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आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी
May 25, 2026, 07:00 AM
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Posted By Preeti Kumari

Why are petrol and diesel prices rising? There has been an increase of Rs 7 in 11 days.


देशभर में बढ़ती महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है. जिसने आम जनता की जेब पूरी तरह से खाली होती नजर आ रही है. यहीं कारण है कि भारतीय परिवारों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, साग-सब्‍जी से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों ने रसोई के बजट को पहले ही बिगाड़ रखा है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी लोगों के लिए बेहद चिंता की बात है. आम जनता को घर का खर्चा उठाना ही इतना मुश्किल हो चुका है कि पेट्रोल-डीजल के दामों ने और भी दिक्कतों में डाल दिया है. जहां आर्थिक बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.


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ईंधन की बढ़ती कीमतों ने किया हैरान


सोमवार को ईंधन की कीमतों में एक बार फिर से हुई बढ़ोतरी ने देशभर को हैरान कर दिया है. पेट्रोल-डीजल के ये बढ़ते दामों में ये बढ़ोतरी पिछले 11 दिनों में चौथी बार है. इसके बावजूद, देश की तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड पेट्रोल और डीजल के दामों में हालिया बढ़ोतरी के बाद भी भारी वित्तीय घाटे से जूझ रही है.


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देश की गरीब जनता का कहना है कि, जब सरकार ही घरेलू गैसे से लेकर पेट्रोल-डीजल के दामों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी कर रही है, तो ऐसे में ये आम जनता मदद की उम्मीद लगाए तो किससे लगाए, क्योंकि जो सहायता करने वाली है अगर वहीं गरीबों के लिए मुसीबत खड़ी कर रही है, सच तो ये है कि ये सिर्फ मुसीबत नहीं, बल्कि गरीब के पेट पर लात मारने की तरह है. एक गरीब के लिए उसका घर चलाना, इस महंगाई में बच्चों की फीस भरना ही इतना मुश्किल होता है, कि बच्चों का भविष्य बनाने के खातिर एक वक्त का रोटी भी कभी-कबार नसीब नहीं होता है, ऐसे में भला पेट्रोल-डीजल का दाम ये गरीब जनता कैसे देगी.


जाने पेट्रोल-डीजल में कितनी बढ़ोतरी हुई


जानकारी के मुताबिक, पिछले 11 दिनों के भीतर कई चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल ₹7 प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की जा चुकी है. यह बढ़ोतरी अलग-अलग चरणों में हुई है. जिसमें पहले ₹3, फिर 90 पैसे, उसके बाद 87 पैसे और हाल ही में ₹2.61 प्रति लीटर बढ़ी है. हालांकि, वित्तीय बाजार के अनुमानों के अनुसार, यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों के घाटे को पाटने के लिए काफी नहीं है. कच्चे तेल की खरीद और रिफाइनिंग का खर्च और रिटेल सेलिंग प्राइस के बीच के अंतर को खत्म करने और पुराने घाटे की पूरी भरपाई करने के लिए, सैद्धांतिक रूप से ईंधन की कीमतों में ₹28 से ₹33 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की आवश्यकता है.


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Also Read: पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबित


इसका सीधा मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पिछले कुछ महीनों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति लीटर कम से कम ₹20 और बढ़ाने की जरूरत होगी. हालांकि, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से एक बार में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में टुकड़ों-टुकड़ों में कीमतों का बढ़ना तय है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हालिया मूल्य संशोधन से पहले तेल कंपनियों पर असाधारण दबाव बन चुका था.

