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वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन पर चलेगी हाईटेक ब्रूमर मशीन, अब एक घंटे में साफ होगा 36 हजार वर्ग मीटर राजमार्ग...

वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन पर चलेगी हाईटेक ब्रूमर मशीन, अब एक घंटे में साफ होगा 36 हजार वर्ग मीटर राजमार्ग...
Jun 06, 2026, 05:27 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: राष्ट्रीय राजमार्गों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन (NH-2) परियोजना पर अत्याधुनिक ट्रक-माउंटेड वैक्यूम रोड स्वीपिंग मशीनों (ब्रूमर्स) की तैनाती की गई है, जो हाईवे की सफाई को नई तकनीक और गति प्रदान करेंगी.


एनएचएआई के अनुसार इन हाईटेक मशीनों का उद्देश्य राजमार्गों पर जमा धूल, मिट्टी, बजरी, पत्तियां और अन्य कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके. साथ ही, उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण कर वायु प्रदूषण को भी कम किया जा सके.


एक घंटे में 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई


एनएचएआई वाराणसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि यह आधुनिक मशीन प्रति घंटे लगभग 36,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई करने में सक्षम है. मशीन में 10 घन मीटर क्षमता का मलबा संग्रहण हॉपर, हाई-प्रेशर वाटर स्प्रे सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और पीएलसी आधारित कंट्रोल सिस्टम जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं.


उन्होंने बताया कि यह मशीन केवल कूड़ा हटाने का काम नहीं करती, बल्कि सफाई के दौरान धूल को दोबारा हवा में फैलने से भी रोकती है, जिससे सफाई अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनती है.


आधुनिक तकनीक से लैस है मशीन


ट्रक-माउंटेड वैक्यूम स्वीपिंग मशीन में कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनमें—


  1. उच्च क्षमता वाला वैक्यूम सिस्टम
  2. साइड ब्रश और सेंट्रल स्वीपिंग ब्रश
  3. हाई-प्रेशर जल छिड़काव प्रणाली
  4. मलबा संग्रहण हॉपर
  5. सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था
  6. पीएलसी आधारित स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम


शामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से सड़क की सतह पर जमा सूक्ष्म धूल और मलबे को भी प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है.


सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा


एनएचएआई का मानना है कि राजमार्गों पर जमा बजरी, धूल और अन्य मलबा कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनता है. ऐसे में नियमित यांत्रिक सफाई से सड़कों पर फिसलन और अवरोध कम होंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा.


प्रदूषण नियंत्रण में भी मिलेगी मदद


वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. हाईवे पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मशीन में लगे जल छिड़काव और वैक्यूम सिस्टम की मदद से धूल सीधे संग्रहित की जाती है, जिससे वह वातावरण में दोबारा नहीं फैलती.


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यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव


एनएचएआई का कहना है कि इस पहल का अंतिम उद्देश्य यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग उपलब्ध कराना है. साफ-सुथरे और धूल-मुक्त हाईवे न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होंगे.


हाईटेक ब्रूमर मशीन के प्रमुख फायदे


  1. धूल-मुक्त और स्वच्छ राजमार्ग
  2. सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में कमी
  3. वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण
  4. पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
  5. यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभव


एनएचएआई की यह पहल वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसका लाभ प्रतिदिन हजारों यात्रियों को मिलेगा.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
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वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
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वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।