वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन पर चलेगी हाईटेक ब्रूमर मशीन, अब एक घंटे में साफ होगा 36 हजार वर्ग मीटर राजमार्ग...

वाराणसी: राष्ट्रीय राजमार्गों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन (NH-2) परियोजना पर अत्याधुनिक ट्रक-माउंटेड वैक्यूम रोड स्वीपिंग मशीनों (ब्रूमर्स) की तैनाती की गई है, जो हाईवे की सफाई को नई तकनीक और गति प्रदान करेंगी.
एनएचएआई के अनुसार इन हाईटेक मशीनों का उद्देश्य राजमार्गों पर जमा धूल, मिट्टी, बजरी, पत्तियां और अन्य कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके. साथ ही, उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण कर वायु प्रदूषण को भी कम किया जा सके.
एक घंटे में 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई
एनएचएआई वाराणसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि यह आधुनिक मशीन प्रति घंटे लगभग 36,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई करने में सक्षम है. मशीन में 10 घन मीटर क्षमता का मलबा संग्रहण हॉपर, हाई-प्रेशर वाटर स्प्रे सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और पीएलसी आधारित कंट्रोल सिस्टम जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं.
उन्होंने बताया कि यह मशीन केवल कूड़ा हटाने का काम नहीं करती, बल्कि सफाई के दौरान धूल को दोबारा हवा में फैलने से भी रोकती है, जिससे सफाई अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनती है.
आधुनिक तकनीक से लैस है मशीन
ट्रक-माउंटेड वैक्यूम स्वीपिंग मशीन में कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनमें—
- उच्च क्षमता वाला वैक्यूम सिस्टम
- साइड ब्रश और सेंट्रल स्वीपिंग ब्रश
- हाई-प्रेशर जल छिड़काव प्रणाली
- मलबा संग्रहण हॉपर
- सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था
- पीएलसी आधारित स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम
शामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से सड़क की सतह पर जमा सूक्ष्म धूल और मलबे को भी प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है.
सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
एनएचएआई का मानना है कि राजमार्गों पर जमा बजरी, धूल और अन्य मलबा कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनता है. ऐसे में नियमित यांत्रिक सफाई से सड़कों पर फिसलन और अवरोध कम होंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा.
प्रदूषण नियंत्रण में भी मिलेगी मदद
वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. हाईवे पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मशीन में लगे जल छिड़काव और वैक्यूम सिस्टम की मदद से धूल सीधे संग्रहित की जाती है, जिससे वह वातावरण में दोबारा नहीं फैलती.
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यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव
एनएचएआई का कहना है कि इस पहल का अंतिम उद्देश्य यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग उपलब्ध कराना है. साफ-सुथरे और धूल-मुक्त हाईवे न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होंगे.
हाईटेक ब्रूमर मशीन के प्रमुख फायदे
- धूल-मुक्त और स्वच्छ राजमार्ग
- सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में कमी
- वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
- यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभव
एनएचएआई की यह पहल वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसका लाभ प्रतिदिन हजारों यात्रियों को मिलेगा.



