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बीएचयू के संस्कृत विभाग में दो दिवसीय आयोजन, भाषण से लेकर श्लोक अंताक्षरी तक हुईं प्रतियोगिताएं

बीएचयू के संस्कृत विभाग में दो दिवसीय आयोजन, भाषण से लेकर श्लोक अंताक्षरी तक हुईं प्रतियोगिताएं
Sep 02, 2026, 12:29 PM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कला संकाय स्थित संस्कृत विभाग में एक और दो सितंबर को द्विदिवसीय संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान संस्कृत भाषा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि और अभ्यास बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और महाविद्यालयों के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने इसमें उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

समारोह के तहत संस्कृत भाषण प्रतियोगिता, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, सुस्वर स्तोत्र पाठ प्रतियोगिता और श्लोक अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। सभी कार्यक्रम संस्कृत विभाग के सभागार में संस्कृत भाषा में संपन्न हुए।

उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री ने प्रभावशाली वक्तव्य और संस्कृत कविता के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति अनुराग और उत्साह पैदा किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा संस्कृत भाषा में निबद्ध है। वेद, पुराण, स्मृति, अर्थशास्त्र और आयुर्वेद सहित अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ संस्कृत में रचे गए हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्वरूप और उसमें निहित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को समझने के लिए संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के अभ्यास और प्रयोग की क्षमता मजबूत होती है।


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संस्कृत आज भी प्रासंगिक : प्रो. तिवारी

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. शरदिंदु कुमार तिवारी ने संस्कृत के महत्व और उसके वर्तमान प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन ज्ञान की भाषा नहीं है, बल्कि आज भी विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रयोग की जा रही और प्रासंगिक भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत के अध्ययन, प्रयोग और प्रचार-प्रसार के लिए आगे आने का आह्वान किया।

प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, प्रो. पतंजलि मिश्र, प्रो. विनय पाण्डेय, प्रो. भगवत्शरण शुक्ल, प्रो. चन्द्रकान्ता राय, प्रो. शिवराम शर्मा, प्रो. जया मिश्रा, डॉ. मंजु कुमारी, प्रो. पुष्पा त्रिपाठी, डॉ. अभिजित दीक्षित, डॉ. बृहस्पति भट्टाचार्य और डॉ. दीपक शर्मा ने भूमिका निभाई।


तीन सितंबर को मिलेगा पुरस्कार

प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेता छात्र-छात्राओं को तीन सितंबर 2026 को संस्कृत विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
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वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।