामना हॉल, संगोष्ठी संकुल में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।


कार्यक्रम का विषय ‘अकार्बनिक एवं ऑर्गेनोमेटैलिक रसायन विज्ञान के उभरते आयाम’ रहा। आयोजन प्रो. डी.एस. पांडेय के शोध समूह से जुड़े डॉ. आशीष कुमार, डॉ. रूप शिखा सिंह और अन्य पूर्व शोधार्थियों ने किया।


कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NISER), भुवनेश्वर के संस्थापक निदेशक एवं SERB के संस्थापक सचिव प्रो. टी.के. चंद्रशेखर ने उद्घाटन व्याख्यान दिया। सत्र की अध्यक्षता प्रो. गणेश पांडेय और रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. के.एन. सिंह ने की।


वैज्ञानिक सत्र में जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रो. समरेश भट्टाचार्य, IIT मुंबई के प्रो. आर. मुरुगावेल और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. राजीव गुप्ता ने अकार्बनिक एवं ऑर्गेनोमेटैलिक रसायन विज्ञान में हो रहे समकालीन शोध और उभरती संभावनाओं पर व्याख्यान दिए। विशेषज्ञों ने आधुनिक रसायन विज्ञान में नई प्रगति, उन्नत धातु संकुल और उनके संभावित अनुप्रयोगों पर विचार साझा किए।


दूसरे सत्र में युवा शोधार्थियों ने अपने शोध कार्यों की मौखिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान उन्हें वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ अपने शोध पर संवाद करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करने का अवसर मिला। सत्र की अध्यक्षता IIT इंदौर के प्रो. संजय के. सिंह और प्रो. मृगेन्द्र दुबे ने की।


गांव से IIT कानपुर तक का सफर बना प्रेरणा


कार्यक्रम में प्रो. दया शंकर पांडेय की शैक्षणिक और वैज्ञानिक यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उन्होंने ग्रामीण परिवेश के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा शुरू करने के बाद के.एस. साकेत पीजी कॉलेज, अयोध्या से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई पूरी की। यूजीसी-नेट और जेआरएफ उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 1983 में IIT कानपुर में पीएचडी के लिए प्रवेश लिया। यहां उन्होंने एरीन-रूथेनियम कॉम्प्लेक्स और उनके संभावित कैंसररोधी अनुप्रयोगों पर शोध किया।


पीएचडी के बाद उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा में लेक्चरर के रूप में कार्य किया और बाद में BHU से जुड़े। अकार्बनिक एवं ऑर्गेनोमेटैलिक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध में कैटेलिटिक कन्वर्जन, मेटल कॉम्प्लेक्स, मेटल-नाइट्रोसिल कॉम्प्लेक्स, डाइपाइरिन कॉम्प्लेक्स और BODIPY कॉम्प्लेक्स जैसे विषय शामिल रहे हैं।


उनके वैज्ञानिक योगदान को FNASc, FNA, जे.सी. बोस फेलोशिप और जापान की JSPS फेलोशिप सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से मान्यता मिली है। वह वर्ष 2018 से 2021 तक BHU के रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा वे राष्ट्रीय स्तर की करीब 30 अकादमिक एवं शोध समितियों से जुड़े रहे हैं।


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शोधार्थियों ने जताया सम्मान


कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रो. दया शंकर पांडेय का अभिनंदन समारोह रहा। उनके सहयोगियों, वर्तमान शोधार्थियों और पूर्व शोधार्थियों ने उनके वैज्ञानिक योगदान, मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के प्रति सम्मान व आभार व्यक्त किया। इसके बाद शिक्षकों और प्रतिभागियों के साथ खुला संवाद भी हुआ।


विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। आयोजन में वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ गुरु-शिष्य परंपरा, अकादमिक सहयोग और वैज्ञानिक विरासत के महत्व को भी रेखांकित किया गया।


प्रो. पांडेय की यात्रा को ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाला विद्यार्थी भी शिक्षा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों तक पहुंच सकता है।

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.