कुंजी टोला में आग लगने से तीन गाड़ियां और घरेलू सामान जलकर राख, सामने आई यह वजह
कुंजी टोला में आग लगने से तीन गाड़ियां और घरेलू सामान जलकर राख, सामने आई यह वजह
Three vehicles and household goods were destroyed in a fire in Kunji Tola, the reason behind it being revealed.वाराणसी: चौक थाना क्षेत्र में घुघरानी गली के कुंजी टोला में एक मकान के बाहर से गुजर रहे बिजली के तार में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई. यह आग इतनी भयानक थी कि घर के बाहर खड़ी इंफील्ड बुलेट, यामाहा और टीवीएस बाइक के साथ-साथ घर में मौजूद डीप फ्रीजर, इन्वर्टर और अन्य कई घरेलू सामान जलकर राख हो गए. सोमवार की सुबह आग लगने की इस घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी की स्थिति बनी रही. इस दौरान धुएं के कारण एक वृद्ध महिला अचेत हो गई. सूचना के बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने मशक्‍कत के बाद आग बुझाई.आग लगने से लाखों का नुकसानस्‍थानीय लोगों के अनुसार घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है. मकान नंबर CK 39/49 के मालिक पंकज कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके घर के बाहर से निजी कंपनी द्वारा लगाए गए बिजली के तार की लापरवाही के कारण यह घटना हुई. आग ने धीरे-धीरे भयानक रूप ले लिया था. इसकी वजह से लाखों का नुकसान हो गया है. आग के कारण घर में मौजूद 70 वर्षीय चमेली देवी धुएँ के कारण बेहोश हो गईं, जिन्हें तुरंत मण्डलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में भर्ती कराया गया. उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबूबता दें, स्थानीय लोगों ने पहले आग पर काबू पाने के लिए फायर सिलेंडर का उपयोग किया, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो फायर डिपार्टमेंट को सूचित किया गया. दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय थाने के लोग और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की और घटना की जानकारी ली.Also Read: आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरीइस घटना ने स्थानीय निवासियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि आग लगने के समय वह घर में नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने घटना की जानकारी ली, तो उन्हें बहुत चिंता हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के तारों की स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वे इस मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें.
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी
Why are petrol and diesel prices rising? There has been an increase of Rs 7 in 11 days.देशभर में बढ़ती महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है. जिसने आम जनता की जेब पूरी तरह से खाली होती नजर आ रही है. यहीं कारण है कि भारतीय परिवारों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, साग-सब्‍जी से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों ने रसोई के बजट को पहले ही बिगाड़ रखा है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी लोगों के लिए बेहद चिंता की बात है. आम जनता को घर का खर्चा उठाना ही इतना मुश्किल हो चुका है कि पेट्रोल-डीजल के दामों ने और भी दिक्कतों में डाल दिया है. जहां आर्थिक बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.ईंधन की बढ़ती कीमतों ने किया हैरान सोमवार को ईंधन की कीमतों में एक बार फिर से हुई बढ़ोतरी ने देशभर को हैरान कर दिया है. पेट्रोल-डीजल के ये बढ़ते दामों में ये बढ़ोतरी पिछले 11 दिनों में चौथी बार है. इसके बावजूद, देश की तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड पेट्रोल और डीजल के दामों में हालिया बढ़ोतरी के बाद भी भारी वित्तीय घाटे से जूझ रही है.देश की गरीब जनता का कहना है कि, जब सरकार ही घरेलू गैसे से लेकर पेट्रोल-डीजल के दामों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी कर रही है, तो ऐसे में ये आम जनता मदद की उम्मीद लगाए तो किससे लगाए, क्योंकि जो सहायता करने वाली है अगर वहीं गरीबों के लिए मुसीबत खड़ी कर रही है, सच तो ये है कि ये सिर्फ मुसीबत नहीं, बल्कि गरीब के पेट पर लात मारने की तरह है. एक गरीब के लिए उसका घर चलाना, इस महंगाई में बच्चों की फीस भरना ही इतना मुश्किल होता है, कि बच्चों का भविष्य बनाने के खातिर एक वक्त का रोटी भी कभी-कबार नसीब नहीं होता है, ऐसे में भला पेट्रोल-डीजल का दाम ये गरीब जनता कैसे देगी.