वाराणसी में मोदी-ट्रंप ट्रेड डील के विरोध में ‘आप’ का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

वाराणसी : मोदी-ट्रंप ट्रेड डील को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की वाराणसी इकाई ने शनिवार को शास्त्री घाट पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए इस समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की. पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रस्तावित ट्रेड डील से देश के किसानों, छोटे व्यापारियों, एमएसएमई और मध्यम वर्ग के आर्थिक हितों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. ज्ञापन में कहा गया है कि समझौते की शर्तों और उसके संभावित प्रभावों को लेकर न तो संसद में विस्तृत चर्चा कराई गई और न ही जनता के समक्ष पूरी पारदर्शिता बरती गई.

आप पदाधिकारियों ने कहा कि समझौते के तहत भारत का कृषि बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोले जाने की आशंका है. उनका तर्क है कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान सीमित संसाधनों और समर्थन के साथ कार्य करते हैं. ऐसे में असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे देश के अन्नदाताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि दस्तावेज़ में कुछ स्थानों पर “अन्य उत्पाद” जैसे व्यापक शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त क्षेत्रों को विदेशी कंपनियों के लिए खोलने की आशंका बनी रहती है. पार्टी ने इसे देश की आर्थिक संप्रभुता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया.
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प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि भारतीय बाजार को असंतुलित तरीके से विदेशी हितों के लिए खोला गया, तो इसका सीधा प्रभाव स्थानीय उद्योगों, रोजगार के अवसरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा. इससे महंगाई बढ़ने और आत्मनिर्भरता की नीति को झटका लगने की आशंका भी व्यक्त की गई. जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने राष्ट्रपति से संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार को इस समझौते पर पुनर्विचार के लिए निर्देशित करने की अपील की. पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम नागरिकों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा.



