ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध

Controversy erupts over saffron painting on the wall of Gyanvapi Mosque, city Mufti protests
वाराणसी: अति संवेदनशील ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग से की गई पेंटिंग को लेकर विवाद सामने आया है. शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी साहब ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मस्जिद की दीवार पर इस तरह की पेंटिंग धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं हटाया गया, तो विरोध जारी रहेगा. शर मुफ्ती ने इसे परंपराओं के खिलाफ बताया. कहा कि पहले भी विरोध किया गया था. वहीं नमाज़ अदा करके निकले स्थानीय शकील अहमद ‘जादूगर’ ने इस मामले में अलग राय रखते हुए कहा कि उन्हें इस पेंटिंग से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर मस्जिदों का रंग सफेद या हरा होता है, जबकि गेरुआ रंग मंदिरों से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में धार्मिक स्थलों की परंपरा और पहचान का ध्यान रखना जरूरी है.

वहीं, जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को वाराणसी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. काशी विश्वनाथ मंदिर–ज्ञानवापी क्षेत्र सहित संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नमाज़ के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
इस पूरे मामले पर प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल जुम्मे की नमाज़ को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना रही. वहीं पुलिस अधिकारियों से इस मुद्दे पर पूछे जाने पर वे खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए और सुरक्षा व्यवस्था पर ही जोर देते रहे. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

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मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी काशी वैभव बाँगर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते दिखे. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोका जा सके.