जाने पेट्रोल-डीजल में कितनी बढ़ोतरी हुईजानकारी के मुताबिक, पिछले 11 दिनों के भीतर कई चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल ₹7 प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की जा चुकी है. यह बढ़ोतरी अलग-अलग चरणों में हुई है. जिसमें पहले ₹3, फिर 90 पैसे, उसके बाद 87 पैसे और हाल ही में ₹2.61 प्रति लीटर बढ़ी है. हालांकि, वित्तीय बाजार के अनुमानों के अनुसार, यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों के घाटे को पाटने के लिए काफी नहीं है. कच्चे तेल की खरीद और रिफाइनिंग का खर्च और रिटेल सेलिंग प्राइस के बीच के अंतर को खत्म करने और पुराने घाटे की पूरी भरपाई करने के लिए, सैद्धांतिक रूप से ईंधन की कीमतों में ₹28 से ₹33 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की आवश्यकता है.Also Read: पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबितइसका सीधा मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पिछले कुछ महीनों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति लीटर कम से कम ₹20 और बढ़ाने की जरूरत होगी. हालांकि, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से एक बार में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में टुकड़ों-टुकड़ों में कीमतों का बढ़ना तय है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हालिया मूल्य संशोधन से पहले तेल कंपनियों पर असाधारण दबाव बन चुका था.
पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबित
पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबित
Allegations of abuse in police custody, condition of Subhaspa leader deteriorates, station in-charge suspendedवाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस पूछताछ के लिए ले जाए जाने के बाद सुभासपा नेता की अचानक हालत बिगड़ गई. इस बात की खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैल गई. देखते ही देखते अस्पताल के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई.नाराज लोगों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और कुछ देर के लिए वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर जाम भी लगा दिया. मौके पर हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस और आला अधिकारी पहुंचे. मामला संज्ञान में आने के बाद फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया. साथ ही प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई.जानें क्या है मामला जानकारी के अनुसार, फूलपुर थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी महेश राजभर को पुलिस ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. महेश सुभासपा युवा मंच में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं. पूछताछ के दौरान महेश की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने उन्हें बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातोमहुआ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. जानकारी मिलने के बाद सुभासपा के नेता और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए.वहां पहुंचते ही समर्थकों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाना शुरू कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए.स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान, एडीसीपी और कई एसीपी को मौके पर पहुंचना पड़ा. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता लिखित कार्रवाई की मांग करते रहे.कार्यकर्ताओं ने लगाया जामइसी बीच करीब 10 मिनट तक वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर नाराज लोगों ने जाम भी लगाया. हालांकि पुलिस ने समझाकर लोगों को वहां से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ. बाद में थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया. इस मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिखाए जाने के बाद मामला शांत हुआ.हिरासत में एक आरोपीबता दें कि पिछले महीने 26 अप्रैल को फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में सड़क हादसे में एक महिला के घायल होने के बाद गुस्साए लोगों ने गांव के ही कारोबारी मनीष सिंह की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी थी. इसी बीच 27 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी खालिसपुर गांव में रिश्तेदारी में रुके हैं. इसके बाद एसओजी टीम गांव पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया.इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सादे कपड़ों में पहुंचे एसओजी टीम के पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने लगे. भीड़ ने आरोपी को छुड़ा लिया. मामले में मारपीट करने वाले 50 लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिस टीम आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में थी. इसी मामले में महेश राजभर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था.Also Read: उफ ये गर्मी: प्रचंड गर्मी से परेशान लोग, लू ने ली एक युवक की जानवहीं कारोबारी मनीष सिंह ने परिजनाें ने फूलपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि उनकी जांच पर उन्‍हें पूरा भरोसा है. उन्‍होंने थाना प्रभारी को बहाल करने की मांग की. पहले दर्ज एक मुकदमे में महेश राजभर को पूछताछ के लिए फूलपुर थाने पर बुलाया गया था. पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में महेश राजभर और उनके परिजनों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. आरोपों का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी फूलपुर को निलंबित कर दिया गया है. - नीतू कादयान, डीसीपी गोमती जोन