वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने किया ये एलान

वाराणसी : बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा इन दिनों सुर्खियों में है. इस बीच रविवार की शाम उन्होंने केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की और उनका चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया. अपनी आगामी रणनीति के बारे में चर्चा की जिसे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मौन होकर सुनते रहे. शंकराचार्य का आशीर्वाद लेकर बाद में अग्निहोत्री ने पत्रकारों को इस्तीफा देने के कारणों की चर्चा की. अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह मुलाकात राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं है बल्कि एक शुभ संयोग है. शंकराचार्य से मुलाकात कर सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की गई.

अग्निहोत्री ने कहा कि हालांकि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन बड़ा मुद्दा एससीएसटी एक्ट को खत्म करना है, और कहा कि अगर इसे 6 फरवरी तक वापस नहीं लिया गया, तो केंद्र सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा. उन्होंने कहा कि 6 फरवरी आखिरी तारीख है. अगर तब तक एससीएसटी एक्ट खत्म नहीं किया गया, तो केंद्र सरकार को 'चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात वापस भेज दिया जाएगा.
जब उनसे पूछा गया कि वह अब केंद्र सरकार को क्यों निशाना बना रहे हैं, जबकि शुरुआती झगड़ा राज्य सरकार से था, तो उन्होंने साफ किया कि लड़ाई असल में कभी राज्य सरकार से नहीं थी, बल्कि मुख्य रूप से केंद्र सरकार से थी.
इससे पूर्व प्रयागराज में शंकराचार्य ने आमंत्रित किया था लेकिन समयाभाव के चलते पहुंच नहीं सके. शंकराचार्य के काशी आगमन पर मुलाकात का अवसर मिला. अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि काशी से व्यक्तिगत जुड़ाव है क्योंकि आईआईटी बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की है, इसलिए यहां आना भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है.
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अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट और प्रस्तावित यूजीसी रेगुलेशन को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया. कहा कि 1989 में लागू एससी-एसटी एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून है. इस कानून के तहत दर्ज लगभग 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं, जिनके कारण समाज के बड़े वर्ग को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं, और दावा किया कि राज्य प्रशासन बहुत ज्यादा दबाव में काम कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह पक्का करने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं कि राज्य का सारा फंड गुजरात भेज दिया जाए.

