व्यवसाय के नाम पर युवती से लाखों की धोखाधड़ी, चार पर FIR

वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र में व्यवसाय के नाम पर एक युवती से आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. पहड़िया स्थित गणपत नगर कॉलोनी निवासी वंदना देवी ने शिकायत में बताया कि उनकी 25 वर्ष पुरानी सहेली रिया मिश्रा निवासी शिवपुरवा महमूरगंज उनसे मिलने उनकी मां के घर आई थी. वंदना ने रिया से पहले दिए गए 30 हजार रुपये वापस मांगे. रिया मिश्रा ने उन्हें लहंगा और आर्टिफिशियल ज्वेलरी के व्यवसाय में पार्टनर बनाने का लालच दिया.

आरोप है कि रिया मिश्रा बंदना को अपने घर शिवपुरवा महमूरगंज ले गई और वहां लाखों रुपये के लहंगे व ज्वेलरी दिखाकर व्यवसाय में साझेदारी का प्रस्ताव दिया. रिया ने पांच लाख रुपये निवेश करने पर पार्टनर बनाने का भरोसा दिया और तीन लाख रुपये और ले लिए गए. इसके बाद रिया ने फाइनेंस कराने के नाम पर शिवपुर की जयराम कंपनी से जुड़े प्रशांत, सिद्धांत और आशी श्रीवास्तव से बातचीत कराई.
धोखाधड़ी में चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
फाइनेंस की पहली किस्त के रूप में पांच लाख रुपये वंदना के खाते में आए, जिन्हें रिया मिश्रा ने तुरंत आरटीजीएस के जरिये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया. इसके बाद पीडिता को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है. थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर रिया मिश्रा समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराने में तीन गिरफ्तार
फर्जी और कूटरचित दस्तावेज के जरिए मानसिक रूप से अस्वस्थ रामू की जमीन रजिस्ट्री कराने और बैंक खाते से पैसा निकालने के तीन आरोपियों को रोहनिया पुलिस ने रविवार की रात गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया. रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लोहता के ऊंचगांव निवासी मनोज पटेल, रोहनिया कनेरी निवासी विकास राय और केशरीपुर रोहनिया निवासी मनोज कुमार रा शामिल हैं.

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पीड़ित रामू के भाई, सामू, ने 3 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराई थी. रामू जन्मजात मानसिक मंदित है. शिकायत में कहा गया कि 8 सितंबर 2025 को आरोपियों ने रामू को दिव्यांग पेंशन दिलाने का झांसा देकर गंगापुर रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर उसकी नाम की 84 एड़ जमीन धोखे से रजिस्ट्री करा ली. साथ ही, रामू के नाम से बैंक खाता खुलवाकर चेकबुक और डेबिट कार्ड के माध्यम से लाखों रुपये निकाल लिए.



