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असमाजिक गति‍विधियों में शामिल BHU के कई छात्रों के खिलाफ कार्रवाई, 37 निलंबित, पांच निष्‍कासित

असमाजिक गति‍विधियों में शामिल BHU के कई छात्रों के खिलाफ कार्रवाई, 37 निलंबित, पांच निष्‍कासित
Mar 24, 2026, 08:16 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए बीएचयू प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर कड़ा कदम उठाया है. विश्वविद्यालय ने मारपीट, छेड़खानी, तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल 75 छात्रों को काली सूची में डाला है. इनमें 37 छात्रों को निलंबित और पांच को निष्कासित किया गया है. इसके अलावा 24 छात्रों को अध्ययन से वंचित किया गया है, जबकि आठ छात्रों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.


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"छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाए"


प्रशासन ने सभी संस्थानों के निदेशकों और संकाय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि इन छात्रों को किसी भी परिस्थिति में विश्वविद्यालय में प्रवेश न दिया जाए और उनकी पात्रता तत्काल प्रभाव से निरस्त रखी जाए. यह सख्ती बीते शुक्रवार को उदय प्रताप (यूपी) कालेज में दिनदहाड़े दर्जनों विद्यार्थियों, शिक्षकों के सामने छात्र की गोली मारकर हत्या और बीते दिनों बीएचयू परिसर में हुई फायरिंग की घटना के मद्देनजर की गई है. प्राक्टोरियल बोर्ड के अनुसार जांच में सामने आया कि परिसर में अशांति फैलाने में अक्सर वही छात्र शामिल होते हैं, जिनका पहले से आपराधिक रिकार्ड रहा है.


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इसी के आधार पर प्रशासन ने पुराने रिकार्ड खंगालकर ऐसे छात्रों पर कार्रवाई शुरू की है. कार्रवाई के तहत महिला शोध छात्रा और सहायक प्रोफेसर से अभद्रता करने वाले छात्रों को भविष्य के सभी प्रवेशों से स्थायी रूप से वंचित कर दिया गया है. सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर मारपीट करने वाले छात्रों को निष्कासित किया गया है.


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वीसी लाज में तोड़फोड़ और हास्टल संपत्ति में आगजनी करने वाले छात्रों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन की कार्रवाई मुख्य परिसर तक सीमित नहीं रही. डीएवी पीजी कालेज समेत अन्य संबद्ध कालेजों के उन छात्रों को भी बीएचयू परिसर में प्रवेश और रोजगार से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जो पहले हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. यह कार्रवाई कैंपस का माहौल बेहतर बनाने के लिए की गई है. अपराध में लिप्त छात्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा.-प्रो. संदीप पोखरिया, चीफ प्राक्टर, बीएचयू

ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकार
ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकार
वाराणसी: ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने रविवार को काशी स्थित निर्माणाधीन जगन्नाथ मंदिर का निरीक्षण किया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. मंदिर निर्माण कार्य को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और कहा कि मंदिर के भव्य निर्माण में ओडिशा सरकार अपनी भूमिका निभाएगी.प्रवती परिदा ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कर उन्हें बेहद खुशी और प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि जगन्नाथ मंदिर के निर्माण में सरकार की ओर से जो भी संभव होगा, वह सहयोग किया जाएगा. मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें साधुवाद दिया.उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में विश्वास है कि जब प्रभु की इच्छा होती है, तभी कोई कार्य संपन्न होता है, महाप्रभु जब चाहेंगे, तब काशी में भी भव्य और दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण होगा, उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में जो लोग दायित्व निभा रहे हैं, वे प्रशंसा के पात्र हैं.ALSO READ: साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तारओडिशा की उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में आकर उन्हें विशेष अनुभूति हुई है, उन्होंने भरोसा जताया कि सभी के सहयोग और प्रयास से यहां भव्य-दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, मंदिर निर्माण में ओडिशा सरकार की जो भी भूमिका होगी, उसे पूरी करने का प्रयास किया जाएगा.
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
वाराणसी : कमिश्‍नरेट की साइबर क्राइम सेल और चेतगंज पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अंतरराज्‍यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना नीतीश कुमार पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में फर्जी फर्म, गेमिंग और बेटिंग एप के जरिये खाते खुलवाकर और कमीशन का लालच देकर देश भर के 143 लोगों से 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को उजागर किया गया है.आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 40 डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, चार शॉपिंग कार्ड, एक ग्रीन रेमिट कार्ड, एक गेमिंग कार्ड, 19 चेकबुक, छह पासबुक और 48 क्यूआर कोड स्कैनर बरामद हुए हैं. एक बुलेट और एक स्कोडा रैपिड कार भी जब्त की गई है.एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मूलरूप से बिहार के रोहतास निवासी नीतीश कुमार पांडेय है, जो वर्तमान में चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी स्थित विवेकानंदपुरम कॉलोनी के आदित्य रेजिडेंसी में रहता है. अन्य आरोपियों में दुर्गाकुंड के कबीर नगर निवासी दुष्यंत सिंह, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा-छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा और भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला निवासी मो. रेहान शामिल हैं. दो अन्य वांछित आरोपियों में सामनेघाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.पुलिस की छानबीन में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के 41 बैंक खातों से संबंधित कुल 143 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं. इन शिकायतों में 116 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है. गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देते थे. इसके बाद उनके नाम से फर्जी फर्म, चालू और बचत खाते खुलवाते थे. बैंक किट, इंटरनेट बैंकिंग विवरण और मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर लेते थे.साइबर क्राइम सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि इस गिरोह में शामिल प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी, रोमिल वर्मा समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गाकुंड निवासी दुष्यंत सिंह के खिलाफ हरियाणा और वाराणसी के भेलूपुर थाने में साइबर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है. सरगना नीतीश पांडेय समेत अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.बीसीए, एमसीए कर चुके हैं आरोपी, 2021 से साइबर ठगी को दे रहे अंजामगिरफ्तार आरोपियों में नीतीश पांडेय, दुष्यंत, हिमांशु समेत अन्य आरोपी कंप्यूटर कोर्स कर चुके हैं. कुछ ने बीसीए और एमसीए की डिग्री भी ली है. चितईपुर से ही आरोपी पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. छानबीन में सामने आया कि वे 2021-22 से ही साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. आरोपियों के वाट्सएप चैट, लैपटॉप और मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है. आशंका है कि इस नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े हुए हैं. देश भर में साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के संपर्क निजी बैंकों के कर्मियों से भी होने की आशंका है. जानबूझकर साइबर ठगी को बढ़ावा देने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है.ALSO READ: बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशीविदेश से गिरोह के संचालन की आशंकासाइबर क्राइम सेल के अनुसार, साइबर ठग कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनवाते थे. इसके बाद वे इन फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी (बेटिंग) और गेमिंग एप के जरिये अवैध धन के लेन-देन और ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था. साइबर ठग बेरोजगार या लालच में फंसे लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफा और कमीशन का झांसा देते थे. इन खातों को चीन, कंबोडिया, दुबई समेत अन्य देशों से संचालित होने वाले सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग एप से जोड़ दिया जाता था. ठगी गई रकम को इन खातों में मंगाया जाता था और तुरंत अलग-अलग चैनलों के माध्यम से निकाल लिया जाता था.शिकायत कहां और कैसे करेंसाइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. अपनी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं. ठगी के शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है.
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
वाराणसी: सावन के अंतिम सोमवार पर काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़, काशी विश्वनाथ धाम से लेकर आसपास की गलियों तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे. बड़ी संख्या में कांवड़िए भी गंगा जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे,विश्वनाथ धाम को इस विशेष अवसर के लिए फूलों और रुद्राक्ष से सजाया गया है.भक्तों ने कतार में लगकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और विधि-विधान से जलाभिषेक व पूजन-अर्चन किया, मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, अंतिम सोमवार होने के कारण मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही.भोर से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, भक्तों ने गंगा स्नान के बाद हाथों में जल लेकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रुख किया, कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, तो कांवड़ियों के जत्थे पूरे उत्साह के साथ बाबा के दरबार में पहुंचे.भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती रही, श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी गई.सावन के अंतिम सोमवार पर काशी का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया, मंदिर के आसपास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही, देर तक बाबा विश्वनाथ के जयकारों से काशी की गलियां गूंजती रहीं,तीन घंटे में एक लाख भक्तों ने किया दर्शनALSO READ:नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्पसोमवार को बाबा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आए हैं, काशी पुराधिपति के जलाभिषेक की लालसा में श्रद्धालु रविवार को रात्रि ही गंगा स्नान कर कतार में लग गए थे. वहीं, बाबा की भक्ति में मगन कांवरिए अटूट बोल बम बोल बम करते मंदिर की ओर बढ़े चले जा रहे हैं.