EC पर अखिलेश ने चुनाव आयोग को घेरा, कहा-क्यों काटे गए करोड़ों वोट?

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज शनिवार को एसआईआर (SIR) को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग को घेरते हुए कुछ सवाल कर बैठे. जहां चुनाव आयोग से पहला सवाल करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि, जब एक ही बीएलओ विधानसभा और पंचायत एसआईआर ड्राफ्ट तैयार कर रहा है तो फिर पूरे प्रदेश में और ग्रामीण क्षेत्र में भी 12.69 करोड़ वोटर कैसे हैं? ग्रामीण क्षेत्र और पूरे प्रदेश में वोटर्स की संख्या एक सामान कैसे हो सकती है? ये संख्या हर किसी को हैरान करने पर मजबूर कर रही है. दूसरा सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि, हूबहू बीएलओ द्वारा किए जा रहे एसआईआर में कैसे विधानसभा के मतदाता ड्राफ्ट में 2.88 करोड़ वोटर काटे गए हैं.

जबकि पंचायत चुनाव में उन्हीं बीएलओ द्वारा 40 लाख मतदाता जोड़े गए हैं? क्या इसी तथ्य को छिपाने के लिए पंचायत चुनाव के मतदाताओं का फाइनल एसआईआर ड्राफ्ट 50 दिन के विलंब से आएगा. तीसरा सवाल पूछते हुए अखिलेश ने कहा चुनाव आयोग ये बताए कि दोनों में कौन सा एसआईआर सही है? क्योंकि दोनों आंकड़े एक साथ सही नहीं हो सकते. अगर कभी इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए जिस कंपनी ने बीजेपी को चंदा दिया हो और चुनाव आयोग का ऐप उस कंपनी ने बनाया हो तो फिर आयोग निष्पक्ष कैसे हो सकता है? ऐसे में ये कहना जरा भी गलत नहीं है कि देश का चुनाव आयोग ऐसा होना चाहिए, जो मतदाताओं के हक के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. पर अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आज की चुनाव आयोग मतदाताओं का नहीं बल्कि बीजेपी की बनकर रह गई है.

अखिलेश ने चुनाव आयोग से की ये मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाए. वो इसलिए कि आधार में आंख का रेटिना/ फिंगर प्रिंट होता है. अगर उसको आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा, तो सब अपने आप ठीक हो जाएगा. ई़डी-सीबीआई जहां चुनाव होते हैं, वहां एक्टिव होती हैं. जहां कोडीन भाई लोग घूम रहे 800 करोड़ का फंड चल रहा, उनके यहां ईडी क्यों नहीं जा रही? यूपी में बेटियां और महिलाएं सबसे ज्यादा अनसेफ है. एसआईआर ड्राफ्ट पर हमने पहले ही कहा था यह सीएए एनआरसी है.

कटेंगे तो बटेंगे... घिसा-पीटा नारा
प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी द्वारा दिए गए कटेंगे तो बटेंगे बयान पर अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया और कहा यह उनका घिसा पिटा बयान है. सरकार घुसपैठियों की संख्या बताए? एसआईआर में कितने घुसपैठिए पकड़े गए है. ये आंकड़ा भी सामने आए. मुरादाबाद और देवरिया में एसआईआर सर्वे की बात करें तों, इस मामले में अखिलेश यादव ने मृत हुए BLO के परिवार को 2/2 लाख की आर्थिक सहायता दी. ऐसे में उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यूपी में लगातार SIR की कार्रवाई में कई विभागों के अधिकारी शामिल किए गए थे.

एसआईआर का किसी राजनैतिक पार्टी ने विरोध नहीं किया. लेकिन एसआईआर की सूची आ गई है. जैसी आशंका थी कि 3 करोड़ वोट काट दिए जाएंगे, वैसा ही हुआ. जब ड्राफ्ट लिस्ट नहीं आई थी, तभी सीएम योगी ने कहा था कि 4 करोड़ वोट कटने जा रहे हैं. आखिर सीएम को ये सब पहले से कैसे पता था? अगर बीजेपी के लोग और उनके नेता ऐसे बयान देंगे तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता क्या है?



